Narratives vs Facts: Infosys का 18,000 करोड़ का मेगा बायबैक: निवेश या भूल?
- By: Abhishek Parashar
- Published: Sep 23, 2025 at 01:02 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। इन्फोसिस के बायबैक की घोषणा को लेकर सोशल मीडिया दो ध्रुवों में बंटा नजर आया। पहले नैरेटिव में इसे ‘मेगा बायबैक’ कहा गया। तर्क था कि इन्फोसिस अपने निवेशकों को रिवॉर्ड दे रहा है, कैश लौटा रहा है। यह एक स्वागत योग्य कदम है। वहीं दूसरा नैरेटिव एक न्यूज आर्टिकल की एनालिसिस पर आधारित था। इसका तर्क था कि इन्फोसिस को इस ₹18,000 करोड़ का इस्तेमाल ‘मेगा बायबैक’ के बजाय ‘मेगा इन्वेस्टमेंट’ के तौर पर करना चाहिए था। तर्क दिया गया कि जहां ओरेकल जैसी पश्चिमी कंपनियां AI, क्लाउड और डेटाबेस जैसी फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर भारी निवेश कर रही हैं, वहीं इन्फोसिस अपनी नकदी का इस्तेमाल ‘फाइनेंशियल इंजीनियरिंग’ या शेयर वापस खरीदने में कर रहा है। नैरेटिव Vs फैक्ट में बातचीत इसी मुद्दे पर:
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