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Fact Check: रेलवे ट्रैक पर हाथी के बच्चे को बचाए जाने के दावे से वायरल वीडियो वास्तविक नहीं, AI क्रिएटेड है

विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। रेल की पटर‍ियों के बीच फंसे हाथी के बच्चे का वायरल वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर हाथी के बच्चे का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें रेलवे ट्रैक में फंसे हाथी के बच्चे को बचाते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को सच मानकर कई सोशल मीडि‍या यूजर्स शेयर कर रहे हैं। इस वीडियो को भावनात्मक संदेश के साथ भी खूब शेयर किया जा रहा है।

विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल पोस्ट की जांच की। वायरल वीडियो काल्पनिक है और इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है।

क्या है वायरल?

फेसबुक पेज ‘केवल न्यूज़’ ने 15 सितंबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “बाघमारा:-(केवल न्यूज़)यह घटना बाघमारा रामकनाली के केशलपुर बताई जा रही है। ट्रेन आने के थोड़ा पहले रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे लोगों ने आसपास के लोगों की।”

वायरल पोस्ट में लिखे कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव लिंक यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसे ध्यान से देखा। हमें वीडियो में कुछ व‍िसंगत‍ियां दिखीं। हमें हाथी के बच्चे के बाएं पैर की बनावट अजीब द‍िखी। इसी तरह वीड‍ियो में द‍िख रहे लोग भी अवास्तविक लगे जिससे वीड‍ियो के एआई-जनरेटेड होने का शक हुआ।

इसके बाद पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करना शुरू किया। सबसे पहले हमने ‘Hive Moderation’ की मदद से वीडियो को स्कैन किया। हाइव के एनालिसिस में इस वायरल वीडियो के एआई से बने होने के करीब 96.4 फीसदी संकेत मिले।

इसी तरह हमने एक अन्य एआई डिटेक्शन टूल ‘AI or Not’ की मदद ली और वायरल वीड‍ियो के कीफ्रेम को चेक किया। इसने कीफ्रेम को 94% एआई-संभावित बताया ।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एआई एक्सपर्ट एसके साह‍िद से संपर्क किया। उन्होंने इस वीडियो को एआई-निर्मित बताया। उन्होंने बताया कि वीडियो को ध्यान से देखने पर हाथी के बच्चे का पैर अजीब द‍िखता है।

क्या है संदर्भ?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आसान उपलब्‍धता के कारण अक्‍सर सोशल मीड‍िया पर जानवरों के एआई वीडियो बनाकर वायरल किए जाते हैं। चूंकि ऐसे वीडियो तेजी से वायरल होते हैं, तो यूजर्स बिना सोचे समझे उन्हें शेयर कर देते हैं। कभी बाघों तो कभी हाथियों के काल्पनिक वीडियो एआई से बनाकर खूब शेयर किए जाते हैं। प‍िछले द‍िनों एआई की मदद से बनाए गए वीड‍ियो में बछड़े को ट्रक पर लगी गाय की तस्वीर से दूध पीने की कोशिश करते हुए द‍िखाया गया। इसी तरह नेपाल के हादसे के बाद एक वीड‍ियो वायरल क‍िया गया, ज‍िसमें एक कुत्ते को बच्चे को बचाते हुए द‍िखाया गया। यह वीड‍ियो भी एआई जनरेटेड था।

यद‍ि हाथियों की मौतों की बात की जाए, तो देश के कई राज्‍यों में अक्‍सर ट्रेन की चपेट में आने से हाथियों की मौत हो जाती है। भास्‍कर डॉट कॉम की 20 द‍िसंबर 2025 की एक खबर में बताया गया क‍ि असम के होजाई जिले में हाथियों का एक झुंड सैरंग-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गया था। इस हादसे में सात हाथियों की मौत हो गई थी और एक हाथी का बच्चा घायल हो गया था। इसी तरह प्रभात खबर की 17 फरवरी 2026 की एक खबर में बताया गया था क‍ि इसी साल फरवरी में झारखंड के लातेहर ज‍िले में हाथी के बच्‍चे की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी।

जांच के अंत में फेसबुक पेज की जांच की गई। पेज को 33 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह पेज जून 2025 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। रेल की पटर‍ियों के बीच फंसे हाथी के बच्चे का वायरल वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

  • Claim Review : हाथी के बच्चे का पैर रेलवे ट्रैक में फंसा।
  • Claimed By : FB Page Gwalior Varta
  • Fact Check : भ्रामक

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