Fact Check: मणिपुर का वीडियो अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना के घुसने के झूठे दावे से वायरल
मणिपुर के नोंगशुम गांव के वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ के झूठे दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Aug 18, 2026 at 05:44 PM
- Updated: Aug 18, 2026 at 05:52 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और सांसद राहुल गांधी ने 13 अगस्त 2026 को रचनात्मक कांग्रेस के कार्यक्रम में आरोप लगाते हुए कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में कई जगह चीन ने हमारी सेना को पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें गाड़ी में जाते वर्दी पहने हुए लोगों के पीछे रोती हुई महिलाओं को देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना की घुसपैठ के दावे से शेयर करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
विश्वास न्यूज की विस्तार से वायरल पोस्ट की जांच की। जांच में वायरल वीडियो मणिपुर का निकला। यह वीडियो मणिपुर के नोंगशुम इलाके में यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) के ‘नोंगशुम कैंप’ छोड़ने के दौरान का है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Adv Raman Yadav’ ने 15 अगस्त 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “अरुणाचल_प्रदेश.. चाइना की गिरफ्त में, घर घर तिरंगा तो देशवासी खुद लहरा लेंगे, लेकिन देश के बॉर्डर पर कौन लहराएगा? न तो शेर का हिम्मत काम कर रहा है, न ही नाम के चाणक्य, की कोई नीति काम कर रहा है….. बात बात पर “पाकिस्तान ने यदि आँख उठाकर देखा तो उसका अंजाम दुनिया देखेगी” के डायलॉग रचयिता-कड़ी निंदा कुछ बोल पा रहा है! और कुछ अनर्गल बयान के लिए मशहूर……गिरिराज सिंह, निशिकांत दुबे, मनोज तिवारी, कोई नेगी है वो, या अन्य बीजेपी के किसी भी नेता का ज़मीर नहीं जाग रहा। आज अरुणाचल प्रदेश चीन की गिरफ्त में आते जा रही है, वहाँ की जनता हमेशा गुहार लगा रही है कि हमें गुलाम होने से बच लो लेकिन नरेंद्र दामोदरदास मोदी रील्स बनाने और बताने में लगे हैं अपने सांसदों को।……”

विश्वास न्यूज के वॉट्सऐप नंबर 9205270923 पर भी एक यूजर ने इस वीडियो को भेजकर इसकी सच्चाई बताने का आग्रह किया।
पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। फेसबुक यूजर ‘Manipur Assam’ ने इस वीडियो को 30 जून 2026 को पोस्ट किया था।

मणिपुर के इंफाल स्थित एक स्थानीय न्यूज पोर्टल ‘मणिपुर अपडेट’ के फेसबुक पेज पर 30 जून 2026 को वायरल वीडियो पोस्ट किया गया था। जानकारी के अनुसार, यह वीडियो मणिपुर के नोंगशुम इलाके में यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) के ‘नोंगशुम कैंप’ छोड़ने के दौरान का है।

‘मणिपुर अपडेट’ की वेबसाइट पर 30 जून 2026 को छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, “नोंगशुम इलाके के आस-पास के गांवों के लोगों ने UNLF के ‘नोंगशुम कैंप’ को नम आंखों से विदाई दी। यह कदम लंबी बातचीत और इस आश्वासन के बाद उठाया गया कि 10वीं इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) के जवान तुरंत कैंप की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल लेंगे। उनके जाने के बाद 10वीं IRB के जवानों ने नोंगशुम कैंप पहुंचकर उनकी जगह ले ली।”

फेसबुक पेज ‘HY News’ पर 30 जून 2026 को इस दौरान का दूसरा वीडियो पोस्ट किया गया था। इसमें वीडियो को इंफाल ईस्ट जिले के नोंगशुम का बताया गया है।

‘इंडिया टुडे एनई’ की वेबसाइट पर 27 जून 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, “यूएनएलएफ के पामबेई के नेतृत्व वाले गुट ने नवंबर 2023 में केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार के साथ एक त्रिपक्षीय शांति समझौता किया था। हाल ही में, 19 जून को भारत सरकार के प्रतिनिधियों और UNLF नेताओं के बीच नई दिल्ली में बातचीत हुई। इस दौरान, एक तय प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे के तहत कैंप को दूसरी जगह ले जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।”
तेलंगाना टुडे की वेबसाइट पर 30 जून 2026 को पीटीआई के हवाले से छपी रिपोर्ट के अनुसार, “मणिपुर के इम्फाल ईस्ट में UNLF(P) कैंप को दूसरी जगह ले जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कैंप घाटी के गांवों को सुरक्षा देता है, जबकि अधिकारियों ने कैंप को दूसरी जगह ले जाने की प्रक्रिया के दौरान प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।”
पीआईबी की 29 नवंबर 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, “एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में भारत सरकार और मणिपुर सरकार ने नई दिल्ली में मणिपुर के सबसे पुराने घाटी-आधारित सशस्त्र समूह UNLF के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।”
इस बारे में हमने फेसबुक पेज ‘HY News’ के एडमिन बीरजुरेका समोम से संपर्क किया। उन्होंने इस वीडियो के मणिपुर के एक गांव का होने की पुष्टि करते हुए बताया कि इसमें दिख रहे रिपोर्टर का नाम तनोरंजन है।
क्या है संदर्भ?
जून-जुलाई 2026 में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर कई वीडियो शेयर कर दावा किया गया था कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में घुस गई है। सरकार और सेना की तरफ से ऐसे दावों का खंडन किया गया था। 29 जून 2026 को ‘एएनआई’ के एक्स हैंडल से पोस्ट कर दी गई जानकारी के अनुसार, भारतीय सेना ने कहा था, “हमने कुछ मीडिया रिपोर्ट देखी हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि हाल ही में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की है और कैंप लगाए हैं। ये सभी रिपोर्ट गलत हैं और इनका कोई आधार नहीं है।”
इंडिया टुडे की 14 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, “केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में चीन के नए कब्जे की खबरों को खारिज कर दिया है, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि सीमावर्ती राज्य में चरागाहों तक पहुंच को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं जायज हैं। रिजिजू ने इस बात पर जोर दिया कि चीन की जिस गैर-कानूनी मौजूदगी की अभी बात हो रही है, वह 1959 से ही चली आ रही है और स्थानीय लोगों की चिंताएं पुरानी घटनाओं से जुड़ी हैं।”
वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक राजनीतिक दल से जुड़े यूजर उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले हैं और उनके करीब 13 हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: मणिपुर के नोंगशुम गांव के वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ के झूठे दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
- Claim Review : अरुणाचल प्रदेश में घुसी चीन की सेना का वीडियो।
- Claimed By : FB User- Adv Raman Yadav
- Fact Check : झूठ
- X Post of Rahul Gandhi, Dated 14 Aug 2026
- FB Pot of Manipur Assam, Dated 30 Jun 2026
- FB Pot of Manipur Update, Dated 30 Jun 2026
- News Report of Manipur Update, Dated 30 Jun 2026
- FB Post of HY News, Dated 30 Jun 2026
- News Report of India Today NE, Dated 27 Jun 2026
- News Report of Telangana Today, Dated 30 Jun 2026
- Report of PIB, Dated 29 Nov 2023
- X Post of ANI, Dated 29 Jun 2026
- News Report of India Today, Dated 14 Aug 2026
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