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Fact Check : पुलिसकर्मी को पीटता शख्स टीएमसी एमएलए नहीं, पुराना वीडियो गलत दावे के साथ वायरल

पुलिसकर्मी को पीटते शख्स के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो हाल-फिलहाल में हुई घटना का नहीं है, बल्कि साल 2018 का है, जब मेरठ में तत्कालीन बीजेपी पार्षद मनीष चौधरी ने रेस्टोरेंट में खाना खाने आये कथित तौर पर नशे में धुत एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की थी। मनीष चौधरी का साल 2021 में निधन हो चुका है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक पुलिसवाले के साथ मारपीट करते हुए शख्स का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह घटना बंगाल की है। जहां पर तृणमूल कांग्रेस के विधायक मंसूर मोहम्मद दिमीर ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वीडियो हाल-फिलहाल में हुई घटना का नहीं है, बल्कि साल 2018 का है। जब मेरठ में तत्कालीन बीजेपी पार्षद मनीष चौधरी ने रेस्टोरेंट में खाना खाने आये कथित तौर पर नशे में धुत एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की थी। मनीष चौधरी का साल 2021 में निधन हो चुका है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘अजय सनातनी’ ने 23 मार्च 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “बंगाल के MLA मंसूर मोहम्मद दिमीर को देखिये। जब पुलिस की वर्दी में ड्यूटी पर तैनात पुलिस का ये हाल है तो बंगाल के वोटरों का क्या हाल होगा…! इस वीडियो को इतना शेयर करें कि ये पूरे भारत में दिखे। वर्दी में बंगाल पुलिस को टीएमसी MLA मोहम्मद दिमीर ने पीटा।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट आजतक की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट के अनुसार, “मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित बीजेपी के वार्ड 40 से पार्षद मनीष कुमार के रेस्टॉरेंट का था। नशे में धुत दरोगा सुखपाल एक महिला वकील मित्र के साथ खाना खाने पहुंचे थे। इस दौरान उनकी पहले रेस्टॉरेंट कर्मियों से कहासुनी हुई और फिर बीजेपी पार्षद मनीष चौधरी से मारपीट हो गई थी।”

अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पर देखा जा सकता है। 

टाइम्स नाउ न्यूज की वेबसाइट पर 20 अक्टूबर 2018 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो वायरल होने और मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन पार्षद मनीष कुमार को गिरफ्तार किया था। साथ ही पुलिसकर्मी पर नशे में होने के आरोप लगे थे, जिसके बाद पुलिसकर्मी को पुलिस लाइन भेज दिया था और जांच के आदेश दिये गये था।

हमें जांच के दौरान दावे से जुड़ी एक वीडियो रिपोर्ट एनडीटीवी की आधिकारिक वेबसाइट पर मिली। वीडियो को 20 अक्टूबर 2018 को अपलोड किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो मेरठ में हुई घटना का है और पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करता शख्स तत्कालीन बीजेपी पार्षद मनीष चौधरी था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर 16 अप्रैल 2021 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन बीजेपी पार्षद मनीष चौधरी का निधन हो गया था। उनका शव उन्हीं की कार में मिला था।

अधिक जानकारी के लिए हमने मेरठ दैनिक जागरण के क्राइम रिपोर्टर लोकेश पंडित से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो मेरठ में हुई एक घटना का था और वीडियो में नजर आ रहे शख्स तत्कालीन बीजेपी पार्षद मनीष चौधरी थे। उनका निधन हो चुका है। 

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। प्रोफाइल पर यूजर ने खुद को उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष : विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पुलिसकर्मी को पीटते शख्स के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो हाल-फिलहाल में हुई घटना का नहीं है, बल्कि साल 2018 का है, जब मेरठ में तत्कालीन बीजेपी पार्षद मनीष चौधरी ने रेस्टोरेंट में खाना खाने आये कथित तौर पर नशे में धुत एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की थी। मनीष चौधरी का साल 2021 में निधन हो चुका है।

  • Claim Review : बंगाल के टीएमसी एमएलए मंसूर मोहम्मद दिमीर ने पुलिसकर्मी के साथ की मारपीट।
  • Claimed By : FB User Ajay Sanatani
  • Fact Check : झूठ

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