Fact Check: पीएम मोदी ने राज्यसभा में नेहरू की चिट्ठी पढ़ते हुए उन्हें बताया था “आरक्षण विरोधी”
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को फर्जी पाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेहरू की लिखी चिट्ठी केअंश को पढ़ते हुए उन्हें “आरक्षण विरोधी” बताया था और उनके इसी भाषण के आधे-अधूरे अंश को सोशल मीडिया पर अब फर्जी दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Dec 13, 2024 at 10:30 AM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो क्लिप वायरल है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने संसद में कथित तौर पर आरक्षण विरोधी बयान दिया। वायरल वीडियो क्लिप में प्रधानमंत्री को आरक्षण के बारे में बोलते हुए सुना जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल हो रहा वीडियो क्लिप एडिटेड है। असल में प्रधानमंत्री मोदी ने जवाहर लाल नेहरू की मुख्यमंत्रियों को लिखी चिट्ठी का जिक्र करते हुए उन्हें “आरक्षण विरोधी” बताया था।
क्या है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘gautamsadavarte’ ने वायरल क्लिप (आर्काइव लिंक) को शेयर किया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “…….मैं किसी भी आरक्षण को पंसद नहीं करता….और खासकर नौकरी में आरक्षण तो कतई नहीं….मैं ऐसे किसी भी कदम के खिलाफ हूं जो अकुशलता को बढ़ावा देते हैं…….!” इसे शेयर करते हुए यूजर में लिखा है, “दलितों जब वोट डालने जाओ तो ये वीडियो जरूर देख लेना, पहले आरक्षण को खत्म करेगें फिर संविधान को।”
पड़ताल
वायरल क्लिप लोकसभा चुनावों के दौरान भी फर्जी दावे के साथ वायरल हुआ था और उस समय भी विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की थी। उस समय हमें यह पूरा वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएमओ समेत कई अन्य आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर मिला था, जो सात फरवरी 2024 को लाइव स्ट्रीम किया गया था।
39 मिनट 20 सेकेंड के फ्रेम पर वायरल क्लिप वाला हिस्सा आता है। उस समय विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा था “………मैं आदर पूर्वक नेहरू जी को इन दिनों ज्यादा याद करता हूं। एक बार नेहरू जी ने एक चिट्ठी लिखी थी और ये चिट्ठी मुख्यमंत्रियों को लिखी थी। मैं उसका अनुवाद पढ़ रहा हूं….उन्होंने लिखा था..ये देश के प्रधानमंत्री नेहरू जी द्वारा उस समय के देश के मुख्यमंत्रियों को लिखी गई चिट्ठी है। ऑन रिकॉर्ड है, मैं अनुवाद पढ़ रहा हूं।” मोदी नेहरू की लिखी गई इसी चिट्ठी का जिक्र करते हुए आगे कहते हैं, “मैं (नेहरू) किसी भी आरक्षण को पसंद नहीं करता…और खासकर नौकरी में आरक्षण को कतई नहीं। मैं (नेहरू) ऐसे किसी भी कदम के खिलाफ हूं, जो अकुशलता को बढ़ावा दे, जो दोयम दर्जे की तरफ ले जाए। ये पंडित नेहरू की मुख्यमंत्रियों को लिखी हुई चिट्ठी है।”
कई अन्य न्यूज रिपोर्ट्स में भी प्रधानमंत्री के इस भाषण का ऑरिजिनल वीडियो क्लिप उपलब्ध है।
वायरल वीडियो क्लिप को लेकर विश्वास न्यूज ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. विजय सोनकर शास्त्री से भी संपर्क किया था। उन्होंने इसे फेक और एडिटेड बताया था।
वायरल क्लिप को फेक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर ‘gautamsadavarte’ को इंस्टाग्राम पर करीब 34 हजार से अधिक यूजर फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को फर्जी पाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेहरू की लिखी चिट्ठी केअंश को पढ़ते हुए उन्हें “आरक्षण विरोधी” बताया था और उनके इसी भाषण के आधे-अधूरे अंश को सोशल मीडिया पर अब फर्जी दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया आरक्षण विरोधी बयान।
- Claimed By : Instagram User ‘gautamsadavarte’
- Fact Check : झूठ
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