Fact Check: साइबर फ्रॉड के मकसद से डीएसपी सुनील दत्त दुबे के फेक वीडियो वायरल, तस्वीरों का भी हुआ इस्तेमाल
डीएसपी सुनील दत्त दुबे का फेक वीडियो वायरल कर साइबर फ्रॉड की कोशिश की गई है। इससे पहले भी साइबर अपराधियों ने सुनील दुबे की तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाने की कोशिश की है। उनके नाम व तस्वीर का इस्तेमाल कर साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट की भी कोशिश की है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Jan 23, 2025 at 03:21 PM
- Updated: Jan 23, 2025 at 03:52 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। हाल ही में पुलिस अधिकारियों के नाम से कुछ फेक वीडियो सामने आए हैं, जिनके जरिए साइबर फ्रॉड की कोशिश की गई। अब डीएसपी सुनील दत्त दुबे के नाम से एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इसमें उनको कथित तौर पर गरीब लोगों को 2-2 लाख रुपये का वादा करते हुए दिखाया गया है। इसके जरिए लोगों से कमेंट में अपना मोबाइल नंबर देने को कहा गया है। पोस्ट में ओल्ड क्वाइंस कंपनी इंडिया करेंसी मुंबई भी लिखा हुआ है।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट साइबर फ्रॉड से संबंधित निकली। डीएसपी सुनील दत्त दुबे का फेक वीडियो शेयर कर साइबर अपराधी लोगों का डेटा जमा कर रहे हैं और फ्रॉड करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले भी उनके कुछ फेक वीडियो पोस्ट कर साइबर साइबर फ्रॉड की कोशिश की जा चुकी है। साइबर अपराधी उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर डिजिटल अरेस्ट जैसी कोशिश भी कर चुके हैं। इनके बारे में वह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों को आगाह कर चुके हैं।
वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर All india ने 22 जनवरी को इस वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर 10 लाख के साथ एक मोबाइल नंबर दिया गया है। वीडियो में सुनील दत्त दुबे को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह गरीबों को दो-दो लाख रुपये देंगे। इसके लिए कमेंट में अपना मोबाइल नंबर देने को भी कहा गया है।

पड़ताल
वीडियो में पुलिस अधिकारी खुद को एसपी सुनील दत्त बता रहे हैं। इस आधार पर कीवर्ड से सर्च करने पर हमें डीएसपी सुनील दत्त दुबे के नाम से बने यूट्यूब चैनल पर 14 अप्रैल 2024 को अपलोड वीडियो क्लिप मिली। इसमें सुनील दत्त को यातायात प्रबंधन के लिए लोगों से नियमों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।
वायरल क्लिप और यूट्यूब चैनल पर अपलोड क्लिप में बैकग्राउंड और पर्दे का रंग एक-सा है। दोनों क्लिप्स में बस आवाज और मैसेज बदला हुआ है।

सुनील दुबे के फेसबुक अकाउंट से इसी तरह की एक अन्य पोस्ट को फेक बताते हुए शेयर किया गया है। इसमें उनकी तस्वीर का इस्तेमाल करके पुराने सिक्के और नोट बेचने की पोस्ट की गई है।

इस पोस्ट को उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 जनवरी को अपलोड किया गया है। इसके साथ में लिखा है, “मेरी पिक फेसबुक से अपलोड करके साइबर अपराधी इस तरह के भ्रामक विज्ञापन इंस्टा आईडी एवं अन्य सोशल मीडिया चैनलों पर भेजते रहते हैं किसी लालच में मत आए कभी वह वीडियो को अपलोड करके एडिट करके आपको 2 लख रुपए देने का कभी आपके पुराने सिक्के खरीदने के नाम पर आपको ठगने का प्रयास करते हैं सावधान रहें सतर्क रहें। अगर कोई भी साइबर अपराधी आपको मुफ्त में ₹200000 देने अथवा आपको नौकरी दिलवाने गिरफ्तारी का भय दिखाने तथा किसी रिश्तेदार की बीमार होने अथवा किसी रिश्तेदार के विरुद्ध कोई अपराध पंजीकृत होने के संबंध में कॉल करता तो समझ लेना वह साइबर अपराधी है। यह साइबर अपराधी पुलिस अधिकारियों की फोटो व वीडियो यूज करते हैं।“

इससे यह साफ हो गया कि सुनील दत्त दुबे के वीडियो में आवाज बदलकर उसे वायरल किया गया है।
यूट्यूब चैनल पर हमें कुछ और वीडियो मिले, जिससे पता चला कि उनकी तस्वीर का इस्तेमाल करके एक महिला को डिजिटल अरेस्ट की कोशिश की गई। इस पर पाकिस्तान का नंबर (+92) दिख रहा है। इस वीडियो को पोस्ट कर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा 17 मई 2024 को भी पुलिस अधिकारी का एक फेक वीडियो पोस्ट करते हुए सबको सावधान किया गया है। इसमें सुनील दत्त दुबे के वीडियो में आवाज बदलकर साइबर फ्रॉड की कोशिश की गई थी।
इस बारे में सुनील दुबे का कहना है, “यह फेक वीडियो है। इस वीडियो पर हजारों लोगों ने अपना फोन नंबर दे दिया था। इस बारे में मैंने लोगों को आगाह भी किया था। इससे पहले भी मेरी तस्वीर और वीडियो का इस्तेमाल करके फ्रॉड करने की कोशिश की गई थी। इस बारे में हमने केस दर्ज कर जांच की थी। आरोपी की लोकेशन मेवात और भरतपुर की निकली थी। मैं लोगों को डिजिटल फ्रॉड से सावधान करने के लिए वीडियो बनाता हूं।“
उन्होंने हमारे साथ कुछ वीडियो और एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किए। इनमें एक वीडियो में उनको घर बैठे काम करने के बारे में बताते हुए देखा जा सकता है, जबकि दूसरे वीडियो में उनके नाम से पार्सल के नाम पर ठगी की कोशिश की गई है। तीसरे वीडियो में उनको मुंबई एयरपोर्ट सीबीआई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों को एयरपोर्ट पर आने वाली दिक्कतों के लिए बताए गए नंबर पर संपर्क करने को कहा गया था। स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि उनको दिल्ली पुलिस का आईपीएस अधिकारी बताते हुए गिरफ्तारी की धमकी देकर ठगने की कोशिश की गई थी।

इसके बाद हमने पोस्ट में दिए गए नंबर पर कॉल की, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला।
इससे पहले भी आईपीएस अंकिता शर्मा का डीपफेक वीडियो इस्तेमाल करके कथित तौर पर घर बैठे पेंसिल पैक करने कर 30 हजार रुपये की सैलरी मिलने का दावा करते दिखाया गया था। जबकि खरगौन के डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा का फेक वीडियो वायरल कर पुराने सिक्के बेचने के लिए दिए गए फोन नंबर पर कॉल करने को कहा गया था। विश्वास न्यूज की पड़ताल में सामने आया था कि आईपीएस अधिकारियों के फेक वीडियो वायरल कर साइबर अपराधी लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे थे।
डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड से संबंधित एक्सप्लेनर्स को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पुलिस अधिकारी सुनील दुबे का वीडियो शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। इस पेज से पुराने नोट और सिक्के बदलने की दो अन्य पोस्ट भी की गई हैं।
निष्कर्ष: डीएसपी सुनील दत्त दुबे का फेक वीडियो वायरल कर साइबर फ्रॉड की कोशिश की गई है। इससे पहले भी साइबर अपराधियों ने सुनील दुबे की तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाने की कोशिश की है। उनके नाम व तस्वीर का इस्तेमाल कर साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट की भी कोशिश की है।
- Claim Review : रिटायर डीएसपी सुनील दत्त दुबे के गरीबों की मदद के लिए मांग रहे फोन नंबर।
- Claimed By : FB User- All india
- Fact Check : झूठ
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