Fact Check: PM मोदी ने नहीं कहा कि चीनी दार्शनिक ह्नेनसांग उनके गांव के थे, वायरल दावा भ्रामक है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह नहीं कहा कि चीनी दार्शनिक ह्नेनसांग उनके गांव के रहने वाले थे। वायरल क्लिप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पॉडकास्ट का है, जिसमें उन्होंने भारत यात्रा के दौरान ह्नेनसांग के उनके गांव वडनगर में रुकने का जिक्र किया था और चीनी राष्ट्रपति के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने इसी वजह से गुजरात जाने की इच्छा जाहिर की थी।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Mar 24, 2025 at 03:33 PM
- Updated: Mar 25, 2025 at 01:37 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। हाल ही में जेरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला पॉडकास्ट किया था, जिसमें उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत से लेकर कई मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। इसी पॉडकास्ट के एक वीडियो क्लिप को शेयर कर यह दावा किया जा रहा है उन्होंने इस बातचीत के दौरान कथित तौर पर यह दावा किया कि चीनी दार्शनिक ह्वेनसांग उनके गांव के ही रहने वाले थे। इस वीडियो क्लिप शेयर करते हुए उन पर झूठा दावा करने का आरोप लगाया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया, जिसे सियासी दुष्प्रचार की मंशा से शेयर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निखिल कामत के साथ बाचतीत में कहा था कि ह्वेनसांग अपने भारत प्रवास के दौरान उनके गांव में रहे थे। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा था कि वे प्रधानमंत्री बने तो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें बधाई देने के लिए कॉल किया था। इस दौरान उन्होंने गुजरात के वडनगर जाने की इच्छा जाहिर की थी। जिनपिंग की इस बात पर मोदी ने जब उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरा-आपका विशेष रिश्ता है, क्योंकि ह्वेनसांग सबसे ज्यादा समय आपके गांव वडनगर में रहे और जब वह वापस चीन लौट तो मेरे गांव में रहे। पीएम मोदी ने इस बातचीत के दौरान कभी भी यह नहीं कहा कि ह्वेनसांग उनके गांव के रहने वाले थे।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘sanjay_educare’ ने वायरल वीडियो क्लिप (आर्काइव लिंक) को शेयर किया है, जिस पर लिखा हुआ है, “चीनी दार्शनिक मेरे गांव के हैं।”

पड़ताल
वायरल वीडियो क्लिप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पॉडकास्ट का है, जिसे निखिल कामत ने होस्ट किया था। यह पॉडकास्ट (फुल एपिसोड) नरेंद्र मोदी के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।
वायरल क्लिप इसी पॉडकास्ट का हिस्सा है। ऑरिजिनल पॉडकास्ट वीडियो में 6.14 सेकेंड के फ्रेम से आगे देखने पर वायरल क्लिप का संदर्भ स्पष्ट हो जाता है, जिसमें पीएम मोदी अपने बचपन के बारे में बता रहे हैं। वे कहते हैं, “….मैंने कहीं पढ़ा था कि चाइनीज फिलॉस्फर ह्वेनसांग मेरे गांव में रहे थे…तो उस पर एक फिल्म बनाने वाले थे….तो मैंने उस समय यहां एंबेसी या किसी को चिट्ठी लिखी थी कि भाई मैंने कहीं पढ़ा है कि आप ह्वेनसांग के लिए फिल्म बना रहे हैं…(रुककर बोलते हुए) तो वे मेरे गांव में रहते थे…तो उसको भी कहीं जिक्र करना। ऐसा करके मैंने कुछ प्रयत्न किया था…वो बहुत साल पहले की बात है।”
वडनगर की ऐतिहासिक विरासत के बारे में वे आगे बात करते हुए कहते हैं, “….2014 में जब मैं प्रधानमंत्री बना तो स्वाभाविक रूप से दुनिया की लीडर्स कर्टसी (शिष्टाचार) कॉल करते हैं। तो चीन के राष्ट्रपति…राष्ट्रपति शी, उनका कर्टसी कॉल आया…शुभकामनाएं वगैरह वगैरह बाते हुईं…तो उन्होंने खुद ने कहा कि मैं भारत आना चाहता हूं। मैंने कहा, बिलकुल स्वागत है, आपका…जरूर आइए। लेकिन मैं गुजरात जाना चाहता हूं। मैंने कहा कि वो तो और अच्छी बात है। तो उन्होंने कहा कि मैं तुम्हारे गांव वडनगर जाना चाहता हूं। तो मैंने कहा कि क्या बात है, आपने यहां तक का कार्यक्रम बना लिया है। बोले तुम्हें मालूम है क्यों…तो मैंने कहा कि मुझे नहीं मालूम।”
इसके बाद शी ने कहा, “….मेरा और तुम्हारा (मोदी) एक स्पेशल नाता है। मैंने कहा…क्या? ह्वेनसांग जो चाइनीज फिलॉस्फर था, वो सबसे ज्यादा समय तुम्हारे गांव में रहा था। लेकिन वापिस जब आया चाइना…तो मेरे गांव में रहा था। तो बोले कि ये हम दोनों का कनेक्ट है।”
हमारी जांच से स्पष्ट है कि मोदी ने ह्नेनसांग की भारत यात्रा के दौरान उनके गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में रुकने का जिक्र किया था, न कि यह कहा कि वे उनके गांव के रहने वाले थे।
नालंदा यूनिवर्सिटी और बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, ह्वेनसांग मेमोरियल हॉल बिहार में मौजूद है, जिसे ह्नेनसांग की याद में बनाया गया है। ह्वेनसांग नालंदा विश्वविद्यालय में पढ़ें और बाद में वे यहां के शिक्षक भी रहें।

बताते चलें कि ह्नेनसांग चीनी यात्री, विद्वान, बौद्ध, यात्री और अनुवादक थे। वे भारत में हर्षवर्द्धन के समय में आए और उनकी भारत यात्रा 629 से 645 ईस्वी के बीच की रही।
वायरल वीडियो को लेकर हमने बीजेपी प्रवक्ता डॉ. बिजय सोनकर शास्त्री से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी बातचीत में ह्नेनसांग की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए उनके वडनगर में रुकने का जिक्र किया था।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, “ह्वेनसांग पैदल चलकर भारत के कई राज्यों से होते हुए नालंदा पहुंचा। इसी बीच वो पीएम मोदी के गांव वडनगर भी गया, जहां वह कुछ समय तक रुका। जब वह चीन वापस पहुंचा तो उसने वडनगर का उच्चारण ओ-नान-टू-पु-लो किया, जिसका अनुवाद आनंदपुर है। ये नाम वडनगर के प्राचीन शहर का है।”
रिपोर्ट के मुताबिक, “ह्वेनसांग ने लिखा था कि वडनगर में करीब दस संघाराम हैं, जिनमें 1,000 से कम भिक्षु हैं। वे बौद्ध धर्म के हीनयान संप्रदाय को मानते हैं। ये लोग सम्मतीय संप्रदाय के मुताबिक अध्ययन करते हैं। वडनगर में कई बड़े देव मंदिर हैं, विभिन्न प्रकार के संप्रदाय के लोग वहां आते हैं।”
पीएमओ के आधिकारिक हैंडल पर 17 सितंबर 2014 को अपलोड किया गया वीडियो मौजूद है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का अहमदाबाद के हयात होटल में स्वागत करते हुए नजर आ रहे हैं और यहीं पर उन्हें शी जिनपिंग को ह्नेनसांग की भारत यात्रा के बारे में बताते हुए देखा जा सकता है।
वायरल वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को इंस्टाग्राम पर करीब तीन हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह नहीं कहा कि चीनी दार्शनिक ह्नेनसांग उनके गांव के रहने वाले थे। वायरल क्लिप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पॉडकास्ट का है, जिसमें उन्होंने भारत यात्रा के दौरान ह्नेनसांग के उनके गांव वडनगर में रुकने का जिक्र किया था और चीनी राष्ट्रपति के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने इसी वजह से गुजरात जाने की इच्छा जाहिर की थी।
- Claim Review : PM मोदी ने कहा कि चीनी दार्शनिक ह्नेनसांग उनके गांव के रहने वाले थे।
- Claimed By : Insta User-sanjay_educare
- Fact Check : भ्रामक
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