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Fact Check: अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला का वीडियो गलत दावे से हुआ वायरल 

महिला शिक्षक द्वारा स्‍कूल के तीन बच्चों को बेचने के नाम पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में महिला ने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी थी। यह वीडियो उसी घटना के बाद का है। 

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला को कुछ पुलिस वाले लेकर जा रहे हैं और वह उनके सामने हाथ जोड़ रही है। कई सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह महिला सरकारी स्कूल की शिक्षिका है और उसने तीन बच्चों को बेच दिया है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वीडियो में नजर आ रही महिला का नाम बरखा त्रेहन है। यह वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के छात्र प्रदर्शन के दौरान का है। महिला ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी थी। यह वीडियो उसी घटना के बाद का है। 

क्या हो रहा है वायरल?

इंस्टाग्राम यूजर ‘dar.bar9988’ ने 19 अगस्त 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “सरकारी स्कूल में पढ़ने से पहले तीन बार सोच लेना जो स्कूलों में ऐसी टीचर होती है इस टीचर ने तीन बच्चे को दरिंदों को बेच दिया अब आप बताओ इस मैडम के साथ कौन सी सजा कानून रखेगा और इसे कौन सी सजा देगा अपनी राय कमेंट में जरूर लिखिए इस मैडम को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए आगे से ऐसी कोई मैडम कम ना उठा और जो वह बच्चे खरीदा है उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए इस मैडम के साथ और कौन-कौन मिला हुआ है”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए वीडियो के कई कीफ्रेम निकालकर उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया गया। हमें वायरल वीडियो से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट ‘Divya Bhaskar’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को एक महीने पहले प्रकाशित किया गया था। गुजराती भाषा में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के छात्र प्रदर्शन के दौरान का है। एक महिला ने अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी थी। उसके बाद पुलिस ने उस महिला को हिरासत में ले लिया था। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो ‘Pratidin Time’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 19 जुलाई 2026 को शेयर किया गया था। यहां पर भी यह जानकारी दी गई है कि अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने के बाद महिला को हिरासत में लिया गया था।

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 19 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “महिला का नाम बरखा त्रेहन है। वह खुद को पुरुषों के अधिकार के लिए लड़ने वाली सामाजिक कार्यकर्ता बताती हैं। स्याही फेंकने को लेकर महिला का कहना था कि इस प्रदर्शन में भगवान राम का अपमान किया गया था इसलिए उन्होंने विरोध जताते हुए यह कदम उठाया था।” 

हमें अपनी पड़ताल के दौरान इस घटना को लेकर की गई बरखा त्रेहन की एक पोस्ट भी मिली। उन्होंने 18 जुलाई 2026 को एक्स पर पोस्ट करते हुए अंग्रेजी में लिखा, “जी हां, मैं बरखा त्रेहन हूं, वही महिला जिसने उस कट्टरपंथी शहरी नक्सली अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी थी। जब मंच पर मेरे प्रभु श्री राम जी का अपमान हो रहा था। ये वहां खड़ा होकर हंस रहा था। मैं कट्टर हिंदू हूं। मैं बहुत आहत थी। यह मेरा विरोध था और मुझे इस पर गर्व है। जय हिंद। जय श्री राम।”

https://twitter.com/barkhatrehan16/status/2078502580993560585

हमने टीचर द्वारा स्‍कूल के बच्चों को बेचने संबंधित कीवर्ड्स से गूगल पर सर्च किया। हमें इस दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली।

अधिक जानकारी के लिए हमने सीजेपी के छात्र प्रदर्शन को कवर करने वाले दैनिक जागरण के रिपोर्टर नेमिश हेमंत से भी संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने के बाद का है, जब महिला को हिरासत में लिया गया था।

क्या है संदर्भ?

नीट एग्जाम पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन सीजेपी की अगुवाई में हुआ था। 25 जुलाई 2026 को केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद यह आंदोलन समाप्त हो गया था। पूरी रिपोर्ट को यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इंस्टाग्राम यूजर को दो हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। 

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि महिला शिक्षक द्वारा स्‍कूल के तीन बच्चों को बेचने के नाम पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में महिला ने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी थी। यह वीडियो उसी घटना के बाद का है। 

  • Claim Review : तीन बच्चों को बेचने के आरोप में पुलिस ने किया स्कूल टीचर को गिरफ्तार।
  • Claimed By : Insta User dar.bar9988
  • Fact Check : झूठ

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