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Fact Check: अमेरिकी NGO नहीं NHRC कर रहा हैदाराबाद मुठभेड़ की जांच, फर्जी दावे के साथ नेटफ्लिक्स वेब सीरीज का पोस्टर वायरल

  • By Vishvas News
  • Updated: December 9, 2019

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। हैदराबाद में हुए गैंगरेप और हत्या के आरोपियों की एनकाउंटर में हुई मौत के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी ह्यूमन राइट एनजीओ इस मामले की जांच करेगी।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के नाम पर जो तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, वह अमेरिकी टीवी कॉमेडी सीरीज का पोस्टर है, जो नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर तरुण व्यास (Tarun Vyas) ने ”I Support Yogi” ग्रुप में आठ विदेशी नागरिकों की एक फोटो को शेयर करते हुए लिखा गया है, ‘लो भाइयों एनकाउंटर हुआ नहीं कि ह्यूमन राइट वाले दल्ले पहले ही आ गए!! सुदर्शन टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक एक अमेरिकी ह्यूमन राइट एनजीओ की फोटो सामने आई है, जो हैदराबाद एनकाउंटर की जांच करेगी। ये ह्यूमन राइट वाले तब कहां होते है जब किसी बेटी की इज्जत लूटी जाती है। थु इन पर!!’

पड़ताल

एनएचआरसी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, आयोग ने हैदराबाद गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए। आयोग ने डायरेक्टर जनरल (इन्वेस्टिगेशन) को तत्काल फैक्ट फाइंडिंग टीम को भेजने का आदेश दिया है। टीम की अगुआई एसएसपी करेंगे, जो जल्द से जल्द रिपोर्ट को सौंपेगे।

हैदराबाद गैंगरेप के आरोपियों के मुठभेड़ में हुई मौत के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने एकनकाउंटर की जांच शुरू कर दी है। एनएचआरसी की सात सदस्यीय टीम 7 दिसंबर को हैदराबाद पहुंची। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, ‘शनिवार (7 दिसंबर) को एनएचआरसी की सात सदस्यीय टीम ने उस जगह का दौरा किया, जहां चारों आरोपियों को गोली मारी गई थी। इस टीम में तीन फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी हैं। टीम ने महबूबनगर के सरकारी अस्पताल के शव गृह का भी दौरा किया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद आरोपियों के शवों को रखा गया था।’

खबर में लगी तस्वीर में मानवाधिकार आयोग के सदस्यों को घटनास्थल पर पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते हुए देखा जा सकता है।

टीवी 9 कन्नड़ के ऑफिशियल यू-ट्यूब चैनल पर 7 दिसंबर को अपलोड किए गए वीडियो में आयोग की टीम को पुलिस की सुरक्षा में एयरपोर्ट से बाहर निकलने हुए देखा जा सकता है।

फोटो और वीडियो में नजर आ रहे जांच दल के सदस्य, वायरल तस्वीर से बिल्कुल अलग हैं। वायरल तस्वीर का रिवर्स इमेज किए जाने पर हमें avclub.com की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है। खबर के मुताबिक, यह तस्वीर ”ब्रुकलिन 99” के सीजन 5 के 9वें एपिसोड की तस्वीर हैं।

नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस अमेरिकी कॉप कॉमेडी शो का पांचवा सीजन प्रसारित हो चुका है।

Image Credit-Netflix

वायरल तस्वीर में जिस व्यक्ति को ‘’चीफ इन्वेस्टिगेटर जैक पेराल्टा’’ बताया गया है, उनका वास्तविक नाम एंडी सैमबर्ग है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में तैनात मीडिया एंड कम्युनिकेशन के डिप्टी डायरेक्टर जैमिनी कुमार श्रीवास्तव ने विश्वास न्यूज से कहा कि वह सोशल मीडिया को मॉनिटर नहीं करते हैं और न ही उस पर वायरल हो रहे किसी मसले पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने कहा, ‘आयोग जांच अधिकारियों की कोई तस्वीर जारी नहीं करता है।’

निष्कर्ष: हैदराबाद एनकाउंटर की अमेरिकी ह्यूमन राइट एनजीओ के जांच कराए जाने के दावे के साथ वायरल हो रही तस्वीर झूठी है। जिस तस्वीर को अमेरिकी एनजीओ के अधिकारियों के दावे के साथ वायरल हो रहा है, वह नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होने वाली वेब सीरीज का पोस्टर है और मामले की जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) कर रही है।

  • Claim Review : अमेरिकी ह्यूमन राइट NGO करेगी हैदराबाद एनकाउंटर की जांच
  • Claimed By : FB User-Tarun Vyas‎
  • Fact Check : False
False
    Symbols that define nature of fake news
  • True
  • Misleading
  • False
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