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Fact Check : SCO समिट की बताकर चीन व रूस के राष्‍ट्रपति के साथ PM मोदी की 2018 की फोटो की गई वायरल

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा भ्रामक है। पीएम मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यह फोटो दिसंबर 2018 में अर्जेंटीना में हुए जी20 समिट की है। सात साल पुरानी फोटो को हालिया एससीओ समिट का बताते हुए शेयर किया जा रहा है।

  • By: Umam Noor
  • Published: Sep 2, 2025 at 07:26 PM
  • Updated: Sep 4, 2025 at 09:41 AM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिका की तरफ से भारत के लिए बढ़ाए टैरिफ और पिछले दिनों हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ देखा जा सकता है। इस तस्‍वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि यह हाल ही में हुए एससीओ समिट की है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा भ्रामक है। पीएम मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यह फोटो दिसंबर 2018 में अर्जेंटीना में हुए जी20 समिट की है। सात साल पुरानी फोटो को हालिया एससीओ समिट का बताते हुए शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर राम सिंह ने 31 अगस्त को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “इस एक तस्वीर ने अमेरिका सहित पूरे पश्चिमी देशों की नींव हिला दी है। भारत : नरेंद्र मोदी रूस : व्लादिमीर पुतिन चीन : शी जिनपिंग मिर्ची तो जबरदस्त लगी होगी।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल फोटो को सर्च किया। सर्च किए जाने पर हमें वायरल तस्वीर से मिलती-जुलती फोटो 7 दिसंबर 2018 को पब्लिश हुई एक गैलरी में मिली। यहां दी गई जानकारी के अनुसार, यह जी20 समिट की तस्वीरें हैं।

टाइम टूल और कीवर्ड की मदद से हमने तस्वीर को सर्च करना शुरू किया। सर्च में हमें एक न्यूज वेबसाइट पर छपे आर्टिकल में यह तस्वीर मिली। तस्वीर के साथ गई गई जानकारी के अनुसार, “चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (दाएं), रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (बीच में) और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बाएं) 30 नवंबर 2018 को अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात करते हुए।”

सर्च में हमें इसी मौके की तस्वीर पीएमओ के वेरिफाइड एक्स हैंडल पर भी 1 दिसंबर 2018 को पोस्ट की हुई मिलीं।

बता दें, गौरतलब है कि हाल ही में चीन में हुई शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से ऐसी कई तस्‍वीरें सामने आईं, जिससे भारत, रूस व चीन की करीबियों का पता चल रहा है। इन तीनों देशों के नेता तीन दिन की बैठक में कई बार गर्मजोशी से मिले।

वायरल पोस्ट से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमारे साथी दैनिक जागरण में अंतरराष्ट्रीय ख़बरों को कवर करने वाले सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट जेपी रंजन से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह तस्वीर कई साल पुरानी है।

अब बारी थी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर राम सिंह को 18 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वहीं, इस प्रोफाइल से विचारधारा विशेष से प्रेरित पोस्ट शेयर की जाती हैं।

कुछ दिन पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और यूरोपीय लीडरों की एक तस्‍वीर वायरल हुई थी। इसमें उन्‍हें कथित रूप से अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के ओवल ऑफिस के बाहर बैठे हुए दिखाया गया। उसकी भी हमने जांच की थी। पूरी पड़ताल को यहां पढें।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा भ्रामक है। पीएम मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूप के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यह फोटो दिसंबर 2018 में अर्जेंटीना में हुए जी20 समिट की है। सात साल पुरानी फोटो को हालियाएससीओ समिट का बताते हुए शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : यह हाल ही में हुए एससीओ समिट की तस्‍वीर है।
  • Claimed By : FB User- Ram Singh Singh
  • Fact Check : भ्रामक

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