Fact Check: महिलाओं पर विवादित टिप्पणी करने का राहुल गांधी का यह वीडियो एडिटेड, गलत दावे के साथ हो रहा वायरल
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। असली वीडियो में राहुल गांधी ने महिलाओं के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके हक की बात की थी। वायरल वीडियो एडिटेड है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Aug 26, 2026 at 05:42 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। 29 सेकंड के इस वीडियो में उन्हें कथित तौर पर यह बोलते हुए दिखाया गया है कि 80 फीसदी रेप महिलाओं के कारण होते हैं और रेप ‘इंडिया’ में होता है, ‘भारत’ में नहीं। इसके अलावा, इस वीडियो में उन्हें महिलाओं की आजादी के खिलाफ बोलते हुए दिखाया गया है। वीडियो को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स इसे शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल पोस्ट की जांच की। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल पोस्ट फर्जी है। दरअसल, राहुल गांधी के असली वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके वायरल क्लिप तैयार की गई है। असली वीडियो में राहुल गांधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में ऊर्जा और आवास एवं शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के पुराने बयान का जिक्र करते हुए यह बात कही थी। पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने महिलाओं की आजादी पर भाषण दिया था।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Sooraj Singh’ ने 26 अगस्त 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “80% रेप महिला कारण होते हैं राहुल गांधी जी का कहना है कि महिलाओं को काम धंधा नहीं करना चाहिए घर में रहना चाहिए हाउसवाइफ बन के रहना चाहिए।”
वीडियो में राहुल गांधी को कथित तौर पर यह बोलते हुए सुना जा सकता है, “80% रेप महिला के कारण होते हैं। इंडिया में रेप होता है और भारत में रेप नहीं होता। लड़की एक जगह है। वह पिंजरे में बंद होनी चाहिए। उसका कंट्रोल रहना चाहिए। उसको काम नहीं करना चाहिए और लड़कों को फुल फ्रीडम मिलना चाहिए।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच करने के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें असली वीडियो ‘कांग्रेस’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। इसे 22 अगस्त 2026 को प्रीमियर किया गया था। इसे महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का बताया गया। विश्वास न्यूज ने पूरे वीडियो को ध्यान से सुना।
दरअसल, इस वीडियो में एक घंटे की टाइमलाइन के आसपास राहुल गांधी कहते हैं, “मोहन भागवत जी कहते हैं कि इंडिया में रेप होता है और भारत में रेप नहीं होता है। खट्टर जी कहते हैं कि 80 फीसदी रेप महिला के कारण होता है। यह एक माइंडसेट है। इस माइंडसेट से लडाई चल रही है। माइंडसेट क्या है? लड़की एक जगह है। वह पिंजरे में बंद होनी चाहिए। उसका कंट्रोल रहना चाहिए। उसको काम नहीं करना चाहिए और लड़कों को फुल फ्रीडम मिलना चाहिए। वे जो भी करना चाहें, करें। गाली देनी है, तो गाली दें। काम करना है, तो काम करें। ऐसा हिंदुस्तान हम नहीं चाहते हैं। हम न्याय चाहते हैं। सबकी रिस्पेक्ट होनी चाहिए। लड़कों की होनी चाहिए। लड़कियों की होनी चाहिए।”
राहुल गांधी के कार्यक्रम का पूरा वीडियो हमें उनके यूट्यूब चैनल पर भी मिला। इसे 22 अगस्त 2026 को लाइव किया गया था।
‘एबीपी न्यूज’ की वेबसाइट पर मौजूद एक खबर में बताया गया कि राहुल गांधी ने पुणे में महिलाओं के मुद्दे को उठाया। छात्रों की गूंज कार्यक्रम इससे पहले कोटा, देहरादून और प्रयागराज में हो चुका है। पुणे के कार्यक्रम में राहुल गांधी ने महिलाओं की आजादी और उनके अधिकारों के समर्थन में अपनी बात रखी। यह खबर 22 अगस्त 2026 को प्रकाशित की गई थी।
एबीपी न्यूज की 18 नवंबर 2018 की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि मनोहर लाल खट्टर ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, “सबसे बड़ी चिंता यह है कि रेप और छेड़छाड़ की यह जो घटनाएं हैं, 80-90 प्रतिशत जानकारों के बीच में ही होती हैं। काफी समय तक दोनों इकट्ठे घूमते हैं और एक दिन अनबन हो गई। उस दिन उठकर एफआईआर करवा देते हैं- ‘इसने मुझे रेप किया।”
मनोहर लाल खट्टर के इस बयान के बाद काफी बवाल हुआ था। कांग्रेस ने जहां खट्टर के बयान को महिला विरोधी बताते हुए माफी की मांग की थी, वहीं खट्टर ने सफाई देते हुए कहा था कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था।
दूसरी ओर, हमें संघ प्रमुख मोहन भागवत का एक बयान बीबीसी हिंदी की वेबसाइट पर 4 जनवरी 2013 की एक खबर में मिला। इसमें बताया गया कि हाल के अपने सिलचर दौरे के दौरान भागवत ने कथित तौर पर कहा, “इस तरह के अपराध भारत में कम होते हैं और इंडिया में अधिक होते हैं।”
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम के नेशनल कोऑर्डिनेटर नितिन अग्रवाल से संपर्क किया और उनके साथ वायरल वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो एडिटेड है। राहुल गांधी ने पुणे के कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकारों की बात की थी। उनके भाषण के कुछ हिस्सों को गलत संदर्भ के साथ जोड़कर वायरल किया जा रहा है।
क्या है संदर्भ?
देशभर के युवाओं से जुड़ने के लिए कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शुरू किया है। यह एक राष्ट्रव्यापी छात्र संपर्क अभियान और संवाद कार्यक्रम है। राहुल गांधी अलग-अलग शहरों में जाकर इस अभियान के तहत युवाओं से बातचीत करते हैं। 22 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें विशेष रूप से छात्राओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया था।
जांच के अंत में फेक पोस्ट करने वाले यूजर के प्रोफाइल की जांच की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि इस फेसबुक यूजर को पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट 2017 में बनाया गया था। यूजर मध्य प्रदेश के भोपाल में रहता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। असली वीडियो में राहुल गांधी ने महिलाओं के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके हक की बात की थी। वायरल वीडियो एडिटेड है। उन्होंने अपने भाषण में मनोहर लाल खट्टर और मोहन भागवत के पुराने बयानों का जिक्र किया था।
- Claim Review : राहुल गांधी ने कहा कि 80% रेप महिलाओं के कारण होता है।
- Claimed By : FB User Sooraj Singh
- Fact Check : झूठ
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