Fact Check: CJP प्रदर्शन में शामिल लड़कियों पर पुलिस की कार्रवाई के दावे से पुराना वीडियो वायरल
फरवरी 2026 में आईसा कार्यकर्ताओं और एक यूट्यूबर में विवाद का मामला थाने पहुंचा था। उस दौरान हुए हंगामे के वीडियो को सीजेपी के प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Jul 29, 2026 at 06:07 PM
- Updated: Jul 30, 2026 at 04:55 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली में हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के आंदोलन के बाद इसमें शामिल प्रदर्शनकारियों से जोड़कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें पुलिस स्टेशन में कुछ युवतियों और वहां हंगामा होता हुआ देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि पीएम मोदी को अपशब्द कहने वाली लड़कियों को दिल्ली पुलिस और बजरंग दल के कार्यकर्ता पकड़ने आए हैं।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो वायरल दावा भ्रामक निकला। दरअसल, वायरल वीडियो फरवरी 2026 का है, जब ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आईसा) के कार्यकर्ताओं और यूट्यूबर रुचि तिवारी में विवाद हुआ था। इसका सीजेपी के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘the_sanatani_boyss’ ने 28 जुलाई 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “दिल्ली के जंतर मंतर में जो कॉक्रोच लड़किया पीएम मोदी ओर उनकी माँ को गालि दे रही थी उसे मसलने के लिए आई पुलिस ओर बजरंग दल।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। एक्स यूजर ‘Prashant Kanojia’ ने 15 फरवरी 2026 को कीफ्रेम पोस्ट करते हुए लिखा, “दिल्ली पुलिस के सामने खुलेआम रेप की धमकियां दी जा रही हैं। इस अपराधी का नाम सौरभ झा है और यह बिहार का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस, इस अपराधी को गिरफ्तार करने से आपको कौन रोक रहा है? अगर ये पुलिस के सामने रेप की बात कर सकते हैं, तो क्लासरूम और यूनिवर्सिटी में क्या करेंगे? UGC के नियमों की जरूरत है क्योंकि इन समुदायों की परवरिश और सोच को सुधारा नहीं जा सकता।” (अनुवाद)
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने 15 फरवरी 2026 को वायरल वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा कि दिल्ली के थाने में पुलिस वालों के सामने आईसा की महिला नेता अंजली और नेहा को मां की गाली देते हुए कहा गया, “कपड़े निकाल।”
इस आधार पर कीवर्ड सर्च करने पर हमें 16 फरवरी 2026 को ‘द हिंदू’ में छपी एक रिपोर्ट मिली। इसके अनुसार, आईसा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ यूजीसी के नए नियम ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026’ के समर्थन में एक प्रदर्शन आयोजित किया था। यह प्रदर्शन हाथापाई में बदल गया था। इसमें यूट्यूबर रुचि तिवारी ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की, जबकि आईसा के कार्यकर्ताओं ने रुचि तिवारी पर जातिसूचक बातें कहने का आरोप लगाया था। इस मामले में मौरिस नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज दो एफआईआर के सिलसिले में दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। आईसा ने यह भी आरोप लगाया है कि रुचि तिवारी और उनके साथियों ने थाने के अंदर पुलिस के सामने उन पर हमला करने के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाई हुई है।

वीडियो में हमें आईसा दिल्ली के सचिव अभिज्ञान नजर आए। इस आधार पर हमने अभिज्ञान से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल वीडियो पुराना है। दरअसल, फरवरी 2026 में आईसा ने नए यूजीसी नियमों के समर्थन में प्रदर्शन किया था। उसी दौरान का यह वीडियो है।
क्या है संदर्भ?
नीट समेत अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक विवाद को लेकर सीजेपी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। 36 दिन के बाद केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने और सीजेपी की बाकी दोनों मांगों पर सरकार के साथ सहमति बनने के बाद, 25 जुलाई 2026 को यह प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया था।
इस प्रदर्शन के तहत 20 जुलाई 2026 को हुए ‘संसद मार्च’ के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के मामले में दिल्ली पुलिस ने 15 एफआईआर दर्ज की थीं, जबकि महाराष्ट्र, बिहार समेत अन्य राज्यों में भी प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज हुए थे। ‘दैनिक भास्कर’ की 28 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सरकार ने छात्रों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने का एलान किया है। गृह विभाग ने साफ किया है कि जिनका आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। वहीं, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं रुकी, तो वे बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाला यूजर एक खास विचारधारा से प्रभावित है। अक्टूबर 2020 में बने इस अकाउंट के 27 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: फरवरी 2026 में आईसा कार्यकर्ताओं और एक यूट्यूबर में विवाद का मामला थाने पहुंचा था। उस दौरान हुए हंगामे के वीडियो को सीजेपी के प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।
- Claim Review : CJP के प्रदर्शन में शामिल लड़कियों को दिल्ली पुलिस और बजरंग दल के सदस्यों ने पकड़ा।
- Claimed By : Insta User- the_sanatani_boyss
- Fact Check : भ्रामक
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...












