Fact Check: नाम में ‘श्रीराम’ होने की वजह से IAS वेंकटरमन का नहीं हुआ था विरोध, वायरल दावा गलत
‘श्रीराम वेंकटरमन’ को साल 2022 में कलेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया था, लेकिन उन पर नशे में गाड़ी चलाते हुए एक पत्रकार की हत्या करने का आरोप था। इसी वजह से लोग उनकी नियुक्ति को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
- By: Pragya Shukla
- Published: Jun 17, 2025 at 06:48 PM
- Updated: Jun 17, 2025 at 06:50 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी को लेकर एक सांप्रदायिक पोस्ट वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि केरल के अलप्पुझा जिले में आईएएस ऑफिसर डॉक्टर ‘श्रीराम वेंकटरमन की नियुक्ति डी एम के रूप में हुई थी, लेकिन मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ऑफिसर का नाम ‘श्री राम’ होने के कारण उनका विरोध करना शुरू कर दिया।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। ‘श्रीराम वेंकटरमन’ को साल 2022 में कलेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया था, लेकिन उन पर नशे में गाड़ी चलाकर एक पत्रकार की हत्या करने के आरोप थे। इसी वजह से लोगों ने उनकी नियुक्ति को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। पोस्ट को दुष्प्रचार की मंशा से सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘सुधीर पोवळे’ ने 16 जून 2025 को पोस्ट को शेयर किया था। पोस्ट पर लिखा हुआ है, “केरल में एक आईएएस ऑफिसर डॉक्टर “श्रीराम वेंकटरमन” की नियुक्ति अलप्पुझा जिले में डी एम के रूप में हो गई तो हजारों मुस्लिमों ने मार्च निकालकर नाम में श्रीराम होने के कारण नियुक्ति रद्द करने की माँग कर दी। मतलब अब हिन्दुस्तान में हिंदुओं को अपना नाम भी बदलना पड़ेगा… क्योंकि श्रीराम, कृष्ण, लक्ष्मी, दुर्गा जैसे नामों के जिक्र से भी एक समुदाय के लोगों का धर्म खतरे में आने लगता है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कई न्यूज रिपोर्ट्स मिली। इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट पर 31 जुलाई 2022 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘श्रीराम वेंकटरमन’ को अलप्पुझा जिले का कलेक्टर बनाया गया था। इसकी घोषणा होते ही कई समुदाय ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। मुस्लिम समुदाय के सुन्नी युवजन संघम (एसवाईएस) और सुन्नी स्टूडेंट्स फेडरेशन (एसएसएफ) ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर आईएएस ऑफिसर ‘श्रीराम वेंकटरमन’ की नियुक्ति को लेकर जमकर विरोध किया था। दरअसल, ‘श्रीराम वेंकटरमन’ पर पत्रकार.एम. बशीर की हत्या का आरोप था। इसे लेकर ही विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था।

द साउथ फर्स्ट और द हिंदू की रिपोर्ट्स के मुताबिक, केरल पत्रकार संघ और कांग्रेस ने भी ‘श्रीराम वेंकटरमन की नियुक्ति का विरोध किया था।
Onmanorama और आजतक की वेबसाइट पर 1 अगस्त 2022 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, विरोध प्रदर्शन को बढ़ता देख सरकार ने अपना फैसला बदल दिया। सरकार ने छह दिन के भीतर ही ‘श्रीराम वेंकटरमन’ को कलेक्टर के पद से हटा दिया। पद से हटाकर उनकी नियुक्ति राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के जनरल मैनेजर के तौर पर की गई।

इंडिया टुडे की वेबसाइट पर 3 अगस्त 2019 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, आईएएस अधिकारी ‘श्रीराम वेंकटरमन’ पर आरोप है कि उन्होंने नशे की हालत में पत्रकार.एम. बशीर पर गाड़ी चढ़ा दी थी, जिसके कारण पत्रकार की मौत हो गई थी। भारतीय दंड संहिता की तत्कालीन धारा 279 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से गाड़ी चलाना) और 304 (हत्या के लिए दोषी न मानते हुए गैर इरादतन हत्या की सजा) के तहत गिरफ्तार किया गया था। दरअसल मलयालम समाचार पत्र ‘सिराज’ के ब्यूरो प्रमुख के. मुहम्मद बशीर काम खत्म कर घर वापस जा रहे थे। तभी वेंकटरमन ने नशे की हालत में उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी और उनकी मौत हो गई। कार में उनके साथ उनकी एक महिला मित्र भी मौजूद थी।

एनडीटीवी की वेबसाइट पर 5 अगस्त 2019 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे से कुछ दिन पहले ही राज्य सरकार ने वेंकटरमन को सर्वेक्षण और भूमि रिकॉर्ड विभाग के डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया था। हालांकि, फिर उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया गया। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भी भेजा गया था। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस मामले में उन्हें जमानत दे दी थी।
बेंगलुरु मिरर की वेबसाइट पर 22 मार्च 2020 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान केरल सरकार ने ‘श्रीराम वेंकटरमन’ को फिर से नियुक्त करने का फैसला किया था। सरकार ने उन्हें राज्य स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव का पद दिया था।

अधिक जानकारी के लिए हमने केरल के रिपोर्टर वेणुगोपाल से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि ‘श्रीराम वेंकटरमन’ का विरोध उनके नाम की वजह से नहीं, बल्कि उन पर लगे हत्या के आरोप की वजह से किया गया था। कई संगठनों ने इसका विरोध किया था। यह मामला काफी पुराना है।
अंत में हमने वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को दो हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को महाराष्ट्र का रहने वाला बताया है। यूजर एक विचारधारा से प्रेरित पोस्ट को शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि ‘श्रीराम वेंकटरमन’ को साल 2022 में कलेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया था, लेकिन उन पर नशे में गाड़ी चलाते हुए एक पत्रकार की हत्या करने का आरोप था। इसी वजह से लोग उनकी नियुक्ति को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पोस्ट को दुष्प्रचार की मंशा से सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : नाम में ‘श्रीराम’ होने की वजह से आईएएस वेंकटरमन का मुस्लिम समुदाय ने किया विरोध।
- Claimed By : FB User सुधीर पोवळे
- Fact Check : झूठ
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