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Fact Check: बिहार चुनाव में मतदाताओं की संख्या से अधिक वोटिंग का दावा FAKE, करीब 67% रहा मत प्रतिशत

बिहार में कुल मतदाताओं के मुकाबले अधिक संख्या में हुए मतदान का दावा फेक और चुनावी दुष्प्रचार है। बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या करीब साढ़े सात करोड़ थी, जिसमें करीब 67 फीसदी ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने के बाद सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर परिणाम को लेकर एक दावा वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि बिहार में कुल मतदाता 7.42 करोड़ थे, लेकिन मतदान के दौरान कुल 7.45 करोड़ लोगों ने वोट दिया। इन आंकडों को शेयर करते हुए बिहार चुनाव में ‘धांधली’ का दावा किया जा रहा है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक और चुनावी दुष्प्रचार पाया। बिहार चुनाव के दोनों चरणों में हुए मतदान की संख्या राज्य में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या से अधिक नहीं थी। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कुल पंजीकृत मतदाताओं में करीब 67 फीसदी ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Nishant Verma’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “चुनाव आयोग का बिहार में महा घपला? कुल मतदाता 7.42 करोड़, मतदान किया 7.45 करोड़ ने, और कहते हैं ये सिर्फ 66.91% वोटिंग है, तो क्या बिहार में 12 करोड़ मतदाता हैं? #VoteChori #Bihar #biharelection2025.”

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स (आर्काइव लिंक) ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

बिहार में इस बार दो चरणों में छह और 11 नवंबर को मतदान हुआ था, जिसके नतीजे 14 नवंबर को आए। नतीजों के मुताबिक, बिहार चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 89, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को 85 , राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) 25, एलजेपी(आर)  को 19, कांग्रेस को छह, एआईएमआईएम को पांच सीटें मिलीं।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे (Source: ECI)

दोनों चरणों का मतदान होने के बाद चुनाव आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में कुल 66.91 फीसदी मतदान हुआ। यानी बिहार में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 7,45,26,858 थी और इसमें से 66.9 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी 11 नवंबर को जारी आंकड़ा। (Source: ECI)

11 नवंबर को मतदान को लेकर जारी किया गया आंकड़ा प्रॉविजनल था। यानी इन आंकड़ों में सर्विस वोटर्स, टीजी वोटर्स का प्रतिशत और पोस्टल बैलेट के आंकड़े शामिल नहीं थे। 12 नवंबर को आयोग ने अपडेटेड आंकड़ा जारी किया, जिसके मुताबिक कुल मतदान प्रतिशत 67.13% था।

यानी कुल 7,45,26,858 में से करीब पांच करोड़ ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।  आयोग के मुताबिक, यह 1951 के बाद राज्य में हुआ ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत है।

तो यह दावा गलत और चुनावी दुष्प्रचार है कि राज्य में हुआ मतदान पंजीकृत मतदाताओं की संख्या से अधिक है।

गौरतलब है कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के आंकड़ों को आयोग ने 30 सितंबर को जारी किया था। इन आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 30 सितंबर 2025 तक करीब 7.42 करोड़ मतदाता थे।

30 सितंबर को निर्वाचन आयोग की तरफ से SIR के बाद के आंकड़े (Source:ECI)

30 सितंबर को जारी इन आंकड़ों के साथ आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि कोई व्यक्ति अभी भी अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए आवेदन करना चाहता है, तो वह चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि से दस दिन पहले तक आवेदन जमा कर सकता है।

Source:ECI

यानी नामांकन दाखिल किए जाने की अंतिम तिथि से 10 दिनों पहले तक योग्य व्यक्ति अपने नाम मतदाता सूची में जोड़े जाने के लिए आवेदन कर सकते थे।

इसी वजह से 30 सितंबर को जारी एसआईआर में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या में बाद में वृद्धि हुई। यह वृद्धि आयोग की तरफ से जारी आधिकारिक आंकड़ों में देखी जा सकती है।

छह अक्टूबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या (30 सितंबर को जारी एसआईआर के बाद के 7.42 करोड़ के मुकाबले) बढ़कर 7,43,55,976 हो गई।

Source: ECI

बिहार में हुए मतदान के दौरान राज्य में पंजीकृत मतदाताओं के मुकाबले ज्यादा संख्या में हुए मतदान के दावे को लेकर हमने चुनाव आयोग के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि बिहार में पंजीकृत मतदाताओं के मुकाबले करीब 67 फीसदी (66.91%) ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

वायरल पोस्ट को लेकर हमने केंद्रीय निर्वाचन से भी संपर्क किया। आयोग के अधिकारी ने बताया, “बिहार में 7.45 करोड़ लोगों के मतदान करने का दावा पूरी तरह से गलत आंकड़ा है।”

वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब छह हजार लोग फॉलो करते हैं।

इससे पहले अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद इस तरह के दावे वायरल होते रहे हैं, जिसकी फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को विश्वास चुनाव के चुनाव और पॉलिटिक्स सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: बिहार में कुल मतदाताओं के मुकाबले अधिक संख्या में हुए मतदान का दावा फेक और चुनावी दुष्प्रचार है। बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या करीब साढ़े सात करोड़ थी, जिसमें करीब 67 फीसदी ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

  • Claim Review : बिहार में कुल मतदाता 7.42 करोड़ और मतदान किया 7.45 करोड़ मतदाताओं ने।
  • Claimed By : FB User-Nishant Verma
  • Fact Check : झूठ

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