Fact Check: यूपी पुलिस की कार्रवाई के नाम से वायरल यह वीडियो गुजरात का
यूपी पुलिस की कार्रवाई के नाम से वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो न ही हाल का है और न ही उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई का। असल में यह वीडियो एक साल पहले गुजरात पुलिस की ओर से की गई एक कार्रवाई का है, जिसे अब भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Nov 3, 2025 at 03:08 PM
- Updated: Nov 3, 2025 at 03:10 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश पुलिस के नाम से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक को लंगड़ाकर चलते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को हाल का बताते हुए यूपी पुलिस की प्रशंसा करते कड़ी कार्रवाई का बताते हुए शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक पाया। असल में वायरल वीडियो न ही हाल का है और न ही उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई का। असल में यह वीडियो एक साल पहले गुजरात पुलिस की ओर से की गई एक कार्रवाई का है, जिसे अब भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “यूपी पुलिस का जलवा।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज के जरिए सर्च किया। हमें वीडियो से जुड़ी एक रिपोर्ट दिव्य भास्कर पर एक साल पहले प्रकाशित मिली। गुजराती भाषा में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, घटना गुजरात के वडोदरा शहर की है। वडोदरा पुलिस ने एक मर्डर से जुड़े मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट दैनिक जागरण की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 21 नवंबर 2024 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “गुजरात के वडोदरा में भाजपा नेता के पुत्र की चाकू से गोदकर हत्या करने के मामले में हिस्ट्रीशीटर बाबर हबीब खान पठान सहित पांच आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या उस समय हुई थी, जब जुआ की राशि के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा नेता का पुत्र घायल साथियों का हाल जानने अस्पताल गया था।”

वायरल वीडियो हमें Zee 24 Kalak के आधिकारिक एक्स के पेज पर भी अपलोड हुआ मिला। वीडियो को 18 नवंबर 2024 को शेयर किया गया था। गुजराती में मौजूद जानकारी के मुताबिक, “वडोदरा में पूर्व पार्षद के बेटे तपन परमार की हत्या करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार।”
कोलाज में देखा जा सकता है कि आरोपी के कपड़े वायरल वीडियो से हूबहू मिलते हैं। आरोपी को पकड़े हुए पुलिसकर्मी भी हूबह ही हैं। पीछे दिया गया बैकग्राउंड एक जैसा ही है।

अधिक जानकारी के लिए हमने वडोदरा दैनिक जागरण के रिपोर्टर प्रशांत गज्जर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो पुराना है और वडोदरा पुलिस का है। जब उन्होंने एक मर्डर केस में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था।
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर ने प्रोफाइल पर अधिक जानकारी नहीं दी हुई है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यूपी पुलिस की कार्रवाई के नाम से वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो न ही हाल का है और न ही उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई का। असल में यह वीडियो एक साल पहले गुजरात पुलिस की ओर से की गई एक कार्रवाई का है, जिसे अब भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : यूपी पुलिस ने बदमाशों का किया बुरा हाल।
- Claimed By : FB User Anjali Chauhan
- Fact Check : भ्रामक
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