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Fact Check: ‘महाबोधि मुक्ति आंदोलन’ के विरोध प्रदर्शन के दावे के साथ वायरल वीडियो बिहार नहीं, राजस्थान का है

बिहार के विरोध प्रदर्शन के नाम पर वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। यह वीडियो बिहार का नहीं, बल्कि राजस्थान का है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Mar 27, 2025 at 02:03 PM
  • Updated: Mar 27, 2025 at 02:10 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह बिहार के गया में बोधगया मंदिर को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन का है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो बिहार का नहीं, बल्कि राजस्थान का है। दरअसल, यूथ कांग्रेस ने दिसंबर 2024 में अमित शाह की अंबेडकर पर की गई टिप्पणी, बेरोजगारी,नशे की लत और एमएसपी सहित कई मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया था।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘प्रीतम कुमार बौद्ध’ ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “भारत बुद्ध का देश हैं और हम लंबे समय से सिस्टम के दरवाजे खटखटा रहे हैं महाबोधि महाबिहार मुक्ति आंदोलन के लिए न्याय मांग रहे हैं..और कुछ नहीं मिल रहा हैं अब उन दरवाजों को तोड़ने का समय आ गया हैं बिहार सरकार और केन्द्र सरकार शर्म करें।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘कृष्णा अल्लावरु’ नामक एक कांग्रेस नेता के अकाउंट पर मिला। वीडियो को 21 दिसंबर 2024 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो राजस्थान का है। कैप्शन में लिखा हुआ है, “CM House Gherao, जयपुरIYC अध्यक्ष श्री Uday Bhanu Chib जी के नेतृत्व में राजस्थान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संसद में बाबा साहेब अंबेडकर के अपमान और राज्य में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ पुरजोर विरोध प्रदर्शन किया!”

पड़ताल के दौरान हमें वायरल वीडियो कई अन्य कांग्रेस के अकाउंट पर 21 दिसंबर 2024 को शेयर हुआ मिला। यहां पर भी वीडियो को राजस्थान में हुए प्रदर्शन का ही बताया गया है।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट जनसत्ता की आधिकारिक वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 21 दिसंबर 2024 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ राजस्थान की राजधानी जयपुर में यूथ कांग्रेस ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया है।”

एबीपी न्यूज की वेबसाइट पर 21 दिसंबर 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस ने प्रदर्शन में नशे की आदत, एमएसपी और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों को भी उठाते हुए प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास किया था।

एनडीटीवी की वेबसाइट पर 21 दिसंबर 2024 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ रहे थे, “नारेबाजी कर रहे थे और सीएम आवास का घेराव करने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे में हालात पर काबू पाने के लिए राजस्थान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ पर वाटर कैनन से पानी की बौछार की। पुलिस जल्द से जल्द स्थिति को काबू करना चाहती है। लेकिन प्रदर्शनकारी युवा पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे थे।”

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, जयपुर के वरिष्‍ठ संवाददाता नरेंद्र शर्मा से संपर्क किया। उन्होंने वीडियो को राजस्थान में हुए पुराने प्रदर्शन का बताया है। 

क्या है पूरा मामला ?

दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर 19 मार्च 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “बोधगया में भारतीय बौद्ध महासभा के पदाधिकारियों ने बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 के विरोध में प्रदर्शन कर रहें हैं। उन्होंने एक ज्ञापन के माध्यम से मंदिर प्रबंधन में बदलाव की मांग की है। महाबोधि मंदिर का पूर्ण नियंत्रण बौद्ध समुदाय को मिले इसे लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है।”

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि बिहार के विरोध प्रदर्शन के नाम पर वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। यह वीडियो बिहार का नहीं, बल्कि राजस्थान का है।

  • Claim Review : बिहार में हुए विरोध प्रदर्शन का वीडियो।
  • Claimed By : FB User प्रीतम कुमार बौद्ध
  • Fact Check : झूठ

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