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Fact Check: प्रयागराज में हुए हादसे के वीडियो को नेपाल आपदा के नाम पर किया जा रहा वायरल 

मलबे में फंसे एक शख्स का वायरल वीडियो नेपाल का नहीं, बल्कि प्रयागराज का है। प्रयागराज के फाफामऊ में एक कोल्ड स्टोरेज में धमाके के बाद कई मजदूर मलबे में फंस गए थे। यह वीडियो उसी रेस्क्यू के दौरान का है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Aug 31, 2026 at 05:12 PM
  • Updated: Sep 1, 2026 at 03:29 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ की वजह से मची तबाही की भयावह  तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं। इसी से जोड़कर एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मलबे में फंसे एक शख्स को निकालने की कोशिश करते हुए कुछ लोगों को देखा जा सकता है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह नेपाल का है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल हो रहा वीडियो नेपाल का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का है। दरअसल, प्रयागराज में एक कोल्ड स्टोरेज में धमाका हो गया था, जिसकी वजह से कई मजदूर मलबे में फंस गए थे। यह वीडियो उसी हादसे के दौरान का है, जिसे अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

क्या हो रहा है वायरल?

एक्स यूजर ‘Deepak Sharma’ ने 30 अगस्त 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “ये दृश्य भयावह है नेपाल में आये सैलाब ने न जाने कितनों को निगल लिया, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो सैलाब के गुज़र जाने के 24 घंटे बाद भी जिंदगी मौत से लड़कर जिन्दा हैं ..व्यक्ति को देखकर रूह काँप उठी।” 

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

https://twitter.com/SonOfBharat7/status/2093968641561665686

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो इंस्टाग्राम यूजर ‘Shivasinghdavid’ के अकाउंट पर 24 मार्च 2026 को शेयर किया हुआ मिला। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो प्रयागराज के फाफामऊ में हुए एक हादसे के बाद का है। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 24 मार्च 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “फाफामऊ थाना क्षेत्र में स्थित ‘आदर्श कोल्ड स्टोरेज’ में अमोनिया टैंक फटने के बाद पूरा स्टोर भरभराकर ढह गया था। इस हादसे में चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हुई, जबकि 17 घायल हुए।”

 

‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “इस घटना का संज्ञान लेते हुए फाफामऊ थाने में मु.अ.सं.-44/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 127, 287, 289, 125(b), 118(1) और आपराधिक कानून अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मामला अंसार अहमद, जावेद, मो. असलम बाबा, अलाउद्दीन, उस्मान मैनेजर, मंजूर, मो. इरफान और चार-पांच अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ पंजीकृत किया गया था।” 

अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण, प्रयागराज के रिपोर्टर राजेंद्र यादव से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वायरल वीडियो प्रयागराज के फाफामऊ में एक कोल्ड स्टोरेज में हुए हादसे के बाद रेस्क्यू का है।

क्या है संदर्भ?

‘Kathmandu Post’ की वेबसाइट पर 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “नेपाल के भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है, जबकि लगभग 4,247 लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ का तेज पानी पीड़ित लोगों और मलबे को नदी के रास्ते दूर तक बहा ले गया इसलिए घटनास्थल से सैकड़ों किलोमीटर दूर भी कई शव मिल रहे हैं।”

‘The Himalayan Times’ की वेबसाइट पर 31 अगस्त 2026 को छपे एक आर्टिकल में लिखा है, “अब तक 10,451 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। नेपाली सेना ने 252 विदेशी नागरिकों और 3,344 नेपालियों को हवाई मार्ग से बचाया है। इनमें 15 चीनी और सात भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। राहत कार्य के लिए कुल 411 हेलीकॉप्टरों ने उड़ानें भरी हैं।”

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले एक्स यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को एक लाख 60 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि मलबे में फंसे एक शख्स का वायरल वीडियो नेपाल का नहीं, बल्कि प्रयागराज का है। प्रयागराज के फाफामऊ में एक कोल्ड स्टोरेज में धमाके के बाद कई मजदूर मलबे में फंस गए थे। यह वीडियो उसी रेस्क्यू के दौरान का है।

  • Claim Review : नेपाल में बाढ़ के बाद मलबे में फंसे शख्स को बचाने का वीडियो।
  • Claimed By : X User-Deepak Sharma
  • Fact Check : झूठ

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