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Fact Check: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नहीं किया EVM का विरोध, वायरल दावा FAKE और वीडियो क्लिप ऑल्टर्ड है

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के विरोध के दावे के साथ वायरल हो रहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो क्लिप फेक और एडिटेड है। 2016 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की एक रैली में उन्होंने ईवीएम को अपनाए जाने को लेकर देश के लोगों की तारीफ करते हुए उन देशों पर कटाक्ष किया था, जो अभी भी बैलेट पेपर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • By: Abhishek Parashar
  • Published: Jul 25, 2025 at 05:04 PM
  • Updated: Jul 25, 2025 at 05:10 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है, वे खुद भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का कथित तौर पर विरोध कर चुके हैं। इस वीडियो क्लिप को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) समेत अन्य दलों के सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया गया है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल हो रहा वीडियो क्लिप ऑल्टर्ड है, जिसे उसके संदर्भ से अलग कर फेक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। ऑरिजिनल वीडियो में वह वास्तव में मतदान के लिए ईवीएम को अपनाए जाने को लेकर भारत के लोगों की तारीफ कर रहे थे।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Harpreet Singh Nitu Kaushal’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “अगर ये महान व्यक्ति भारत के प्रधानमंत्री होते.. तो देश में बेलेट पेपर से वोटिंग करवाते। #EVM #ElectionCommissionOfIndia #BanEVM #NarendraModi.”

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट।

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है। यहां तक कि राष्ट्रीय जनता दल के फेसबुक हैंडल से भी इस वीडियो को शेयर किया गया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो क्लिप कुछ सेकेंड का है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहते हुए सुना जा सकता है, “……..हमारा देश गरीब है, लोग अनपढ़ हैं, लोगों को कुछ आता नहीं है, भाईयों बहनों…अरे दुनिया के पढ़े-लिखे देश भी….जब चुनाव होता है न…तो बैलेट पेपर पर नाम पढ़ कर के भी ठप्पा मारते हैं आज भी। अमेरिका में भी….।”

स्पष्ट है कि वायरल वीडियो क्लिप एक अंश है, जिसे उसके संदर्भ के साथ सुने बिना उसके मतलब को नहीं समझा जा सकता है। इसलिए हमने इसके की-फ्रेम्स को निकालकर  उसे रिवर्स इमेज सर्च किया और सर्च में हमें यह वीडियो नरेंद्र मोदी के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर मिला, जिसे तीन दिसंबर 2016 को लाइव किया गया था। दी गई जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिवर्तन रैली का है।

वीडियो को 55 मिनट के फ्रेम से देखने पर वायरल क्लिप का संदर्भ स्पष्ट हो जाता है। पीएम मोदी भारत में फिनटेक के व्यापक इस्तेमाल का जिक्र करते हुए देश के लोगों की तारीफ करते हैं। इसी संदर्भ में वह ईवीएम के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहते हैं, “…कुछ लोग कहते हैं हमारा देश गरीब है, लोग अनपढ़ हैं, लोगों को कुछ आता नहीं है। भाइयों और बहनों दुनिया के पढ़े-लिखे देश भी….जब चुनाव होता है न तो बैलेट पेपर पर नाम पढ़ करके ठप्पा मारते हैं आज भी….अमेरिका में भी। यह हिंदुस्तान है…जिसको आप अनपढ़ कहते हो, गरीब कहते हो, वह बटन दबाकर वोट देना जानता है।”

यानी पीएम मोदी वास्तव में ईवीएम को अपनाए जाने को लेकर भारत के लोगों की तारीफ कर रहे हैं, लेकिन उनके संबोधन के एक हिस्से को अलग कर ऐसे पेश किया गया है, जैसे वह ईवीएम का विरोध कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल से भी उनके इस भाषण को तीन दिसंबर 2016 को लाइव स्ट्रीम किया गया है।

सोशल मीडिया पर यह वीडियो क्लिप पहले भी समान संदर्भ में वायरल हो चुका है, जिसे हमने अपनी जांच में फेक पाया था। फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।

वायरल दावे को लेकर तब हमने उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता हरीशचंद्र श्रीवास्तव से संपर्क किया था। उन्होंने इसे फेक बताते हु कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी ईवीएम का विरोध नहीं किया।

वायरल पोस्ट को फेक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब आठ हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के विरोध के दावे के साथ वायरल हो रहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो क्लिप फेक और एडिटेड है। 2016 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की एक रैली में उन्होंने ईवीएम को अपनाए जाने को लेकर देश के लोगों की तारीफ करते हुए उन देशों पर कटाक्ष किया था, जो अभी भी बैलेट पेपर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • Claim Review : पीएम मोदी ने देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने का समर्थन किया।
  • Claimed By : FB User-Harpreet Singh Nitu Kaushal
  • Fact Check : झूठ

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