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Fact Check: महाराष्ट्र में EVM गड़बड़ी का दावा FAKE, किसी भी चुनावी ड्यूटी में शामिल नहीं था बर्खास्त पुलिस अधिकारी

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में नई सरकार का गठन हो चुका है और देवेंद्र फडणवीस राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं। इस बीच महाराष्ट्र पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि उसके सामने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में छेड़छाड़ की गई और उसे इसके बदले में चुप रहने के लिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये तक की रकम दी गई।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक और सनसनी फैलाने वाला पाया। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने इस आरोप को खारिज करते हुए बताया कि बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर रंजीत कासले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, 2024 के दौरान किसी भी तरह के चुनावी ड्यूटी का हिस्सा नहीं थे। इसके साथ ही बीड जिला निर्वाचन अधिकारी को कासले के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया गया है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘hac_studios_hrf’ ने वायरल इन्फोग्राफिक्स (आर्काइव लिंक) को शेयर किया है, जिसमें लिखा है, “महाराष्ट्र: मेरे सामने EVM से छेड़छाड़ की गई, मुंह बंद रखने के लिए 10 लाख रुपये दिए गए।”

सोशल मीडिया पर फेक दावे के साथ वायरल इन्फोग्राफिक्स।

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस पोस्ट को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल पोस्ट में किए दावे के आधार पर सर्च करने पर हमें इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आधिकारिक एक्स हैंडल पर मिला, जो एक एक्स यूजर की पोस्ट पर की गई टिप्पणी है, जिसमें रणजीत कासले को कथित बयान देते हुए सुना जा सकता है।

इस पोस्ट पर चुनाव आयोग ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है, यह “आरोप एक असंतुष्ट पुलिस अधिकारी (निलंबित) ने लगाया है। चूंकि सख्त कानूनी प्रशासनिक प्रोटोकॉल के तहत ईवीएम को रखा जाता है, इसलिए ईवीएम को हटाना असंभव है। लेकिन (मामले की) गंभीरता को देखते हुए  सीईओ के जरिए डीएम और एसएसपी से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”

इसके बाद 19 अप्रैल 2025 को डीईओ यानी जिला निर्वाचन अधिकारी और एसएसपी (बीड) के आधिकारिक बयान के आधार पर चुनाव आयोग ने पुलिस सब-इंसपेक्टर रंजीत कासले के आरोपों को खारिज करते हुए बताया, “वह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी ड्यूटी पर नहीं थे। आरोपों का उद्देश्य सार्वजनिक शांति और सौहार्द को भंग करना, लोगों को राज्य के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाना है।”

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने बीड डीईओ को कासले के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाने का जिक्र किया है।

बीड, जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की तरफ से जारी रिपोर्ट में बताया गया है, “परली विधानसभा क्षेत्र में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। हालांकि, हाल ही में बर्खास्त पुलिस सब-इंसपेक्टर रंजीत कासले ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर करते हुए गंभीर आरोप लगाए, जिसमें उसने दावा किया कि वे उस जगह तैनात थे, जहां चुनाव के बाद (स्ट्रॉन्ग रूम में) ईवीएम को रखा गया था और फिर बाद में उसे वहां की ड्यूटी से हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें ड्यूटी से हटाए जाने का मकसद ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करना था।”

बीड, जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की तरफ से जारी रिपोर्ट (Source: @ECISVEEP)

इसके बाद रिपोर्ट में बताया गया है कि परली विधानसभा क्षेत्र में बर्खास्त पुलिस अधिकारी कासले को चुनाव के दौरान किसी भी ड्यूटी पर नहीं लगाया गया था। न ही उसकी ड्यूटी चुनाव प्रक्रिया के दौरान लगी थी, न ही वह स्ट्रॉन्ग रूम पर तैनात था और न ही उसकी ड्यूटी मतगणना प्रबंधन में लगी थी।

इसके साथ ही रिपोर्ट में ईवीएम की सुरक्षा के तीन स्तरीय प्रोटोकॉल का जिक्र किया गया है, जिसमें पहले स्तर (सबसे भीतरी) में सीआईएसएफ के जवान तैनात होते हैं, फिर दूसरे स्तर (भवन के बाहर) राज्य रिजर्व पुलिस के जवान होते हैं और फिर सबसे बाहरी घेरे में जिला पुलिस के कर्मचारी होते हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि चुनाव के दौरान कासले को किसी भी चुनावी ड्यूटी में नहीं लगाया गया था, बल्कि वह बीड साइबर पुलिस स्टेशन में तैनात था।  रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक ईवीएम में छेड़छाड़ की कोई रिपोर्ट या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

इस मामले को लेकर हमने बीड पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत कॉवत से संपर्क किया। उन्होंने बताया, “रंजीत कासले को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है और जब उसने ईवीएम छेड़छाड़ का आरोप लगाया, तब वह निलंबित था।” उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया,”महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 24 के दौरान रंजीत कासले किसी भी तरह से किसी भी चुनावी ड्यूटी का हिस्सा नहीं था।”

गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे 23 नवंबर 2024 को आए थे और चुनावी नतीजों के मुताबिक, बीजेपी को कुल 132 सीटें, शिवसेना (SHS) को 57, एनसीपी को 41, शिवसेना (उद्धव गुट) को 20 और इंडियन नेशनल कांग्रेस को 16, एनसीपी (एसपी) को 10 सीटें मिली थी।

बीड विधानसभा सीट पर जहां एनसीपी-शरद पवार गुट के उम्मीदवार को जीत मिली, वहीं परली विधानसभा सीट से एनसीपी उम्मीदवार धनंजय पंडितराव मुंडे को जीत मिली थी।

वायरल पोस्ट को फेक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की इस पोस्ट को करीब दो हजार लोगों ने लाइक किया है और इस 60 बार रिशेयर किया गया है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से संबंधित अन्य फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को विश्वास न्यूज के चुनाव सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान पुलिस अधिकारी रंजीत कासले का EVM में गड़बड़ी किए जाने का दावा फेक है और उन्होंने जब यह बयान दिया तब वह निलंबित थे और अब उन्हें विभागीय कार्रवाई के बाद पुलिस सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। साथ ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान कासले किसी भी प्रकार से चुनावी ड्यूटी का हिस्सा नहीं थे, बल्कि इस दौरान उनकी तैनाती बीड साइबर पुलिस स्टेशन में थी।

  • Claim Review : महाराष्ट्र पुलिस सब-इंस्पेक्टर के सामने की गई EVM में गड़बड़ी।
  • Claimed By : Thread User-hac_studios_hrf
  • Fact Check : झूठ

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