X
X

Fact Check: धीरेंद्र शास्त्री को पदयात्रा के दौरान औरंगजेब की फोटो दिखाए जाने का दावा भ्रामक

औरंगाबाद में चुनाव प्रचार के दौरान दो उम्मीदवारों के समर्थक आमने-सामने आ गए थे, जिसके बाद दोनों तरफ से नारेबाजी हुई थी। उस दौरान के वीडियो को धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। पदयात्रा की शुरुआत 21 नवंबर को हुई है, जबकि वायरल वीडियो 18 नवंबर से इंटरनेट पर मौजूद है। हालांकि, विश्‍वास न्‍यूज आपत्तिजनक नारों की पुष्टि नहीं करता है।

Fact Check, Maharashtra election, Aurangabad, dhirendra krishna shastri,

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पदयात्रा निकाल रहे हैं। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें विशेष समुदाय के कुछ लोगों को भाजपा व शिवसेना के समर्थकों के सामने औरंगजेब की तस्वीर लिए हुए और ‘औरंगजेब जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर कर यूजर्स दावा कर रहे हैं कि धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा में शामिल लोगों को मुसलमानों ने औरंगजेब की तस्वीर दिखाई और आपत्तिजनक नारे लगाए।

विश्‍वास न्‍यूज की जांच में वायरल दावा भ्रामक निकला। दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा 21 नवंबर को शुरू हुई है, जबकि वायरल वीडियो 18 नवंबर से इंटरनेट पर मौजूद है। औरंगाबाद में चुनाव प्रचार के दौरान दो उम्मीदवारों के समर्थकों के आमने-सामने आने पर इस तरह के नारे लगाए गए थे। उस वीडियो को धीरेंद्र शास्त्री से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, विश्‍वास न्‍यूज आपत्तिजनक नारों की पुष्टि नहीं करता है।

क्या है वायरल पोस्ट?

फेसबुक यूजर Swami Ramananda ने 28 नवंबर को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,

बाबा बागेश्वर जी की पद यात्रा ।
बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा को हाईवे के दूसरी ओर से मुसलमान ने औरंगजेब के फोटो दिखाए और नारे लगाए औरंगजेब तेरा बाप…. औरंगजेब तेरा बाप
अभी अगर हिंदू एक न हुऐ तो ये औरंगजेब की औलादें तुम्हारा क्या करेंगी सोच लो… वे तुम्हारी जाति देखकर तुम्हारा गला नहीं काटते…. वे तुम्हारा धर्म देखकर तुम्हारा गला काटते हैं…….. वीडियो अपने 10 मित्रों, रिश्तेदारों को अवश्य भेजें कि देखो ये क्या हो रहा है

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो को ध्यान से देखा। इसमें ‘वोट फॉर जावेद कुरैशी, औरंगाबाद’ का प्लाकार्ड दिख रहा है।

इस आधार पर हमने कीवर्ड से गूगल पर सर्च किया तो फैसबुक यूजर Javeed Qureshi के पेज पर वायरल वीडियो मिला। 18 नवंबर को पोस्ट किए गए इस वीडियो के साथ में लिखा है कि औरंगाबाद मध्य वंचित के उमीदवार जावेद कुरैशी और दूसरे उम्मीदवार प्रदीप जायसवाल के समर्थक आमने-सामने आ गए।

प्रोफाइल के अनुसार, जावेद कुरैशी औरंगाबाद से राजनीतिज्ञ हैं।

औरंगाबाद अपडेट्स यूट्यूब चैनल पर 18 नवंबर को अपलोड वीडियो में जावेद कुरैशी की रैली को दिखाया गया है। इसमें वायरल वीडियो में दिख रहे उनके समर्थकों को औरंगजेब की फोटो लिए देखा जा सकता है।

भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, औरंगाबाद सेंट्रल से शिवसेना के उम्मीदवार प्रदीप जायसवाल ने जीत दर्ज की है। यहां से वंचित बहुजन अघाड़ी के जावेद चौथे स्थान पर रहे।

बागेश्वर धाम के एक्स हैंडल से 20 नवंबर को पोस्ट कर जानकारी दी गई है कि पदयात्रा 21 नवंबर से शुरू होगी और 29 नवंबर तक चलेगी।

इससे साफ हो गया कि वायरल वीडियो धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा से पहले का है। हालांकि, वीडियो के साथ किए जा रहे आपत्तिजनक नारों के दावे की हम पुष्टि नहीं करते हैं।

इस बारे में औरंगाबाद अपडेट्स यूट्यूब चैनल के संपादक जावेद पटेल का कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री हाल-फिलहाल में औरंगाबाद में नहीं आए हैं। वायरल वीडियो चुनाव प्रचार के दौरान का है। यहां 20 नवंबर को वोट पड़े थे। उससे पहले दो उम्मीदवारों जावेद कुरैशी और प्रदीप जायसवाल के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। यह वीडियो उस दौरान का है।

वीडियो को गलत दावे से वायरल करने वाले फेसबुक यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। छोटा उदेपुर के रहने वाले यूजर के करीब 9400 फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: औरंगाबाद में चुनाव प्रचार के दौरान दो उम्मीदवारों के समर्थक आमने-सामने आ गए थे, जिसके बाद दोनों तरफ से नारेबाजी हुई थी। उस दौरान के वीडियो को धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। पदयात्रा की शुरुआत 21 नवंबर को हुई है, जबकि वायरल वीडियो 18 नवंबर से इंटरनेट पर मौजूद है। हालांकि, विश्‍वास न्‍यूज आपत्तिजनक नारों की पुष्टि नहीं करता है।

  • Claim Review : धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा में शामिल लोगों को मुसलमानों ने औरंगजेब की तस्वीर दिखाई और आपत्तिजनक नारे लगाए।
  • Claimed By : FB User- Swami Ramananda
  • Fact Check : झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later