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Fact Check: बंगले के बाहर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती को लेकर गुस्सा होती ममता बनर्जी का वीडियो पुराना, हाल का नहीं

टीएमसी कार्यकर्ता पर लाठीचार्ज और पुलिस से बहस करती ममता बनर्जी के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा वायरल दावा गलत है। असल में दोनों ही वीडियो पुराने हैं। 

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Apr 27, 2026 at 05:27 PM
  • Updated: Apr 28, 2026 at 02:09 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बंगाल विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सुरक्षा बल के जवानों से बहस करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर कर हाल का बताते हुए दावा किया जा रहा है कि बंगले के बाहर CRPF की तैनाती को लेकर ममता बनर्जी गुस्सा हो गईं। जबकि दूसरे वीडियो में दो लोगों को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का झंडा लिए बैठे हुए देखा जा सकता है। तभी पुलिसवाले वहां आते हैं और लाठीचार्ज करते हुए उन्हें वहां से भगा देते हैं। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह बंगाल में हुए पहले चरण के मतदान के दौरान का है। वहां पर टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर बैठकर तृणमूल के लिए प्रचार कर रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें सबक सिखाया। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि दोनों ही वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में पहला वीडियो फरवरी 2026 का है, जब ममता बनर्जी एसआईआर प्रक्रिया से नाखुश होकर दिल्ली आई थीं। वहीं, दूसरा वीडियो हाल फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2023 का है और पंचायत चुनाव के दौरान का है। इसका विधानसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं है। वीडियो को लेकर गलत दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

क्या हो रहा है वायरल?

एक्स यूजर ‘Ca G.D.Upadhyay’ ने 25 अप्रैल 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “CRPF के लोगो को घर के बाहर देखकर ममता दीदी घबरा सी गई और एक पल में उसे ख़ौफ़ के साये में रहने का एहसास हो गया। नमन हैं पश्चिम बंगाल की जनता के धैर्य को जो लगभग 15 वर्षों तक उत्पीड़न और हिंदुओं के साथ होने वाले भेदभाव को सहन किया।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

फेसबुक यूजर ‘Mukut Ajnoti’ ने 23 अप्रैल 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “तृणमूल कांग्रेस के कुछ शांतिप्रिय कार्यकर्ता मतदान केंद्रों के पास सड़कों पर बैठकर तृणमूल के लिए प्रचार कर रहे हैं फिर देखिए क्या हुआ।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

पहला वीडियो 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन ‘News18 India’ के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। वीडियो को 2 फरवरी 2026 को शेयर किया गया था। कैप्शन के अनुसार, “दिल्ली पहुंचीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंग भवन के बाहर अचानक दिल्ली पुलिस के जवानों पर नाराज़ हो गईं। उन्होंने बैरिकेडिंग को लेकर सवाल उठाए, जिससे माहौल गरमा गया।।”

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें एनडीटीवी की आधिकारिक वेबसाइट पर दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट 2 फरवरी 2026 को प्रकाशित मिली। रिपोर्ट के अनुसार, “मुझे देखकर भाग क्यों रहे हो…दिल्ली पुलिस के जवानों से यह सवाल करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली के बंग भवन पहुंचीं। वह बीती रात ही SIR मामले में विसंगतियां और कथित तौर पर प्रताड़ना झेल रहे परिवारों को साथ लेकर दिल्ली आई थीं और यहां आते ही उन्होंने दिल्ली पुलिस पर जोरदार हमला बोला। ममता ने दावा किया कि बंगाल से आए जिन परिवारों ने SIR के चलते मुश्किलें झेली हैं और दिल्ली में शरण ली है, उन्हें दिल्ली पुलिस “जगाकर परेशान कर रही है” और बंग भवन के आसपास “कड़ी निगरानी” लगा रखी है।”

दूसरा वीडियो

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन ‘canning news’ नाम के फेसबुक अकाउंट पर मिला। वीडियो को 9 जुलाई 2023 को शेयर किया गया था। कैप्शन के मुताबिक, वीडियो कैनिंग शहर के बासंती ब्लॉक का है। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘न्यूज18 बांग्ला’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिली। वीडियो रिपोर्ट को 8 जुलाई, 2023 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, वीडियो पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों के दौरान का है। कैनिंग शहर के बासंती ब्लॉक में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। इसी को काबू करने के लिए पुलिस ने कुछ लोगों पर लाठीचार्ज भी किया था। 

वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि पोस्टर पर नीलिमा मिस्त्री का नाम लिखा हुआ है। हमने नीलिमा मिस्त्री के बारे में सर्च किया। हमने पाया कि वो साल 2023 के पंचायत चुनावों के दौरान दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती जिला परिषद-1 निर्वाचन क्षेत्र से टीएमसी की उम्मीदवार थीं।

अधिक जानकारी के लिए हमने कोलकाता में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ जेके बाजपेयी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि दोनों वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। दोनों वीडियो पुराने हैं। असल में दूसरा वीडियो विधानसभा चुनाव का नहीं, बल्कि करीब तीन साल पुराना है।

क्या है संदर्भ?

पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान हुए। पहले चरण में 91.78% मतदान हुआ। 29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण के मतदान के बाद वोटों की गिनती चार मई 2026 को होगी। पश्चिम बंगाल समेत कुल चार राज्यों और एक  केन्‍द्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, जिनमें तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी शामिल हैं। असम, केरलम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो चुका है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, असम में 85.38%, केरलम में 78.03% और पुडुचेरी में 89.83% मतदान हुआ है।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 10 हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि टीएमसी कार्यकर्ता पर लाठीचार्ज और सुरक्षा कर्मियों से बहस करती ममता बनर्जी के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा वायरल दावा गलत है। असल में दोनों ही वीडियो पुराने हैं। 

  • Claim Review : बंगले के बाहर CRPF की तैनाती को लेकर गुस्सा होती ममता बनर्जी।
  • Claimed By : X User-Ca G.D.Upadhyay
  • Fact Check : झूठ

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