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Fact Check: वित्तीय प्लेटफॉर्म को प्रमोट करते अमित शाह का वायरल वीडियो डीपफेक है

हमारी पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से गलत निकला। केंद्रीय मंत्री अमित शाह का यह वीडियो डीपफेक है, जिसे AI की मदद से बनाया गया है। मूल वीडियो में अमित शाह ने इस तरह की किसी भी सरकारी स्कीम या निवेश के बारे में कोई बात नहीं कही थी।  

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कई यूजर्स केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वीडियो को शेयर कर रहे हैं, जिसमें उन्हें ‘सरकारी फाइनेंस परियोजना के जरिए 22 हजार रुपये के न्यूनतम निवेश के साथ प्रति सप्ताह 3 लाख रुपये से अधिक की कमाई करने का दावा करते हुए सुना जा सकता है। लिमिटेड संख्या में उपलब्ध सीटों का हवाला देते हुए वीडियो में एक लिंक के जरिए जल्द से जल्द साइन अप करने की सलाह दी जा रही है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि सरकारी फाइनेंस परियोजना को प्रमोट करते हुए अमित शाह का यह वीडियो डीपफेक है। यह डीपफेक वीडियो अक्टूबर 2025 में रिकॉर्ड किए गए उनके ऑरिजिनल  वीडियो के विजुअल का इस्तेमाल कर बनाया गया है।

क्या है वायरल?

EMVE Consulting नाम के फेसबुक पेज ने वायरल वीडियो को शेयर किया और साथ में एक लिंक साँझा किया। वीडियो में अमित शाह को बोलते सुना जा सकता है “मेरे पास आपके लिए एक अच्छी खबर है । आज आपके पास एक अनोखा अवसर है । की आप एक आधिकारिक सरकारी परियोजना में भाग ले । जिसे भारत के आर्थिक मंत्रालय के समर्थन से विकसित किया गया है । और जो आपकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल सकती है । मैं व्यक्तिगत रूप से हर उस व्यक्ति को तीन लाख पचास हज़ार रुपए प्रति माह की गारंटी देता हूँ  जो इस कार्यक्रम में शामिल होता है। ये सिर्फ शब्द नहीं है ये एक वास्तविक अवसर है। अपनी जिंदगी को बदलने के लिए। आपको केवल  बाईस हज़ार रुपए का निवेश करना है और आप बिना किसी काम के और बिना किसी वित्तीय ज्ञान के आसानी से तीन लाख पचास हज़ार रुपए प्रति माह कमा सकते हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से आपके धन की सुरक्षा और आपके डाटा की पूरी गोपनीयता की गारंटी देता हूँ । ये अवसर भारत के सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध है, लेकिन स्थानों की संख्या सीमित है। “

पड़ताल

जांच की शुरुआत करने से पहले हमने इस वीडियो को गौर से देखा और पाया कि वीडियो में कई जगह अमित शाह की आवाज रोबोट जैसी लग रही है। लिपसिंक  भी गलत है।

कीवर्ड्स से ढूंढ़ने पर भी हमें ऐसी कोई सरकारी फाइनेंस स्कीम नहीं मिली, जिसमें वायरल वीडियो से मिलते-जुलते मुनाफे का वादा किया जा रहा हो।

हमने वायरल वीडियो क्लिप के ऑरिजिनल  वीडियो को ढूंढने की कोशिश की। सर्च में हमें यह असली वीडियो अमित शाह के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 29 अक्टूबर 2025 को अपलोड मिला। वीडियो बिहार के दरभंगा में हुई एक चुनावी रैली का था। पूरे वीडियो में अमित शाह ने वायरल वीडियो वाली कोई भी बात नहीं बोली थी।

इसके बाद हमने वायरल वीडियो क्लिप के एआई से एडिट होने की संभावनाओं को चेक किया।

हमने इस वीडियो को बफलो यूनिवर्सिटी के डीपफेक-ओ-मीटर की मदद से भी चेक किया। टूल के कई  इंडिकेटर्स ने इस वीडियो में एआई छेड़छाड़ की पुष्टि की।

वायरल वीडियो को लेकर हमने हमारे पार्टनर डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीेएयू) (टीआईए की पहल) से संपर्क किया। डीएयू की टीम ने वीडियो को हाइव एआई डीपफेक डिटेक्टर टूल से चेक किया। टूल ने वीडियो के 2 खंडों में, अमित शाह के चेहरे पर एआई छेड़छाड़ के संकेत दिए।

एडवांस्ड ऑडियो डीपफेक डिटेक्शन इंजन वाली स्विस डीप-टेक कंपनी, Aurigin.ai ने ऑडियो ट्रैक को ‘आंशिक रूप से AI द्वारा निर्मित’ बताया

हमने वीडियो को लेकर एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने भी कन्फर्म किया कि यह वीडियो एआई निर्मित है।

फर्जी वीडियो को शेयर करने वाले यूजर EMVE Consulting  के 100 से अधिक फॉलोअर्स हैं।  

निष्कर्ष: हमारी पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से गलत निकला। केंद्रीय मंत्री अमित शाह का यह वीडियो डीपफेक है, जिसे AI की मदद से बनाया गया है। मूल वीडियो में अमित शाह ने इस तरह की किसी भी सरकारी स्कीम या निवेश के बारे में कोई बात नहीं कही थी।  

  • Claim Review : वित्तीय प्लेटफॉर्म को प्रमोट करते अमित शाह
  • Claimed By : FB Page EMVE Consulting
  • Fact Check : झूठ

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