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Fact Check: गोमूत्र लिखे कैन की वायरल तस्वीर एआई जनरेटेड

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि कैन पकड़े हुए साधु की तस्वीर को लेकर किया जा रहा वायरल दावा गलत है। असल में वायरल तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनाई गई है, जिसे दुष्प्रचार की मंशा से शेयर किया जा रहा है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Jan 10, 2025 at 05:44 PM
  • Updated: Jan 10, 2025 at 06:05 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर गोमूत्र लिखे हुए कैन के साथ साधु की एक कथित तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। फोटो को असली समझकर कुछ यूजर्स हिंदू समुदाय पर तंज कसते हुए शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वायरल तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनाई गई है, जिसे दुष्प्रचार की मंशा से शेयर किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘एचपीसीसी सोशल मीडिया media’ ने 9 जनवरी 2025 को वायरल पोस्ट को शेयर किया है। पोस्ट पर लिखा हुआ है, “अंधभक्तों के लिए स्पेशल को क।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल

हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। लेकिन हमें दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। हमने तस्वीर में दिखाई गई कैन के बारे में भी सर्च किया। हमें इससे जुड़ी कोई भी जानकारी नहीं मिली। ऐसे में हमें फोटो के एआई होने का संदेह हुआ।

हमने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए फोटो को एआई की मदद से बने मल्टीमीडिया की जांच करने वाले टूल्स की मदद से सर्च किया। हमने हाइव मॉडरेशन  की मदद से भी फोटो को सर्च किया। इस टूल ने फोटो के 99 फीसदी तक एआई जेनरेटेड होने की संभावना बताई। 

हमने एक अन्य टूल एआई साइट इंजन के जरिए फोटो को सर्च किया। टूल ने फोटो को 99 फीसदी तक एआई जेनरेटेड होने की संभावना जताई। True मीडिया ने भी इस फोटो को एआई की मदद से बनाया हुआ बताया।

हमने एआई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे एआई एक्सपर्ट अंश मेहरा से संपर्क किया। उन्होंने तस्वीर को एआई टूल्स की मदद से बनाया हुआ बताया है। 

अंत में हमने फोटो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। यूजर को आठ हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष : विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि कैन पकड़े हुए साधु की तस्वीर को लेकर किया जा रहा वायरल दावा गलत है। असल में वायरल तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनाई गई है, जिसे दुष्प्रचार की मंशा से शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : गोमूत्र लिखे कैन की तस्वीर।
  • Claimed By : FB User HPCC Social media
  • Fact Check : झूठ

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