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Fact Check: मध्य प्रदेश में 1,000 रुपये नहीं, 600 रुपये प्रति महीने मिल रहा वृद्धा पेंशन, गलत दावा हो रहा वायरल

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश सरकार की वृद्धा पेंशन योजना को लेकर एक पोस्ट वायरल हो रही है। दावा किया गया है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद वृद्धा पेंशन की राशि को 300 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकलता है। मध्य प्रदेश सरकार वृद्धाओं को 1,000 रुपये का पेंशन नहीं दे रही है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक पर ‘कमलनाथ जी को क्यूं कहते हैं सुपर सीएम…???’ के नाम से शेयर की गई पोस्ट में लिखा हुआ है, ‘कमलनाथ जी। देश के पहले ऐसे सीएम है, जिन्होंने वृद्धा पेंशन राशि को 300 रु बढ़ाकर 1000 रु की।

इसलिए तो कमलनाथ जी को सुपर सीएम कहते हैं।’

फेसबुक पर वायरल हो रहा गलत पोस्ट

पोस्ट को रणवीर ठाकुर (Ranveer Tahkur) की प्रोफाइल से शेयर किया गया है, जिसे अभी तक 100 से अधिक बार शेयर किया जा चुका है, वहीं 2500 से अधिक लोगों ने पसंद किया है।

पड़ताल

पड़ताल की शुरुआत हमने मध्य प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर दी गई जानकारी से की। राज्य सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय के तहत चलने वाले ‘’मध्य प्रदेश स्टेट पेंशन पोर्टल/ऑनलाइन सोशल सिक्युरिटी स्कीम्स मैनेजमेंट सिस्टम’ पर दी गई जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में कुल 10 तरह की पेंशन योजनाओं का संचालन हो रहा है।

1.सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन योजना

2.इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना

3.इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन

4.इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन

5.बहुविकलांग एवं मानसिक रूप से अविकसित नि:शक्तजन को आर्थिक सहायता

6.कन्या अभिभावक पेंशन योजना

7.सामाजिक सुरक्षा परित्यक्तता पेंशन योजना

8.सामाजिक सुरक्षा नि:शक्त पेंशन योजना

9.दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन सहायता योजना और

10.मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन योजना।

वायरल पोस्ट में जिस योजना का जिक्र किया है, वह उपर लिखी गई सूची में शामिल सबसे पहली योजना, सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन योजना है। 60 साल से अधिक उम्र के निराश्रित वृद्ध इस योजना के लिए योग्य हैं और इसके तहत सभी लाभार्थियों को 600 रुपये प्रतिमाह का पेंशन दिया जाता है, जिसे मध्य प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

नईदुनिया में 28 जनवरी 2019 को छपी खबर से इसकी पुष्टि होती है। खबर के मुताबिक, राज्य सरकार ने अगले वित्त वर्ष यानी 2019-20 से 300 रुपये की बजाए 600 रुपये मासिक पेंशन देने का फैसला किया है। इस इजाफे की वजह से सरकार के खजाने पर करीब 1440 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

इसे लेकर विश्वास न्यूज ने मध्य प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर मनोज बाथम से बात की। उन्होंने हमें बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट में कोई सच्चाई नहीं है। बाथम ने कहा, ‘सामाजिक सुरक्षा वृद्धा पेंशन के तौर पर अभी लाभार्थियों को प्रति महीने 600 रुपये दिए जा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि इस साल अप्रैल महीने में इसे 300 रुपये प्रति महीने से बढ़ाकर 600 रुपये किया गया था, जिसमें फिलहाल किसी बदलाव का प्रस्ताव नहीं है।

फेसबुक यूजर्स रणवीर ठाकुर के प्रोफाइल की जब हमने स्कैनिंग की, तो हमें वहां पर विचारधारा विशेष को समर्पित कई पोस्ट नजर आए। यूजर्स ने कांग्रेस विशेषकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के पक्ष में कई पोस्ट किए हुए हैं।

निष्कर्ष: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के शासनकाल में वृद्धा पेंशन की राशि को प्रति महीने 300 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये किए जाने को लेकर वायरल हो रही पोस्ट गलत है। मध्य प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों को प्रति महीने 600 रुपये की राशि दी जा रही है।

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  • Claim Review : मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार 100 रुपये प्रति महीने दे रही वृद्धा पेंशन
  • Claimed By : FB User-Ranveer Thakur‎
  • Fact Check : False
False
    Symbols that define nature of fake news
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