Fact Check: पंजाब के फरीदकोट के गुरु गोविंद सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में रखे वेंटिलेटर्स की तस्वीर भ्रामक दावे के साथ वायरल
- By: Abhishek Parashar
- Published: May 17, 2021 at 06:49 PM
- Updated: May 17, 2021 at 06:54 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच अस्पतालों को वेंटिलेटर की कमी से जूझना पड़ रहा है। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक कमरे में कई सारे वेंटिलेटर्स को बेकार पड़े हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि ये सभी वेंटिलेटर्स पीएम केयर्स फंड के तहत पंजाब भेजे गए थे, लेकिन राज्य सरकार इन वेंटिलेटर्स का इस्तेमाल नहीं कर सकी और उसकी वजह से यह सभी वेंटिलेटर्स संकट के समय में बेकार पड़े हुए हैं।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। वायरल हो रही तस्वीरें वास्तव में पंजाब को भेजी गई वेंटिलेटर्स की है, लेकिन यह मशीनें खराब होने की वजह से इस्तेमाल में नहीं लाई जा सकी और इसके बारे में राज्य सरकार की तरफ से केंद्र सरकार को सूचना दे दी गई थी। वहीं, वायरल हो रहे पोस्ट से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इन वेंटिलेटर्स का राज्य सरकार की लापरवाही की वजह से इस्तेमाल नहीं किया जा सका है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
सोशल मीडिया यूजर ‘जोधाराम चौधरी’ ने वायरल तस्वीर (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, ”बीमार मर रहे हैं पर ये वेंटिलेटर #PMCaresFund से भेजे गये थे,GGSMC फ़रीदकोट,पंजाब के स्टोर रूम में पड़े-पड़े धूल खा रहे हैं Disappointed face क्योंकि पंजाब की कोंग्रेस सरकार अभी उन गुंडों और दलालों को प्रोटेक्शन देने में व्यस्त है जो पिछले कई महीनों से किसानों के भेष में उत्पात मचा रहे हैं।”
अन्य ट्विटर हैंडल ‘@MajorPoonia’ ने वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है, ”It’s unpardonable & criminal ! बीमार मर रहे हैं पर ये वेंटिलेटर/Concentrator जो #PMCaresFund से भेजे गये थे,GGSMC फ़रीदकोट,पंजाब के स्टोर रूम में पड़े-पड़े धूल खा रहे हैं 😞 शायद राज्य सरकारें इंतज़ार कर रही हैं कि @narendramodi खुद आयेंगे और इनको ले जाकर ICU में लगायेंगे।”
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कई अन्य यूजर्स ने इस तस्वीर को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
गूगल रिवर्स इमेज सर्च किए जाने पर हमें यह तस्वीर ट्रिब्यून इंडिया की वेबसाइट पर 12 मई 2021 को प्रकाशित न्यूज रिपोर्ट में मिली।

रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, ‘फरीदकोट के गुरु गोविंद सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GGSMCH) को पीएम केयर्स फंड के तहत मिले 80 में से 71 वेंटिलेटर्स तकनीकी खराबी से युक्त मिले, जिसकी वजह से इन्हें इस्तेमाल में नहीं लाया जा सका।’ खबर के मुताबिक, ‘बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (GGSMCH इसी यूनिवर्सिटी का कॉलेज है) की तरफ से सरकार को इस बारे में सूचना दे दी गई है।’
यह तस्वीर दैनिक जागरण के जालंधर मुख्य संस्करण में 12 मई को छपी खबर में भी इस्तेमाल की गई है।

दैनिक जागरण के जालंधर मुख्य संस्करण में 12 मई को प्रकाशित खबर
हमें न्यूज एजेंसी ANI का 12 मई को जारी ट्वीट मिला, जिसमें पंजाब के कोटकापुरा से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलतार सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा था कि पीएम केयर्स फंड की तरफ से मिले वेंटिलेटर्स गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (फरीदकोट) में बेकार पड़े हुए हैं। उन्होंने इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से कार्रवाई किए जाने की अपील की थी।
उनके इस आरोप के बाद बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट के वाइस चांसलर ने बताया था, ‘हमें पीएम केयर्स फंड की तरफ से 82 वेंटिलेटर्स मिले थे, जिसमें से 62 शुरू से काम नहीं कर रहे थे, क्योंकि इनकी गुणवत्ता ठीक नहीं थी। आज की तारीख में हमारे पास केवल 42 काम कर रहे वेंटिलेटर्स हैं।’
इसके बाद 11 अप्रैल को स्वास्थ्य मंत्रालय ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा, ‘पंजाब को 809 वेंटिलेटर्स आवंटित किए गए हैं, जिसमें से केवल 558 वेंटिलेटर्स ही लगाए जा सके हैं, जबकि 251 को अभी तक इस्तेमाल में नहीं लाया गया है।’
इसके बाद एक मई को पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र लिखकर बताया वेंटिलेटर्स इसलिए नहीं लगाए गए हैं, क्योंकि उनमें खराबी है।
हमारे सहयोगी दैनिक जागरण के जालंधर के स्थानीय संपादक अमित शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया, ‘पीएम केयर्स फंड की तरफ से जो वेंटिलेटर्स मुहैया कराए गए थे, उनमें से कई खराब थे और इसकी वजह से उन्हें अस्पतालों में नहीं लगाया जा सका। राज्य सरकार की तरफ से इस बारे में शिकायत किए जाने पर कंपनी के तकनीशियनों की टीम ने इसे आकर ठीक किया और अब इन्हें अस्पतालों में लगाया जा चुका है।’ उन्होंने कहा, ‘यह तस्वीर फरीदकोट के गुरु गोविंद सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GGSMCH) की ही है।’
निष्कर्ष: पंजाब के फरीदकोट के गुरु गोविंद सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GGSMCH) में कमरे में पड़े वेंटिलेटर्स की तस्वीर गलत दावे के साथ वायरल हो रही है। राज्य सरकार को पीएम केयर्स फंड की तरफ से मिले वेंटिलेटर्स में कई मशीनें तकनीकी रूप से खराब होने की वजह से अस्पतालों में नहीं लगाई जा सकी थीं और इस वजह से उन्हें एक कमरे में रखा गया था और इसी तस्वीर को इस दावे के साथ वायरल किया जा रहा है कि राज्य सरकार वेंटिलेटर्स का इस्तेमाल नहीं कर पाई और वह ऐसे ही रखी हुई हैं।
- Claim Review : पंजाब के फरीदकोट के अस्पताल में वेंटिलेटर्स का इस्तेमाल नहीं कर रही पंजाब सरकार
- Claimed By : Twitter User-जोधाराम चौधरी
- Fact Check : भ्रामक
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