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Fact Check: सीजेपी के प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए दिल्ली की सड़कों पर कूड़ा फैलाए जाने के दावे से वायरल हुआ पानीपत का वीडियो

सड़क पर कचरा फेंकने वाले वायरल वीडियो का सीजेपी के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो अगस्त 2026 में हरियाणा के पानीपत में हुए सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों के विरोध-प्रदर्शन का है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) को लेकर विपक्षी दल और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने प्रदर्शन क‍िया। विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। SIR विवाद को लेकर दिल्ली और देश के कुछ इलाकों में प्रदर्शन हुआ। इसी क्रम में पुलिस ने सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर 2026 को हिरासत में ले लिया। इस प्रोटेस्ट से जोड़कर सड़क पर कचरा फेंकते लोगों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो दिल्ली का है, जहां सीजेपी के प्रोटेस्ट को बदनाम करने के लिए सरकार सड़क पर कूड़ा फेंक रही है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो का सीजेपी के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। असल में यह वीडियो हरियाणा का है। दरअसल, अगस्त 2026 में हरियाणा के पानीपत में सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों ने विरोध-प्रदर्शन किया था और उन्होंने सड़क पर कचरा फेंका था।

क्या हो रहा है वायरल? 

फेसबुक यूजर ‘Feroz Ahmad’ ने 10 अक्‍टूबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “छात्र आंदोलन को बदनाम करने के लिए दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी सड़कों पर कूड़ा फैला रहे हैं ..ढोंगी और पाखंडियों जितना कमीनापन करना है सब कर लो हर कमीनेपन का पर्दाफाश होगा।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘Journalist Kulwant Singh’ नाम के एक फेसबुक अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 17 अगस्त 2026 को शेयर किया गया था। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक, “पानीपत में सफाई कर्मचारियों का गुस्सा देखिए, बीच सड़क पर फैलाया कूड़ा।”

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट ‘एबीपी न्यूज’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 17 अगस्त 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट में वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को देखा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, “नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार (17 अगस्त) को बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी एकजुट हुए। विरोध-प्रदर्शन करते हुए ये कर्मचारी कूड़े से भरा एक बड़ा डंपर लेकर सीधे पानीपत के संविधान चौक पहुंच गए। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आक्रोशित कर्मचारियों ने डंपर में भरा सारा कूड़ा बीच सड़क पर उड़ेल दिया।” 

‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर 17 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में नगरपालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। यह हड़ताल 6 अगस्त से शुरू हुई थी और इस अनिश्चितकालीन हड़ताल को 18 अगस्त तक बढ़ा दिया गया था। रिपोर्ट में वायरल वीडियो भी मौजूद है।

‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 26 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “कर्मचारियों की मांग थी कि पालिका रोल पर लगे अनुबंध एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पक्का किया जाए। ठेका प्रथा समाप्त की जाए, खाली पदों पर पक्की भर्ती हो और सफाई एवं सीवर कर्मचारियों की पक्की भर्ती हो।”

अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण पानीपत के रिपोर्टर वियज गांगियान से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो हरियाणा के पानीपत के जीटी रोड का है। सफाई कर्मचारियों ने अगस्त 2026 में विरोध-प्रदर्शन करते हुए कचरा सड़क पर फेंक दिया था।

क्या है संदर्भ?

‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) की प्रक्रिया को लेकर दिल्ली समेत देश के कई ह‍िस्‍सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ की साजिश का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी भी इसी विवाद पर प्रदर्शन कर रही है। 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद हजारों की संख्या में विपक्षी दलों के कार्यकर्ता राजधानी के अलग-अलग इलाकों में जमा हुए और अपना विरोध जताया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी, जिसके तहत हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। ‘जागरण डॉट कॉम’ की खबर में इस बारे में विस्तार से पढ़ा जा सकता है।

‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। केंद्र सरकार ने इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया है।” 

जंतर-मंतर पर बिना अनुमति के विरोध-प्रदर्शन करने और नारेबाजी करने पर दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया है। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ें।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को छह हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को यूपी का रहने वाला बताया है। इस अकाउंट को 21 अप्रैल 2014 को बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सड़क पर कचरा फेंकने वाले वायरल वीडियो का सीजेपी के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो अगस्त 2026 में हरियाणा के पानीपत में हुए सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों के विरोध-प्रदर्शन का है।

  • Claim Review : CJP के प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए दिल्ली की सड़कों पर फैलाया जा रहा कचरा।
  • Claimed By : FB User Feroz Ahmad
  • Fact Check : झूठ

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