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Fact Check: जीतन राम मांझी के बयान की निंदा करते चिराग पासवान का यह वीडियो भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित नहीं

बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी मुठभेड़ मामले के बाद जीतन राम मांझी ने एनकाउंटर को सही ठहराया था। हालांकि, इस मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा चिराग पासवान का वायरल वीडियो पुराना है और एक अन्य मामले से संबंधित है।

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उन्हें हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बयान, ‘मर गया तो मर गया’, की निंदा करते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जोड़कर दावा कर रहे हैं कि चिराग पासवान ने इस मुठभेड़ पर सवाल उठाए हैं।

विश्वास न्यूज ने इसकी जांंच की तो पता चला कि वायरल वीडियो मई 2026 का है, जब दिल्ली में बिहार के एक युवक की हत्या हुई थी। जीतन राम मांझी ने अपने बयान पर विवाद होने के बाद सफाई देते हुए कहा था कि उनके बयान को घुमा-फिराकर गलत तरीके से पेश किया गया था। हालांकि, भरत तिवारी मामले में मांझी ने पुलिस एनकाउंटर का समर्थन किया है, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

क्या है वायरल पोस्ट?

फेसबुक यूजर ‘प्रमुख समाचार’ ने 23 जून 2026 को वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा है, “भरत तिवारी एनकाउंटर पर चिराग पासवान ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में चिराग पासवान ने भी मामले पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सच्चाई सामने आना जरूरी है ताकि जनता का विश्वास बना रहे। एनकाउंटर को लेकर पहले से ही विभिन्न पक्षों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। अब चिराग पासवान की प्रतिक्रिया के बाद मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।”

यूट्यूब चैनल ‘First India News’ ने भी इस वीडियो (आर्काइव लिंक) को भरत तिवारी एनकाउंटर से जोड़कर शेयर किया है।

पड़ताल

इसकी पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को सुना। वीडियो में सुना जा सकता है कि जब पत्रकार ने जीतन राम मांझी के बयान, ‘मारा तो मारा, मर गया तो मर गया, कोई दिक्कत नहीं है, क्या दिक्कत है’ पर चिराग पासवान की प्रतिक्रिया पूछी तो उन्होंने कहा, “निंदनीय है। मेरे सहयोगी हैं और सम्मानित हैं, बड़े हैं, बुजुर्ग हैं, आदरणीय हैं, बट इस तरीके से नहीं। एक बिहारी और बिहारी ही नहीं, कोई भी व्यक्ति की हत्या की जाए, भले ही वो समाज के किसी भी वर्ग से आता हो, वो देश के किसी भी कोने से आता हो, कोई भी भाषा बोलने वाला हो, किसी भी जाति का हो, किसी भी धर्म का हो, आप नहीं बोल सकते हैं कि मर गया तो मर गया। आपको अगर उस परिवार का दर्द का एहसास नहीं है, तो उसपे नमक छिड़कने का भी कोई अधिकार नहीं है। मेरे सहयोगी हैं, मैं मानता हूं कि इसको एक राजनीतिक रंग भी मेरे बयान से शायद दिया जाएगा कि गठबंधन के भीतर दरार, पर आप ऐसे बयानों का समर्थन नहीं कर सकते। आज अगर मैं उनके बयान का समर्थन करूं या संरक्षण करूं, तो मैं उस परिवार से कभी आंख नहीं मिला पाऊंगा। या किसी भी उस परिवार के व्यक्ति से आंख नहीं मिला पाऊंगा जिन्होंने अपने परिवार के लोगों को ऐसी हिंसा, हत्या में खोने का काम किया है। मेरा भी परिवार है, कल को भगवान न करे कि मेरे परिवार के किसी सदस्य के साथ ऐसा हो, क्या उस वक़्त भी मैं यही कह दूंगा कि मर गया तो मर गया? नहीं कह सकते हैं, भैया आप इस तरीके से। आपको उस परिवार की वेदना को नहीं समझना है, एक बात है, नहीं समझे। पर कम से कम जले पर नमक छिड़कने का कोई अधिकार नहीं है आपका।” (गूगल जेमिनी एआई की सहायता से वीडियो को टेक्स्ट में ट्रांसक्राइब किया गया है।)

इसके बाद वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया गया। फेसबुक यूजर ‘Bolta Khagaria’ ने इस वीडियो को 3 मई 2026 को शेयर करते हुए लिखा, जीतन राम मांझी के बयान पर भड़के चिराग पासवान।

यूट्यूब चैनल ‘NEWS 19’ ने इस वीडियो को 2 मई 2026 को शेयर किया था।

फेसबुक पेज ‘Samastipur Town’ ने भी 2 मई 2026 को इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि चिराग पासवान ने जीतन राम मांझी को नसीहत दी।

‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर 28 अप्रैल 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “दिल्ली में बिहार के युवक पांडव कुमार की हत्या हो गई थी, जिसका आरोप दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल पर लगा था। इस मामले में जीतन राम मांझी ने कहा था, ‘दिल्ली में बिहार का युवक मारा गया है, कोई ऐसी बात होगी तो इसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद अगर कोई दोषी होगा तो उस पर आवश्यक कार्रवाई होगी। इसमें कौन बड़ी बात है भाई, मार दिया तो मार दिया। कोई ऐसे ही जानबूझकर कोई किसी को नहीं मार देता है। आपको किसी ने क्यों नहीं मारा। किसी पर कोई शंका होगी। इसकी जांच होगी। अगर सचमुच में किसी निर्दोष को मारा गया है तो मारने वालों को सजा होगी।”

‘बिहार तक’ के यूट्यूब चैनल पर 1 मई 2026 को अपलोड वीडियो न्यूज के अनुसार, मांझी ने अपने विवादित बयान को लेकर सफाई देते हुए कहा है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था। उन्होंने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसका इंतजाम होना चाहिए।

इस बारे में हमने समस्तीपुर टाउन के एडमिन अविनाश से संपर्क कर उनको वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने बताया कि यह वीडियो डेढ़ माह पुराना है। यह दिल्ली में बिहार के एक युवक की हुई हत्या से संबंधित है। उस समय उन्होंने पटना में यह बयान दिया था। भरत तिवारी मामले में अभी उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।

क्या है संदर्भ?

बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को पुलिस ने भरत तिवारी को मुठभेड़ में मारने का दावा किया था। बिहार पुलिस ने 17 जून 2026 को प्रेस विज्ञप्ति पोस्ट कर बताया कि बिलौटी गांव में पुलिस ने भरत को आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन वह फायरिंग करता रहा। जवाबी फायरिंग में भरत तिवारी के पैर में गोली लगी और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

वहीं, भरत के परिजनों ने इस एनकाउंटर को फर्जी बताया। इस मामले में पुलिस ने पहले भरत को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया था और बाद में उसका एनकाउंटर कर दिया। इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। ‘आजतक’ की वेबसाइट पर इस रिपोर्ट को पढ़ा जा सकता है।

इस मामले में बवाल बढ़ने पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस एनकाउंटर की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा कराने का एलान किया।

जीतन राम मांझी ने मुठभेड़ को लेकर पुलिस का समर्थन करते हुए 18 जून 2026 को पोस्ट किया था।

चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने इस मामले में 19 जून 2026 को एक्स अकाउंट से पोस्ट करते हुए कहा कि थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों का निलंबन सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है, लेकिन पीड़ित परिवार को न्याय तभी मिलेगा जब पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं समयबद्ध न्यायिक जांच सुनिश्चित हो।

हमें चिराग पासवान के एक्स हैंडल पर 17 जून 2026 के बाद भरत तिवारी मुठभेड़ से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिली।

चिराग पासवान का पुराना वीडियो भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जोड़कर शेयर करने वाले यूजर की फेसबुक प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। इसमें लोकेशन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की दी गई है और यूजर के करीब 1 लाख 39 हजार फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी मुठभेड़ मामले के बाद जीतन राम मांझी ने एनकाउंटर को सही ठहराया था। हालांकि, इस मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा चिराग पासवान का वायरल वीडियो पुराना है और एक अन्य मामले से संबंधित है।

  • Claim Review : चिराग पासवान ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं।
  • Claimed By : FB User- प्रमुख समाचार
  • Fact Check : भ्रामक

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