Explainer: पुराने सिक्के और 786 नंबर वाले नोट बेचना चाहते हैं तो सावधान हो जाएं
पुराने सिक्के और 786 नंबर वाले नोट के बदले में लाखों की ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। अब सवाल उठता है कि क्या पुराने सिक्के या ऐसे नोट बेचकर लखपति बना जा सकता है या आसान कमाई के चक्कर में आपके खाते से जिंदगी भर की कमाई चली जाएगी? ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब जानते हैं इस रिपोर्ट में।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Jan 25, 2025 at 03:29 PM
- Updated: Sep 26, 2025 at 11:59 AM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। “786 सीरियल नंबर वाला नोट की कीमत 12 लाख 80 रुपये मिलेगी” या “100 रुपये के नोट के बदले 6 लाख रुपये मिलेंगे”। कुछ इसी तरह की फर्जी पोस्ट सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर देखने को मिलते रहते हैं।
कुछ पोस्ट में पुराने सिक्के बदलने के नाम पर लाखों रुपये देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन क्या वाकई में पुराने सिक्के या कुछ खास सीरियल नंबर वाले नोट के बदले में लाखों रुपये मिल रहे हैं? क्या पुराने सिक्के या ऐसे नोट बेचकर आसानी से लखपति बना जा सकता है या आसान कमाई के चक्कर में आपके खाते से जिंदगी भर की कमाई चली जाएगी? ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब जानते हैं इस रिपोर्ट में।
केस स्टडी
पंजाब सरकार से रिटायर वेटरनरी इंस्पेक्टर ने सोशल मीडिया पर पुराने सिक्कों से जुड़ा विज्ञापन देखा और दिए गए नंबर पर कॉल कर दिया। बात होते ही पीड़ित ने पुराने सिक्कों और नोटों की तस्वीर वॉट्सऐप पर भेज दी। इसके बदले उनको एक करोड़ पांच लाख रुपये देने का वादा किया गया। बाद में ठगों ने आरबीआई का नाम लेकर पुराने सिक्कों को बेचने के लिए सेल सर्टिफिकेट बनवाने का झांसा दिया और पीड़ित के जरूरी दस्तावेज व 450 रुपये ले लिए। बाद में डील की रकम 50 लाख कर दी गई।
इसके बाद सिक्योरिटी डिपोजिट के नाम पर 15 हजार रुपये ले लिए गए। इतने पर भी ठग नहीं रुके और जीएसटी, सिक्योरिटी मनी और बाकी छोटे-मोटे चार्ज के लिए पैसे मांगते रहे। बाद में ठग ने कहा कि उनकी तय रकम लेकर टीम चली गई है। टीम की गाड़ी खराब होने की बात कहकर फिर पैसे मांगे गए। फिर एक पुलिस अधिकारी की तस्वीर भेजकर घमकी दी गई और पैसे की मांग की गई। बाद में ठगी का एहसास होने पर पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन तब तक पीड़ित से 6.69 लाख रुपये की ठगी हो चुकी थी।

मंगलुरु में एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पुराने सिक्कों से जुड़ी पोस्ट देखकर उसमें दिए गए नंबर पर संपर्क किया। इसके बाद ठग ने उससे 750 रुपये शुल्क के नाम पर ले लिए। इसके बाद उससे जीएसटी, बीमा, टीडीएस, जीपीएस शुल्क, आईटीआर शुल्क और कथित आरबीआई नोटिस शुल्क के नाम पर पैसे मांगे गए। फिर उसके पास एक फोन आया। उसने खुद को मुंबई साइबर पुलिस कमिश्नर बताया और कहा कि उसके पिछले लेन-देन के कारण RBI का नोटिस जारी किया गया है और 12.55 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान नहीं करने पर गिरफ्तार करने की धमकी दी गई। इससे डरकर पीड़ित ने 9 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी पैसे की मांग जारी रही। इस तरह से पीड़ित ने 58.26 लाख रुपये गंवा दिए।

पुलिस अधिकारियों के फेक वीडियो का इस्तेमाल
साइबर अपराधी पुलिस अधिकारियों के फेक वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों को भरोसा दिलाते हैं और फ्रॉड वाले नंबर पर कॉल करने को उकसाते हैं। विश्वास न्यूज की पड़ताल में ऐसे कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिस अधिकारियों के फेक वीडियो का साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल किया गया था। इनमें से मध्य प्रदेश के खरगौन के डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा और यूपी में तैनात डीएसपी सुनील दत्त दुबे के वीडियो के फेक वीडियो बनाकर पुराने सिक्के बेचने का प्रचार किया गया। पुलिस इन्वेस्टिगेशन के दौरान इनकी लोकेशन हरियाणा के मेवात या राजस्थान के भरतपुर और अलवर की निकली थी।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया था कि 786 सीरियल नंबर वाले नोट की कीमत 12 लाख 80 हजार रुपये दी जाएगी। पड़ताल के दौरान विश्वास न्यूज ने फ्रॉड से संपर्क किया था। जवाब में हमसे आरबीआई के परमीशन लेटर के बदले में 750 रुपये मांगे गए। हमसे कहा गया कि नोट की कीमत सरकार की तरफ से दी जाएगी। कंपनी का नाम ओल्ड क्वाइन मुंबई बताया गया, जो कांदिवली में स्थित है।
इस तरह से ठगी की लगातार शिकायत आने पर आरबीआई ने 4 अगस्त 2021 को प्रेस रिलीज जारी कर कहा था कि कुछ लोग धोखाधड़ी के लिए आरबीआई के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। ठग पुराने बैंक नोट या सिक्कों की खरीद-फरोख्त के मामलों में आरबीआई के नाम से शुल्क मांग रहे हैं। संस्था की तरफ से किसी को भी इस तरह के लेन-देन में शुल्क वसूलने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।

इसके बाद अब सवाल उठता है कि पुराने सिक्के या नोट कहां बेचे जाएं। कुछ वेबसाइट पर पुराने नोट या सिक्के बेचे जा रहे हैं। 10 सितंबर 2022 को जी न्यूज की वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार, कुछ खास सीरियल नंबर वाले नोट को कुछ कंपनियों की वेबसाइट पर अपलोड कर बेचा जा रहा है। वेबसाइट पर जाकर नोट की फोटो अपलोड करनी होगी और उस पर कीमत डालनी होगी। यहां आपको खुद को विक्रेता के तौर पर रजिस्टर करना होगा। इसके बाद जो भी व्यक्ति ऐसे नोट खरीदने का शौकीन होगा, वह आपसे संपर्क करेगा।

हालांकि, विश्वास न्यूज इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
क्या सावधानी बरतें
इस बारे में हमने पुराने सिक्के और नोट खरीदने का दावा करने वाले मुंबई स्थित एनएसएस क्वाइंस की दुकान पर संपर्क किया। उनका कहना है, “इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए सीधे दुकान पर जाकर सिक्का या नोट दीजिए और उसकी कीमत ले लीजिए। किसी को भी एडवांस पेमेंट मत दीजिए। मेरी दुकान के नाम से कई लोग फर्जीवाड़ा कर रहे हैं, जिसकी शिकायत कर दी गई है।“
दिल्ली में पुराने सिक्के व नोट के खरीदने का दावा करने वाले इंडियन हॉबी क्लब के ओनर कपिल का कहना है कि किसी को भी एडवांस मत दें और दुकान पर सीधे जाकर नोट या सिक्के बेचें। इससे फर्जीवाड़े से बचा जा सकता है। दुकान पर नोट या सिक्के की जो भी कीमत होगी, वह तुरंत मिल जाएगी।

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...













मेरे पास 786siriyal नम्बर वाला नोट है।
786
786 serial number and hundred nots
dk0798352@gmail.com
768
Palla hanuman mandir
786 note hai
20 rupay ka note
786 ka not hai
786 ka not ka praise 500 ka he और 20 ka hai
786 not he mere pass
100 ki not ha 786