Fact Check: बाबा रामदेव के नाम पर फर्जी पोस्ट वायरल, कांग्रेस की तारीफ करते हुए उन्होंने नहीं मांगी माफी
विश्वास न्यूज की जांच में रामदेव के नाम पर वायरल हो रहा बयान फर्जी साबित हुआ। रामदेव ने कांग्रेस या मीडिया को लेकर ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Aug 21, 2026 at 04:13 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। योग गुरु रामदेव का एक कथित बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ‘नवभारत टाइम्स’ (एनबीटी) के टेंपलेट और लोगो के अलावा इसमें बाबा रामदेव की तस्वीर का भी इस्तेमाल किया गया है। दावा है कि उन्होंने कांग्रेस की तारीफ करते हुए मीडिया पर प्रश्न खड़ा किया और माफी मांगी है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे रामदेव का असली बयान मानकर शेयर कर रहे हैं। विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। यह फर्जी साबित हुआ। रामदेव ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न ही नवभारत टाइम्स की ओर से ऐसा कोई टेंपलेट शेयर किया गया है, जैसा कि वायरल किया जा रहा है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल ग्राफिक फेक निकला। नवभारत टाइम्स के पोस्टकार्ड को एडिट कर इसे बनाया गया है। फर्जी ग्राफिक को फेक दावे के साथ अब वायरल किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
एक्स हैंडल ‘@Bhawanipm’ ने 20 अगस्त 2026 को वायरल पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “जाओ जनता ने तुम्हे माफ किया। अब कंगना का अँगना हिला दो।”
ग्राफिक्स के ऊपर रामदेव की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए लिखा गया, “कांग्रेस सरकार चाहे जैसी भी लेकिन तानाशाह नहीं थी महंगाई बेरोज़गारी पर कंट्रोल रखतीं थी हमारे देश के मिडिया पत्रकारों ने कांग्रेस की छवि ख़राब की है उसमें मेरा भी योगदान कम नहीं था, मुझे माफ कर दो – बाबा रामदेव, योग गुरु।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। वायरल पोस्ट के आधार पर कुछ कीवर्ड बनाए गए और फिर इन्हें सर्च किया गया।
हमें वायरल दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। रामदेव ने यदि ऐसा कोई बयान दिया होता तो उससे जुड़ी कोई न कोई न्यूज रिपोर्ट जरूर मौजूद होती।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने ‘एनबीटी’ के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगालना शुरू किया। हमें असली पोस्टकार्ड एनबीटी के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर मिला। इस पोस्टकार्ड को 17 अगस्त 2026 को शेयर किया गया था। इसके कैप्शन में लिखा है, “योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि देश के युवा खतरे में हैं।” पोस्टकार्ड पर लिखा है, “देश के युवा खतरे में हैं।”
दोनों पोस्टकार्ड के बीच के अंतर को नीचे देखें।

सर्च के दौरान हमें ‘नवभारत टाइम्स’ के एक्स हैंडल पर वायरल पोस्ट का खंडन भी मिला। इसे 21 अगस्त 2026 को पोस्ट करते हुए लिखा गया, “पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर NBT के नाम से कई फर्ज़ी पोस्ट वायरल की जा रही हैं, जिनके माध्यम से भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है। किसी भी खबर की सत्यता और आधिकारिक जानकारी के लिए केवल NBT के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और प्लेटफॉर्म्स पर ही भरोसा करें।”
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए नवभारत टाइम्स डिजिटल के संपादक अखिलेश श्रीवास्तव से संपर्क किया। उन्होंने वायरल पोस्ट को फर्जी बताते हुए कहा कि नवभारत टाइम्स के नाम पर वायरल हो रही ऐसी सभी पोस्ट फर्जी हैं।
क्या है संदर्भ?
रामदेव और बॉलीवुड अदाकारा व भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत इन दिनों आमने-सामने हैं। दरअसल, कंगना ने कुछ दिनों पहले जेन-जी के लिए ‘जेनरेशन गटर’ वाला एक विवादास्पद बयान दिया था। इस बयान को लेकर जब एक न्यूज चैनल पर रामदेव से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कंगना के अतीत पर प्रश्न खड़ा करते हुए कहा था कि ये बिगड़े दिमाग की निशानी है। इसके बाद कंगना ने भी रामदेव के खिलाफ बयान देकर पलटवार किया था। ‘भास्कर डॉट कॉम’ ने 19 अगस्त 2026 को इसे लेकर विस्तार से एक खबर पब्लिश की थी।
जांच के अंत में रामदेव के फर्जी बयान वाले ग्राफिक्स को शेयर करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि यूजर को एक्स पर चार हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट नवंबर 2024 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में रामदेव के नाम पर वायरल हो रहा बयान फर्जी साबित हुआ। रामदेव ने कांग्रेस या मीडिया को लेकर ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया है और न ही नवभारत टाइम्स ने इस तरह का कोई ग्राफिक अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर पोस्ट किया है।
- Claim Review : रामदेव ने कहा कि कांग्रेस सरकार चाहे जैसी भी हो तानाशाह नहीं थी।
- Claimed By : X Handle Bhawanipm
- Fact Check : झूठ
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