X
X

Fact Check: नेपाल का वीडियो भारत में चीनी सेना की घुसपैठ के झूठे दावे से वायरल

नेपाल में अप्रैल 2026 में वहां की सेना ने 'जितगढ़ी समारोह' के लिए यात्रा निकाली थी। उस यात्रा के ​वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

Nepal Army video, Arunachal Pradesh News, Chinese army viral video, China India border viral news, Arunachal viral video

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना की घुसपैठ के दावे से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें सेना के जवानों को देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि चीन की सेना ने भारत में 60 किलोमीटर अंदर तक कब्जा कर लिया है।

विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो नेपाल का है। वहां नेपाली सेना ने गोरखा से जितगढ़ी तक, ‘जितगढ़ी समारोह’ में शामिल होने के लिए यात्रा निकाली थी। उस यात्रा के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। भारत सरकार की तरफ से चीन की किसी भी घुसपैठ से इनकार किया गया है।

क्या है वायरल पोस्ट?

फेसबुक यूजर ‘Wealean Gyani’ ने 7 जुलाई 2026 को एक वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “अरुणाचल प्रदेश में चीन ने 60 km अंदर कब्जा कर लिया है।”

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। नेपाल के न्यूज पोर्टल ‘कांतिपुर’ के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 अप्रैल 2026 को नेपाली सेना की यात्रा से संबंधित जानकारी को पोस्ट किया गया है। इसमें वीडियो के कीफ्रेम को भी देखा जा सकता है। यहां नेपाल की भाषा में दी गई जानकारी को हमने गूगल ट्रांसलेट की मदद से ट्रांसलेट किया। इससे पता चला कि यह तस्वीर गोरखा-जितगढ़ी यात्रा की है। जितगढ़ी में बैसाख 7 को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। विक्रम संवत 1872 में नेपाल से हारने के बाद ब्रिटिश सेना की वापसी की याद में यह दिन विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

नेपाल के एक अन्य न्यूज पोर्टल ‘ऑनलाइन खबर’ में भी इस वीडियो से संबंधित खबर प्रकाशित हुई है। इसमें वीडियो के कीफ्रेम का इस्तेमाल किया गया है। खबर के मुताबिक, ”नेपाली सेना की ऐतिहासिक एकीकरण यात्रा गोरखा दरबार से जितगढ़ी तक शुरू हो गई है। रुद्राध्वज गण के गणपति बिरोध रिजाल ने बताया कि यह यात्रा बैसाख की 6 तारीख को जितगढ़ी पहुंचेगी और अगले दिन जीत के जश्न में शामिल होगी। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ हुई लड़ाई में मिली जीत के दिन (बैसाख 7) को जीत के जश्न के तौर पर मनाया जाता है।”

‘लुम्बिनी राइज’ न्यूज पोर्टल में भी इस बारे में खबर प्रकाशित की गई है। इसमें भी इसे नेपाली सेना की यात्रा की तस्वीर बताया गया है।

अधिक जानकारी के लिए हमने ‘लुम्बिनी राइज’ के संपादक विनोद परियार से संपर्क कर उन्हें वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने बताया कि यह वीडियो नेपाली सेना का है, जो गोरखा से जितगढ़ी एक समारोह में शामिल होने जा रही थी।

क्या है संदर्भ?

सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर कई वीडियो पोस्ट कर दावा किया जा रहा है कि चीनी सेना भारतीय सीमा में 60 किमी अंदर तक घुसपैठ कर चुकी है। सरकार और सेना की तरफ से इस तरह के दावे का खंडन किया गया है। भारतीय सेना के अनुसार, “हमने कुछ मीडिया रिपोर्ट देखी हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि हाल ही में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की है और कैंप लगाए हैं। ये रिपोर्ट गलत हैं और इनका कोई आधार नहीं है।”

वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इन दावों को खारिज कर दिया कि चीन की PLA ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय इलाके में घुसपैठ की है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्षेत्र में ‘कोई घुसपैठ नहीं’ हुई है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से सीमा पार करने की घटनाएं होती रहती हैं, क्योंकि सीमा स्पष्ट रूप से तय नहीं है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रिजिजू ने कहा, “कोई घुसपैठ नहीं हुई है। सीमा तय न होने की वजह से दोनों तरफ से सीमा पार करने की घटनाएं होती रहती हैं।” किरेन रिजिजू अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद हैं।

वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। फेसबुक पर यूजर की लोकेशन दिल्ली दी गई है और यह पेज जुलाई 2021 में बना था। यूजर के करीब चार हजार फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: नेपाल में अप्रैल 2026 में वहां की सेना ने ‘जितगढ़ी समारोह’ के लिए यात्रा निकाली थी। उस यात्रा के ​वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : चीन की सेना ने भारत में 60 किलोमीटर अंदर तक कब्जा कर लिया है।
  • Claimed By : FB User- Wealean Gyani
  • Fact Check : झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later