X
X

रील्स के जरिए अश्लीलता और फूहड़ता फैलाने पर हो सकती है जेल

सड़क हो या फिर सोशल मीडिया, अश्‍लीलता फैलाना अपराध है। इसे लेकर कानून में कई धाराएं हैं।

नई दिल्‍ली (Ashish Maharishi)। सोशल मीडिया पर इनदिनों फूहड़ता से भरी रील्‍स/शॉर्ट वीडियो की बाढ़-सी आ गई है। ज्‍यादा से ज्‍यादा फॉलोअर्स की चाहत और शॉर्टकट तरीकों से पैसे कमाने का लालच के कारण ऐसे वीडियो की तादाद बढ़ गई है। इसका खामियाजा भी फूहड़ वीडियो बनाने वालों को ही उठाना पड़ रहा है। पिछले दिनों यूपी के संभल और उन्‍नाव में ऐसे युवक व युवतियों को जेल का चक्‍कर काटना पड़ा, जिन्होंने ऐसे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किए थे।

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि जब इन वीडियो को गांव के कुछ लोगों ने देखा तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए गांव में चर्चा शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बच्चों पर इसके दुष्प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने संबंधित चैनल की गतिविधियों की जांच की। वीडियो की समीक्षा करने के बाद उन्हें अश्लील और भड़काऊ पाया गया। इसके बाद दोनों युवतियों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किया गया। हालांकि, फिलहाल उन्‍हें जमानत मिल गई है।

इसी तरह उन्‍नाव जिले में पिछले महीने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील और अभद्र वीडियो बनाकर पोस्ट करने के आरोप में पुलिस तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। ये लोग लोकप्रियता पाने के लिए गाली-गलौज वाले वीडियो बनाते थे।

क्‍या कहता है कानून

गौतम बुद्ध नगर के एडवोकेट अजीत त्‍यागी बताते हैं कि सड़क हो या फिर सोशल मीडिया, अश्‍लीलता फैलाना अपराध है। इसे लेकर कानून में कई धाराएं हैं। मसलन, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकत और अश्लील गाने से संबंधित है। इस धारा के तहत यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करता है या अश्लील गाना गाता है, तो उसे तीन महीने तक की कैद, या 1,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है।

इसी तरह सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधित) अधिनियम 2008 की धारा 67 के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने पर पहली बार दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की कैद और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है और दूसरी बार या बाद में दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की कैद और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

संभल जिले के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने विश्‍वास न्‍यूज को बताया कि अश्‍लीलता और फूहड़ता फैलाने वालों के खिलाफ कानून में प्रावधान हैं। हमारे सामने जब भी ऐसा कोई केस आता है कि केस दर्ज करके ऐसे अकाउंट को बंद करवाने का प्रयास किया जाता है। उन्‍होंने आगे कहा कि उन सभी से अनुरोध है जो भी सस्‍ती लोकप्रियता पाने के लिए अश्‍लीलता फैलाते हैं, ऐसा कार्य न करें।

साइबर एक्‍सपर्ट चेतक वाजपेयी विश्‍वास न्‍यूज से बातचीत में कहते हैं कि आज के वक्‍त में फेमस होने के लिए वायरल होना आवश्‍यक है। इसलिए इंटरनेट पर लोग अश्‍लील, फूहड़ता से भरा हुआ या फिर विवादित कंटेंट बनाते हैं, ताकि उनके फॉलोअर्स ज्‍यादा से ज्‍यादा बढ़ जाएं। जितने ज्‍यादा व्‍यूज आएंगे, उतनी ज्‍यादा कमाई होगी। इसी लालच में अश्‍लील और फूहड़ वीडियो की बाढ़-सी आ गई है, जबकि सोशल मीडिया पर ऐसे कंटेंट को लेकर पॉलिसी भी है।

मेटा की पॉलिसी में इस बात का साफ जिक्र है कि वह नग्‍नता वाले कंटेंट को प्रतिबंधित करता है। ऐसे कंटेंट को लेकर यूजर्स सोशल मीडिया पर रिपोर्ट भी कर सकता है। रिव्‍यू के बाद नग्‍नता वाले कंटेंट को हटाया जा सकता है।

मेटा की तरह यूट्यूब भी अश्‍लील कंटेंट को लेकर गंभीर है। इसकी गाइडलाइंस में साफ कहा गया है कि अश्‍लील कंटेंट अपलोड करने पर चैनल को बंद भी किया जा सकता है। कोई भी यूजर ऐसे कंटेंट को रिपोर्ट कर सकते हैं। यूट्यूब इसे रिव्‍यू करके अश्‍लील वीडियो को हटाने की चेतावनी दे सकता है। कई बार यूट्यूब की ओर से भी ऐसे कंटेंट पर पेनल्टी लगाया जाता है ।

विश्‍वास न्‍यूज से जुड़ी खास रिपोर्ट को नीचे पढ़ें।

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later