X

Fact Check: कथित तौर पर पैसे लेकर रैली में आये लोगों का पुराना वीडियो अब किसान आंदोलन के नाम से वायरल

  • By Vishvas News
  • Updated: December 4, 2020

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया पर आज कल एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति को यह बोलते सुना जा सकता है कि वो दिहाड़ी मज़दूर हैं और पैसे लेकर रैली में हिस्सा लेने आये हैं, पर उन्हें पैसे नहीं मिले। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह किसान आंदोलन में आये लोगों का वीडियो है, जिन्हें आम आदमी पार्टी ने पैसे देकर आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए बुलाया है।

विश्‍वास न्‍यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो पुराना है। वीडियो 2018 से इंटरनेट पर मौजूद है। इस वीडियो का अभी चल रहे किसान आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक पर वायरल इस वीडियो में एक व्यक्ति को यह बोलते सुना जा सकता है कि वो दिहाड़ी मज़दूर हैं और पैसे लेकर रैली में हिस्सा लेने आये हैं। वीडियो के साथ डिस्क्रिप्शन में लिखा है, “आप पार्टी कि जिहादी मानसिकता👌🏻ग्राउंड रिपोर्ट देखिए और समझिए किसान आंदोलन की सच्चाई क्या हैं।”

फेसबुक पोस्‍ट का आर्काइव्‍ड वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। वीडियो में दिख रहे किसी भी व्यक्ति ने मास्क नहीं पहना है। न ही किसी ने सर्दियों के कपड़े पहने हैं। वीडियो में लोग रैली का भी ज़िक्र कर रहे हैं, मगर अभी चल रहा आंदोलन कोई रैली नहीं है।

इसके बाद पड़ताल के लिए हमने इस वीडियो के InVID टूल की मदद से कई ग्रैब्‍स निकाले। फिर इन स्क्रीनग्रैब्स को गूगल रिवर्स इमेज टूल में अपलोड करके सर्च किया। सर्च के दौरान हमें यह वीडियो दिल्ली बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा के ट्विटर हैंडल पर 26 मार्च 2018 को अपलोडेड मिला। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा था, “केजरीवाल की हरियाणा रैली। रैली खत्म – पैसा हज़म।”

हमें इस वीडियो को लेकर aajtak.in और inkhabar.com पर भी खबरें मिलीं। खबर के अनुसार, वीडियो आम आदमी पार्टी की हिसार रैली के बाद वायरल हुआ। आम आदमी पार्टी ने उस वक्त इस आरोप का खंडन किया था।

हमें इस वीडियो को लेकर आम आदमी पार्टी की नेता आरती का भी एक ट्वीट मिला, जिसमें उन्होंने इन आरोपों का खंडन करते हुए एक वीडियो शेयर किया था।

https://twitter.com/aartic02/status/979269199146246149

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए विश्‍वास न्‍यूज ने इस विषय में आम आदमी पार्टी के नेता दीपक बाजपाई से बात की। उन्होंने कहा “वीडियो पुराना है। ये आरोप बेबुनियाद हैं। इन आरोपों का उस समय भी खंडन किया जा चुका है।”

इस वीडियो को गलत दावे के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर Shobha Joshi नाम की यूजर ने शेयर किया था। प्रोफाइल के अनुसार, यूजर अल्मोड़ा की रहने वाली हैं।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो पुराना है। वीडियो 2018 से इंटरनेट पर मौजूद है। इस वीडियो का अभी चल रहे किसान आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

संबंधित लेख

Post saved! You can read it later