Fact Check : पीएम मोदी ने नहीं कही मुसलमानों को लेकर वायरल वीडियो वाली बात, Fake है वीडियो
जांच में पता चला कि पीएम मोदी के पुराने वीडियो से छेड़छाड़ करके इसमें आवाज अलग से जोड़ी गई है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: May 8, 2025 at 04:47 PM
- Updated: May 8, 2025 at 06:36 PM
नई दिल्ली (Vishvas News)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने कहा है कि 17 जून को बकरीद है। नमाज के बाद मुसलमानों से छेड़खानी न करें।
इस वीडियो को सच समझकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। जांच में पता चला कि पीएम मोदी के पुराने वीडियो से छेड़छाड़ करके इसमें आवाज अलग से जोड़ी गई है। पीएम मोदी ने ऐसा कुछ नहीं कहा, जैसा कि वीडियो में दावा किया गया।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर Rdx Sarif ने पीएम के वीडियो पोस्ट करते हुए इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की। वीडियो में पीएम मोदी को यह बोलते हुए दिखाया गया कि 17 जून को बकरा ईद है। कपया कोई भी मियां भाई से उस दिन बकरा ईदा की नमाज के बाद छेड़खानी न करें।

वायरल पोस्ट को सच समझकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च करना शुरू किया। हमें दूरदर्शन नेशनल के यूट्यूब चैनल पर असली वीडियो मिला। 8 फरवरी 2023 को इसे लाइव किया गया था। इस वीडियो में पीएम को कश्मीर के इश्यू पर बोलते हुए सुना जा सकता है।
असली वीडियो और वायरल वीडियो में काफी समानता दिखी। दोनों वीडियो में पीएम मोदी ने एक ही कपड़े पहने हुए हैं। इसी तरह पीएम मोदी के पीछे दिख रहे सांसद ने गले में मोफलर डाला हुआ है। मतलब यह साफ था कि वीडियो पुराना है और ठंड का है।

असली वीडियो के 1 घंटे 22 मिनट की टाइम लाइन के आसपास पीएम मोदी के हावभाव वायरल वीडियो जैसे ही हैं। इससे भी यह साफ हो गया कि फरवरी 2023 के वीडियो में से एक हिस्सा एडिट करके इसमें अलग से आवाज जोड़ी गई है, जो कि फर्जी है।
सर्च के दौरान हमें द इंडियन एक्सप्रेस के यूट्यूब चैनल पर भी वीडियो मिला। इसे 8 फरवरी 2023 को अपलोड किया गया था। इसमें पीएम मोदी को कश्मीर पर बोलते हुए सुना जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए भाजपा की सोशल मीडिया टीम के मेंबर शशि कुमार से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से फर्जी है। पीएम मोदी के पुराने वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके आवाज अलग से जोड़ी गई है।
पड़ताल के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि इसे सात सौ से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। इससे ज्यादा जानकारी इसके बारे में नहीं पता चली।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। पीएम मोदी के संसद में दिए गए भाषण के एक हिस्से के साथ छेड़छाड़ करके इसमें फर्जी आवाज जोड़ी गई है।
- Claim Review : पीएम मोदी ने मुसलमानों को लेकर दिया बयान
- Claimed By : FB user Rdx Sarif
- Fact Check : झूठ
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