Fact Check: राजनीति से संन्यास मंजूर पर BJP से हाथ नहीं मिलाने का मायावती का बयान 2020 का है, भ्रामक दावे से हो रहा वायरल
राजनीति से संन्यास मंजूर, लेकिन BJP से गठबंधन नहीं करने का मायावती का बयान 2020 का है, जब उन्होंने यूपी की सात विधानसभा सीटों पर होने वाले उप चुनाव से पहले अपनी स्थिति को स्पष्ट किया था।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Mar 26, 2025 at 02:13 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने में जुटी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की चीफ मायावती पिछले दिनों अपने कई फैसलों को लेकर सुर्खियों में रहीं। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया यूजर्स उनका एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं को आश्वासन देते हुए कहा कि वे राजनीति से संन्यास ले सकती हैं, लेकिन कभी भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगी।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। मायवती का यह बयान 2020 का है, जब उन्होंने यूपी में विधासनभा की सात सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले बीजेपी के साथ मिले होने के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा था कि भविष्य में विधानसभा या लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ कभी भी गठबंधन नहीं करेंगी।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Firozahmad Gada’ ने वायरल वीडियो क्लिप (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, ““मैं मुस्लिम समाज को बताना चाहती हूँ, की मैं राजनीति से तो सन्यास ले सकती हूँ, लेकिन बीजेपी से मिलकर कभी चुनाव नहीं लड़ूँगी।” ~ आदरणीय बहन मायावती जी”
अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो क्लिप को समान दावे के साथ शेयर किया है। बीएसपी के नाम से बने पैरोडी पेज से भी इस वीडियो को शेयर किया गया है।
पड़ताल
वायरल वीडियो क्लिप एक मिनट का है, जिसमें मायावती को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “…..किसी भी कीमत पर नहीं होता है और ये मैं बताना चाहती हूं खास तौर से मुस्लिम समाज के लोगों को…कि मैं राजनीति से तो संन्यास ले लूंगी, लेकिन बीजेपी के साथ मिलकर न कभी भी चुनाव नहीं लड़ सकती। और मैं क्यों लूं राजनीतिक संन्यास बीजेपी के दबाव में आकर….लोग कहते हैं…मुझसे लोगों ने कहा कि बहनजी दबाव बनाएं….मैंने कहा कि राजनीति से संन्यास तो ले लूंगी, लेकिन इनके साथ मिलकर चुनाव नहीं लडूंगी। लेकिन मैं कोई राजनीतिक संन्यास नहीं लेने वाली हूं…मैं बहुत मजबूत हूं….बहुत तगड़ी हूं और बहुत स्वाभिमानी हूं। और ये मैं बताना चाहती हूं कि मुझ पर चाहे सपा, बीजेपी, कांग्रेस कितने भी दबाव बनाएं, मैं दबने वाली नहीं हूं और न राजनीति से संन्यास लेने वाली हूं। और मैं हर मोर्चे पर जो जातिवादी ताकतें हैं, पूंजीवादी ताकतें हैं, संकीर्ण व सांप्रदायिक ताकतें हैं, उनका मैं बराबर मुकाबला करती…(रहूंगी)।”
इस आधार पर की-वर्ड सर्च में हमें कई पुरानी रिपोर्ट्स मिली, जिसमें इस बयान का जिक्र है। दो नंबर 2020 की एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, “राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की ‘साजिश’ पर गुस्साई मायावती ने कहा कि वह एसपी को हराने के लिए बीजेपी को भी सपोर्ट करने से नहीं हिचकेंगी। तब सियासी गलियारों में यह चर्चा होने लगी कि कहीं मायावती आगामी चुनावों में बीजेपी के साथ अलायंस का तो मन नहीं बना रही हैं। हालांकि, अब बीएसपी चीफ ने इन सारे अटकलों पर विराम लगा दिया है। मायावती ने साफ कहा है कि बीएसपी कभी भी बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। यूपी में विधानसभा की सात सीटों पर मंगलवार को होने वाले मतदान से एक दिन पहले मायावती ने बीजेपी के साथ मिले होने के आरोपों पर सफाई दी। मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी की विचारधारा के विपरीत है और भविष्य में विधानसभा या लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ कभी गठबंधन नहीं करेगी।”
हिंदी न्यूज18.कॉम की वेबसाइट पर मौजूद दो नवंबर 2020 की रिपोर्ट में भी इसका जिक्र है। भास्कर.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, मायावती ने कहा कि उन्होंने बीजेपी से गठबंधन की बात नहीं की थी,बल्कि सपा को हराने के लिए बीजेपी को वोट करने की बात की थी। उन्होंने कहा कि उप चनाव में बसपा को मुस्लिमों का वोट न मिले, इसलिए सपा और कांग्रेस ऐसी झूठी अफवाह फैला रही है।
एबीपी लाइव के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर हमें मायावती के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का ऑरिजिनल वीडियो मिला, जिसे दो नवंबर 2020 को अपलोड किया गया है।
वीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, मायावती ने कहा, “कांग्रेस और SP के लोग मेरे इस बयान को गलत तरह से प्रचारित कर रहे हैं, ताकि खासकर मुस्लिम समाज के लोग बीएसपी से अलग हो जाए और उत्तर प्रदेश में 7 विधानसभा सीटों पर जो उपचुनाव हो रहा है उसमें मुसलमानों का वोट बीएसपी को न पड़े।”
हमारी जांच से स्पष्ट है कि मायावती का यह बयान 2020 का है न कि हालिया। इसे लेकर हमने लखनऊ के सीनियर जर्नलिस्ट सिद्धार्थ कलहंस से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया,2020 के उप चुनाव से पहले मायावती ने यह बयान दिया था।”
वायरल वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर छह हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: राजनीति से संन्यास मंजूर, लेकिन BJP से गठबंधन नहीं करने का मायावती का बयान 2020 का है, जब उन्होंने यूपी की सात विधानसभा सीटों पर होने वाले उप चुनाव से पहले अपनी स्थिति को स्पष्ट किया था।
- Claim Review : मायावती ने कहा कि राजनीति से संन्यास मंजूर लेकिन बीजेपी से हाथ नहीं मिलाएंगी।
- Claimed By : FB User-Firozahmad Gada
- Fact Check : भ्रामक
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