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Fact Check : एक मार्च 2025 से नहीं बढ़ा ट्रैफिक फाइन, पुराने प्रावधान को किया जा रहा है वायरल

एक सितंबर 2019 में केंद्र सरकार ने मोटर वाहन संशोधन कानून, 2019 के 63 प्रावधानों को लागू किया था। इसके बाद कोई नया संशोधन लागू नहीं किया गया है।

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया पर एक पोस्‍ट वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि दिल्‍ली में ट्रैफिक के चालान के रेट बढ़ गए हैं। इसे हालिया समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर करते हुए दिल्‍ली की वर्तमान सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने इसकी विस्‍तार से जांच की। दावा भ्रामक साबित हुआ। जांच में पता चला कि एक सितंबर 2019 में केंद्र सरकार ने मोटर वाहन संशोधन कानून, 2019 के 63 प्रावधानों को लागू किया था। इसके बाद कोई नया संशोधन लागू नहीं किया गया है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर बेबाक चर्चा ने 10 मार्च को एक पोस्‍ट करते हुए दावा किया, “दिल्ली मैं ट्रैफिक के चालान के रेट बढ़ गए हैं ध्यान से गाड़ी चलायें।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल दावे की सच्‍चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल किया। दावे से संबंधित कीवर्ड बनाकर सर्च करने पर हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली, जो वायरल दावे की पुष्टि कर सके। क्‍योंकि यदि दिल्‍ली में इतना बड़ा फैसला लिया जाता है तो वह जरूर मीडिया की सुर्खियां बनता। इससे यह साफ हो गया कि वायरल पोस्‍ट में सच्‍चाई नहीं है।

सर्च के दौरान हमें भास्‍कर डॉट कॉम पर छह साल पुरानी एक खबर मिली। इसमें बताया गया कि एक सितंबर 2019 से केंद्र सरकार ने मोटर वाहन संशोधन कानून, 2019 के 63 प्रावधानों को लागू कर दिया है। कांग्रेस शासित मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब के साथ ही पश्चिम बंगाल और तेलंगाना की राज्य सरकारों ने नए कानून को लागू नहीं किया।

इस खबर में नए कानून से हुए प्रमुख बदलाव को भी विस्‍तार से बताया गया। इसे नीचे देखा जा सकता है।

इस कानून की प्रति इस लिंक पर क्लिक करके विस्‍तार से पढ़ी जा सकती है। इसमें कई संशोधन के बाद 2019 में लागू किया गया। कानून से जुड़े भारत के राजपत्र को यहां पढ़ा जा सकता है।

जांच के दौरान हमें पीआईबी की वेबसाइट पर एक प्रेस नोट मिली। 28 अगस्‍त 2019 के इस प्रेस नोट में बताया गया कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 के प्रावधानों को अधिसूचित किया है, जो 1 सितंबर 2019 से लागू होंगे। ये ऐसे प्रावधान हैं, जिनके लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में किसी और संशोधन की आवश्यकता नहीं है।

विश्‍वास न्‍यूज ने विस्तार से जांच करने के लिए एक्‍स को खंगाला। हमें पीआईबी इंडिया और डीडी न्यूज पर इससे जुड़ी पुरानी पोस्‍ट मिलीं। पीआईबी इंडिया की ओर से एक अगस्‍त 2019 को की गई पोस्ट में नए जुर्माने के बारे में जानकारी दी गई थी। इसी तरह डीडी न्यूज ने एक सितंबर 2019 को पोस्ट करते हुए लिखा कि मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट 2019 आज से लागू हो गया है, अब रेड लाइट तोड़ने पर देना होगा 5000 रुपए का जुर्माना, नशे में गाड़ी चलाने पर 10 हजार का जुर्माना और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर भरने होंगे 5000 रुपए।

अब तक की पड़ताल से यह साफ हो गया कि ट्रैफिक चालान के जुर्माने में बदलाव 2019 में हुआ था।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए सहयोगी दैनिक जागरण, दिल्ली के प्रमुख संवाददाता वीके शुक्‍ला से संपर्क किया। उन्‍होंने जानकारी देते हुए वायरल पोस्‍ट को गलत बताया। उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2019 के बाद मोटर वाहन कानून में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच के दौरान नोएडा के डीसीपी ट्रैफिक लखन सिंह यादव से संपर्क किया। उन्‍होंने कहा कि हाल-फिलहाल में ऐसी कोई सूचना नहीं आई है। जुर्माने से जुड़ा बदलाव 2019 में ही किया गया था। यह पुराना है।

जांच के अंत में वायरल पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की गई। फेसबुक यूजर बेबाक चर्चा को 11 हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर रूद्रपुर का रहने वाला है।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई। दिल्‍ली में एक मार्च से ट्रैफिक जुर्माना नहीं बढ़ाया गया है। मोटर वाहन कानून में 2019 में बदलाव हुआ था। उसी वक्‍त जुर्माने में इजाफा किया गया था। उसके बाद कोई बदलाव नहीं हुआ है।

  • Claim Review : दिल्‍ली में एक मार्च से बढ़ाया गया ट्रैफिक चालान का जुर्माना
  • Claimed By : FB User Bebak Charcha
  • Fact Check : भ्रामक

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