Fact Check: बांग्लादेश को लेकर पीएम मोदी का इस्तीफा मांगते योगी आदित्यनाथ का यह वीडियो डीपफेक है
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से फर्जी और डीपफेक है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का असली वीडियो 25 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान का है। असली भाषण में सीएम योगी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा जरूर उठाया था और विपक्ष की चुप्पी पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन इसके लिए पीएम मोदी से इस्तीफे की मांग नहीं की थी। उनका यह बयान ऑडियो क्लोन है, जिसे एआई की मदद से तैयार कर वीडियो में जोड़ दिया गया है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Dec 26, 2025 at 03:09 PM
- Updated: Dec 27, 2025 at 04:38 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्हें बांग्लादेश में हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का हवाला देते हुए कथित तौर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग करते और पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को धमकी देते सुना जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह एक डीपफेक वीडियो है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से एडिट किया गया है। असली भाषण में सीएम योगी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा जरूर उठाया था और विपक्ष की चुप्पी पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन इसके लिए पीएम मोदी से इस्तीफे की मांग नहीं की थी।
क्या है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर imamganj__ ने 25 दिसंबर 2025 को वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर किया। वीडियो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कथित तौर से बोलते सुना जा सकता है “अगर बांग्लादेश पाकिस्तान नहीं बना होता तो इस तरीके से हिंदुओं को नहीं जलाया गया होता और अगर ऐसा करता तो उसकी क्या दुर्गति होती ये वो भी जानता है। प्रधानमंत्री मोदी जी अगर आप बांग्लादेश पर आक्रमण नहीं कर सकते तो प्रधानमंत्री के पद को छोड़ दीजिए। हम धर्म सैनिक अपने धर्म युद्ध से बांग्लादेश को वापस अखंड भारत का हिस्सा बनाएँगे। ये सब पाकिस्तान का मुल्ला आसिम मुनीर करवा रहा है जब तक आसिम मुनीर पाकिस्तान में रहेगा तब तक भारत संकट में है हमारा आदेश है कि आसिम मुनीर को किसी भी तरह से हानि भी जानी चाहिए ताकि पाकिस्तान अपनी औकात में रहेगा।”

पड़ताल
इस पोस्ट की पड़ताल करने के लिए हमने कीवर्ड्स की मदद से ढूंढा। हमें कहीं भी प्रधानमंत्री मोदी को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐसा कोई बयान नहीं मिला।
इसके बाद हमने मुख्यमंत्री योगी का असली वीडियो ढूंढना शुरू किया। वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को चेक किया। हमें यह पूरा वीडियो 25 दिसंबर 2025 को ANI भारत के यूट्यूब चैनल पर मिला। पोस्ट के अनुसार, यह उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सीएम योगी की पूरी स्पीच की रिकॉर्डिंग थी।
सीएम योगी ने विधानसभा में बांग्लादेश के हिंदुओं का मुद्दा उठाते हुए अपने भाषण में कुछ लोगों की चुप्पी पर सवाल ज़रूर उठाए थे, लेकिन इसके लिए पीएम मोदी से इस्तीफे की मांग नहीं की थी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सीएम योगी की इस स्पीच को लेकर हमें कई खबरें भी मिलीं। ख़बरों में कहीं भी वायरल वीडियो वाली बातों का कोई जिक्र नहीं था।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो को ध्यान से देखा। वायरल वीडियो में लिप सिंक सही नहीं है। साथ ही ऑडियो भी सीएम योगी का नहीं लग रहा है। हमें शक हुआ कि यह वीडियो एआई की मदद से एडिट किया गया हो सकता है।
बफलो यूनिवर्सिटी के डिटेक्शन टूल डीपफेक-ओ-मीटर के 5 डिटेक्टर ने वीडियो में AI मैनिपुलेशन की संभावना बताई।


एआई डिटेक्शन टूल truth scan ने ऑडियो के एआई से बने होने की संभावना 98 प्रतिशत बताई।

पुष्टि के लिए हमने अपने पार्टनर, डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (DAU) से संपर्क किया, जो ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस (TIA) की एक पहल है। टीम ने वीडियो को स्विस डीप-टेक कंपनी Aurigin.ai पर चेक किया। एनालिसिस इस ऑडियो ट्रैक में एआई मैनिपुलेशन (98% कॉन्फिडेंस स्कोर के साथ) की संभावना की पुष्टि करता है और यह बताता है कि इस ऑडियो ट्रैक में कुछ हिस्सा ऑरिजिनल (नीले रंग का ग्राफ) है, जबकि अन्य हिस्सा एआई क्रिएटेड (लाल रंग का ग्राफ) है।

हमने इस बारे में पुष्टि के लिए एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में काम कर रहे अजहर माचवे से भी बात की। उन्होंने भी वीडियो के AI की मदद से बने होने की पुष्टि की।
बांग्लादेश का दीपू चंद्र दास हत्याकांड
बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की ईशनिंदा के कथित आरोप में की गई नृशंस हत्या ने भारत समेत वैश्विक स्तर पर आक्रोश पैदा कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, एक उग्र भीड़ ने युवक को बेरहमी से पीटने के बाद उसके शव को पेड़ से लटकाकर आग के हवाले कर दिया, जिसकी विचलित करने वाली तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मानव अधिकारों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
इस मामले पर विदेश मंत्रालय ने “गंभीर चिंता” व्यक्त करते हुए इसे “भयावह और बर्बर” करार दिया है। संसद और आधिकारिक बयानों में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना वहां की अंतरिम सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और भारत इस स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है। इसके साथ ही, भारत ने ढाका स्थित अपने राजनयिक मिशनों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है और बांग्लादेशी मीडिया द्वारा दिल्ली में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को “सुरक्षा चूक” बताने वाले दावों को “भ्रामक दुष्प्रचार” कहकर खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने वियना कन्वेंशन के तहत सुरक्षा दायित्वों को निभाने पर जोर देते हुए यह भी दोहराया है कि भारत बांग्लादेश में शांति, स्थिरता और निष्पक्ष चुनावों (फरवरी 2026 में प्रस्तावित) का पक्षधर है।
वायरल वीडियो को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर imamganj__ के 12000 से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से फर्जी और डीपफेक है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का असली वीडियो 25 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान का है। असली भाषण में सीएम योगी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा जरूर उठाया था और विपक्ष की चुप्पी पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन इसके लिए पीएम मोदी से इस्तीफे की मांग नहीं की थी। उनका यह बयान ऑडियो क्लोन है, जिसे एआई की मदद से तैयार कर वीडियो में जोड़ दिया गया है।
- Claim Review : बांग्लादेश को लेकर पीएम मोदी का इस्तीफा मांगते योगी आदित्यनाथ
- Claimed By : Instagram user imamganj__
- Fact Check : झूठ
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