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Fact Check: जमुई छात्रा केस के दो और आरोपियों के एनकाउंटर का दावा झूठा, वायरल वीडियो मुजफ्फरनगर का है

मुजफ्फरनगर में सितंबर 2026 की शुरुआत में पुलिस ने नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में एनकाउंटर के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस घटना के वीडियो को जमुई केस से जोड़कर झूठा दावा किया जा रहा है।

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी और उसके साथ मौजूद छात्र से मारपीट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस केस से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दो घायल युवकों को पुलिस की गिरफ्त में देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि जमुई मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों का एनकाउंटर किया है।

विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि इस मामले में दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद दो अन्य आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर का दावा गलत है। इस दावे के साथ उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की घटना का वीडियो वायरल किया जा रहा है, जहां पुलिस ने एक नाबालिग से कथित दुष्कर्म के एक केस में दो आरोपियों को एनकाउंटर के बाद दबोचा था।

क्या है वायरल पोस्ट?

एक्स यूजर ‘सुभाष कुमार’ ने 23 सितंबर 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “जमुई में लड़की के साथ छेड़खानी के मामले में शामिल दो और अपराधियों का पुलिस एनकाउंटर।” (अनुवाद)

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले इस बारे में गूगल पर संबंधित कीवर्ड से सर्च किया, लेकिन हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।

इसके बाद हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। ‘इंडिया टुडे’ की वेबसाइट पर 7 सितंबर 2026 को छपी एक रिपोर्ट में इसी कीफ्रेम का प्रयोग किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, “उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने छपार थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद 14 वर्षीय लड़की के साथ हुए कथित बलात्कार के मामले में दो आरोपियों, वालीन और सलमान को गिरफ्तार किया है। उनके पैर में गोली लगी है। मामले में एक अन्य आरोपी समीर को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।”

‘आजतक’ की वेबसाइट पर 6 सितंबर 2026 को छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, “मुजफ्फरनगर के रेता नंगला गांव के जंगल में पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें दो आरोपी घायल हो गए। बता दें कि तीन आरोपियों ने जन्माष्टमी पर घर से निकली लड़की को कथित तौर पर अगवा कर लिया था। आरोप है कि एक आरोपी ने लड़की से दुष्कर्म किया था।”

‘एबीपी न्यूज’ की वेबसाइट पर भी 7 सितंबर 2026 को इस घटना के बारे में एक रिपोर्ट छपी है। इसमें भी वायरल वीडियो के कीफ्रेम को देखा जा सकता है।

इस बारे में हमने जमुई में ‘दैनिक जागरण’ के रिपोर्टर और इस घटना को कवर कर रहे संजय सिंह से संपर्क किया। उन्होंने कहा, “इस मामले में अभी तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें से दो को एनकाउंटर के बाद पकड़ा गया था। दो और आरोपियों के एनकाउंटर का दावा गलत है।

क्या है संदर्भ?

बिहार के जमुई में 19 सितंबर 2026 को एक नाबालिग छात्रा से छेड़खानी करने के अलावा उसके साथ मौजूद लड़के के साथ मारपीट की गई थी। ‘बीबीसी’ की 24 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 सितंबर की देर रात सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ युवक लड़की से हिंसा करते हुए दिख रहे थे। पुलिस ने इस मामले में 21 सितंबर को तीन नाबालिग लड़कों को गिरफ्तार किया था, जबकि दो मुख्य अभियुक्तों, हरेराम यादव और नंदन यादव की गिरफ्तारी 22 सितंबर को एनकाउंटर के बाद हुई थी। इसमें नंदन को गोली लगी थी।

‘दैनिक जागरण’ की 24 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, “मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव और उसके सहयोगी हरेराम यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस जांच में हरेराम का शराब तस्करी और अवैध बालू खनन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है, जिसके बाद उसे पॉक्सो कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।”

मुजफ्फरनगर के वीडियो को जमुई मामले से जोड़कर शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। दिसंबर 2013 में बने इस एक्स अकाउंट के 73 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: मुजफ्फरनगर में सितंबर 2026 की शुरुआत में पुलिस ने नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में एनकाउंटर के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस घटना के वीडियो को जमुई केस से जोड़कर झूठा दावा किया जा रहा है।

  • Claim Review : जमुई मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों का एनकाउंटर किया है।
  • Claimed By : X User- subash kumar
  • Fact Check : झूठ

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