Fact Check: मॉक ड्रिल का है मुंबई में ‘आतंकियों’ के पकड़े जाने के दावे से वायरल वीडियो
'आतंकवादियों' को पकड़ने के मॉक ड्रिल के वीडियो को असली घटना का बताते हुए गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Nov 24, 2025 at 02:31 PM
- Updated: Nov 24, 2025 at 04:00 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर दो लोगों को पकड़कर ले जाती पुलिस और सेना के जवानों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह मुंबई के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स का है, जहां पर दो ‘आतंकवादियों’ को पकड़ा गया है। इस वीडियो को असली घटना बताते हुए यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एक मॉक ड्रिल का है। ओशिवारा थाने के पुलिसकर्मियों ने इस मॉक ड्रिल को आयोजित किया था। इसी के वीडियो को अब ‘आतंकवादियों’ के पकड़े जाने की घटना का बताते हुए सोशल मीडिया पर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘md.irfan1454’ ने 17 नवंबर 2025 को वायरल वीडियो को शेयर किया है। वीडियो पर लिखा है, ‘मुम्बई के लोखंडवाला से दो आतंकवादि आतंकवादि गिरफ्तार Kamdhenu. (Building) 15/11/2025.’
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से इसके कई कीफ्रेम निकाले और गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कई सोशल मीडिया पोस्ट्स मिलीं। ‘Mumbai-TODAY’ नाम के एक फेसबुक पेज ने 17 नवंबर 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए घटना को ओशिवारा थाने की ओर से की गई एक मॉक ड्रिल बताया है।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट हमें ‘free press journal’ की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 16 नवंबर 2025 को शेयर किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया था कि वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में ओशिवारा पुलिस थाने की ओर से इस मॉक ड्रिल को कराया गया था। रिपोर्ट में वीडियो के कीफ्रेम भी मौजूद हैं।

अन्य न्यूज रिपोर्ट्स को यहां पर देखा जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए हमने ओशिवारा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संजय चव्हाण से संपर्क किया। संजय चव्हाण ने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। वीडियो आतंकवादियों के पकड़े जाने की किसी घटना का नहीं, बल्कि एक मॉक ड्रिल का है।
अंत में हमने वीडियो को फर्जी दावे के साथ शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 303 लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि ‘आतंकवादियों’ को पकड़ने के मॉक ड्रिल के वीडियो को असली घटना का बताते हुए गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : मुंबई में आतंकवादियों के पकड़े जाने का वीडियो।
- Claimed By : inst user md.irfan1454
- Fact Check : झूठ
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