Fact Check: कर्मचारियों को जल्द सैलरी देने के नाम पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का फेक पोस्ट वायरल, दैनिक जागरण का नहीं है फ्रंट पेज
दैनिक जागरण के एक फेक फ्रंट पेज को एआई की मदद से बनाकर झूठ फैलाया गया है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Oct 29, 2026 at 03:19 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के नाम पर ‘दैनिक जागरण’ का एक कथित फ्रंट पेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के कथित आदेश की एक खबर छपी है। इस खबर के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने सभी निजी और सरकारी कंपनियों को आदेश दिया है कि दीपावली से पहले पांच नवंबर 2026 तक सभी कर्मचारियों को सैलरी का भुगतान किया जाए। इसके अलावा, हर कर्मचारी को 5,100 रुपये का बोनस और एक किलो काजू कतली देने का भी आदेश छपा है। इसे दैनिक जागरण का फ्रंट पेज मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इस पोस्ट की जांच की। हमारी जांच में पता चला कि न तो वायरल हो रहा फ्रंट पेज दैनिक जागरण का है और न ही सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश दिया है, जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया है। हमारी जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। इस फ्रंट पेज को एआई की मदद से झूठ फैलाने के मकसद से तैयार किया गया है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Deepu’ ने 13 अक्टूबर 2026 को एक फेक फ्रंट पेज शेयर करते हुए लिखा, “दीपावली से पहले 5 तारीख को सैलरी भुगतान का आदेश।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले दैनिक जागरण के नाम पर वायरल हो रहे फ्रंट पेज की सच्चाई जानने के लिए इसे ध्यान से देखा। इसमें 10 अक्टूबर की तारीख और ‘राष्ट्रीय संस्करण’ लिखा हुआ है। इस आधार पर हमने दैनिक जागरण का ईपेपर चेक किया। वहां हमें राष्ट्रीय संस्करण का फ्रंट पेज अलग नजर आया। हमें कहीं भी वायरल फ्रंट पेज जैसी कोई खबर नहीं दिखी। इससे यह स्पष्ट हो गया कि वायरल फ्रंट पेज फेक है।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद ली क्योंकि आजकल एआई तकनीक का इस्तेमाल करके फेक कंटेंट वायरल किए जा रहे हैं।
वायरल फ्रंट पेज को हमने एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करना शुरू किया। सबसे पहले हमने इसे गूगल के ‘सिंथ आईडी’ से चेक किया। इसके एनालिसिस के अनुसार, यह फ्रंट पेज ‘ओपन एआई’ की मदद से तैयार किया गया है।

इसके बाद ‘साइट इंजन’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल तस्वीर के लिए 99 फीसदी संभावना इस बात की जताई कि इसे एआई से बनाया गया है।

इसी तरह तस्वीर को ‘AiOrNot’ टूल की मदद से भी चेक किया गया। इसके एनालिसिस में वायरल तस्वीर के एआई से बने होने के करीब 98% संकेत मिले।

हमने वायरल पोस्ट में इस्तेमाल किए गए फ्रंट पेज को डीपफेक डिटेक्शन टूल ‘Pangram’ की मदद से भी चेक किया। इसके एनालिसिस में वायरल फ्रंट पेज के पूरी तरह से एआई-निर्मित होने की प्रबल संभावना की पुष्टि हुई।

इसके बाद ‘हाइव मॉडरेशन’ टूल का यूज किया गया। वायरल फ्रंट पेज को इस टूल की मदद से चेक करने पर पता चला कि यह एआई-निर्मित है। हाइव मॉडरेशन के नतीजों में इसे 99.7 प्रतिशत से अधिक एआई-निर्मित बताया गया।

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए गूगल ओपन सर्च टूल का भी इस्तेमाल किया। संबंधित कीवर्ड बनाकर सर्च करने पर हमें कोई ऐसी खबर नहीं मिली, जो वायरल दावे को सच साबित करती हो।
सर्च के दौरान हमें नोएडा पुलिस के एक्स हैंडल पर एक खंडन भी मिला। 28 अक्टूबर 2026 की इस पोस्ट में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के नाम पर वायरल हो रही पोस्ट फेक है। यह सूचना पूर्णतः असत्य, भ्रामक एवं निराधार है। कंपनियों द्वारा नियमानुसार निर्धारित देय भुगतान किए जा रहे हैं।
जांच के अगले चरण में हमने एआई एक्सपर्ट एसके साहिद से संपर्क किया और उनके साथ वायरल फ्रंट पेज शेयर किया। उन्होंने बताया कि इस तरह के कई फ्रंट पेज एआई की मदद से ही तैयार करके वायरल किए जाते हैं।
क्या है संदर्भ?
दैनिक जागरण की 29 अक्टूबर 2026 की एक खबर के अनुसार, “केंद्रीय कर्मियों व पेंशनर्स के लिए सरकार ने दिवाली से पहले महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे 48.54 लाख कर्मियों व 68.71 लाख पेंशनर्स को लाभ होगा। यह वृद्धि एक जुलाई 2026 से मान्य होगी और इस माह के अंत में मिलने वाले वेतन में चार माह का एरियर भी शामिल होगा।”
जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर के अकाउंट की जांच की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि यूजर नोएडा का रहने वाला है। इसे नौ सौ से अधिक लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं। यह अकाउंट 2017 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में दैनिक जागरण के नाम पर वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली से पहले पांच तारीख तक सैलरी देने का कोई आदेश नहीं दिया है। दैनिक जागरण के एक फेक फ्रंट पेज को एआई की मदद से बनाकर झूठ फैलाया गया है।
- Claim Review : दीपावली से पहले 5 तारीख को सैलरी भुगतान का सुप्रीम कोर्ट का आदेश।
- Claimed By : Facebook User Deepu
- Fact Check : झूठ
- AI Detection Tool SynthId
- AI Detection Tool SightEngine
- AI Detection Tool AIORNOT
- AI Detection Tool Pangram
- AI Detection Tool HiveModeration
- Post by X@noidapolice, Dated 28 Oct 2026
- News Report by Dainik Jagran, Dated 29 Oct 2026
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