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Fact Check: शर्मिष्ठा पनोली मामले में पुलिस को फटकार लगाने के दावे से वायरल वीडियो पटना हाई कोर्ट के जज का है

पटना हाई कोर्ट के जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की बेंच की पुरानी कार्यवाही के वीडियो को कलकत्ता हाई कोर्ट के उस बेंच का बताकर शेयर किया जा रहा है, जिसने हेट क्राइम की आरोपी शर्मिष्ठा पनोली को जमानत दी है। शर्मिष्ठा पनोली को 30 मई को गुरुग्राम से कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। शर्मिष्ठा पनोली को कलकत्ता हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स एक वीडियो क्लिप को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो हाई कोर्ट में उनकी जमानत याचिका के दौरान का है, जब जज ने पुलिस को उनकी गिरफ्तारी के लिए कड़ी फटकाई लगाई। वायरल वीडियो में एक जज को पुलिस को फटकार लगाते हुए देखा और सुना जा सकता है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल वीडियो में नजर आ रहे जज कलकत्ता हाई कोर्ट के जज नहीं, बल्कि पटना हाई कोर्ट के जज राजीव रंजन प्रसाद हैं। शर्मिष्ठा पनोली की जमानत याचिका पर सुनवाई कलकत्ता हाई कोर्ट में हुई थी और जस्टिस राजा बासु चौधरी की वेकेशन बेंच ने इस याचिका की सुनवाई की थी। दोनों जज अलग-अलग हैं। शर्मिष्ठा पनोली की याचिका की सुनवाई कलकत्ता हाई कोर्ट में हुई थी, न कि पटना हाई कोर्ट में।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Vipin Kumar Tiwari’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “हर उद्दंड पुलिस को इसी तरह के लताड़ की आवश्यकता है। साथ ही, पुलिस कमिश्नर या एसपी को उतने ही दिन जेल में रखा जाए, जितने दिन से अन्य को रखते हैं और स्टेट से केस लड़ने की पूरी फीस वसूल कर वापिस की जाए। ये खुल्लमखुल्ला गुंडई करते हैं।

#खाकी_का_आतंक

#पुलिस_सुधार_जरूरी_है

#पुलिस_गुंडई”

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडयो को समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

इस वीडियो के साथ पुलिस हिरासत में शर्मिष्ठा पनोली की तस्वीर है, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि यह वीडियो पनोली की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान का है। द हिंदू की छह जून 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, “कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस राजा बासु चौधरी की वेकेशन बेंच ने शर्मिष्ठा पनोली की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे जमानत दे दी।”

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पनोली को 10,000 रुपये का जमानत बॉन्ड भरते हुए जांच में सहयोग करने की शर्तों के साथ जमानत दी है।

पनोली को हेट स्पीच के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कलकत्ता हाई कोर्ट की वेबसाइट पर हमें जस्टिस राजा बासु चौधरी की तस्वीर मिली, जो वायरल वीडियो में नजर आ रहे जज से नहीं मिलती है।

वायरल वीडियो में नजर आ रहे जज की तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ऐसी कई रिपोर्ट्स मिली, जिसमें उनकी पहचान जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद के तौर पर चिह्नित है और वे पटना हाई कोर्ट के जज हैं।

पटना हाई कोर्ट की वेबसाइट पर हमें उनकी प्रोफाइल मिली, जो इस दावे की पुष्टि करती है। हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल वीडियो में नजर आ रहे जज पटना हाई कोर्ट के जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद हैं और उनका शर्मिष्ठा पनोली की जमानत याचिका पर हुई सुनवाई से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि पनोली की जमानत याचिका पर सुनवाई कलकत्ता हाई कोर्ट में हुई थी।

वायरल वीडियो क्लिप में जज को गिरफ्तारी को लेकर पुलिस को फटकार लगाते हुए देखा और सुना जा सकता है। इस आधार पर न्यूज सर्च में हमें कई पुराना वीडियो मिला, जिसमें पटना हाई कोर्ट की इस कार्यवाही के वीडियो को देखा जा सकता है।

‘power of indian judiciary’ यू-ट्यूब चैनल पर मिला। 15 दिसंबर 2022 को अपलोड किए गए वीडियो के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक, पटना हाई कोर्ट के जज ने महिला डॉक्टर को गिरफ्तार करने के मामले में की गई जल्दबाजी को लेकर पुलिस उपाधीक्षक को फटकार लगाई थी और पूछा था कि क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई की जानी चाहिए?

‘LEGAL LAW’ यू-ट्यूब चैनल पर भी इस कार्यवाही का वीडियो मौजूद है, जो 13 दिसंबर 2022 का है।

वायरल वीडियो को लेकर हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण के पटना के समाचार संपादक अश्विनी  कुमार सिंह से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “वायरल वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति पटना हाई कोर्ट के जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद हैं और कोर्ट की यह कार्यवाही पुराने मामले से संबंधित है।”

शर्मिष्ठा पनोली को 30 मई को गुरुग्राम से कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पनोली को उसके वीडियो के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, बाद में पनोली ने इस वीडियो को डिलीट करते हुए माफी मांग ली थी।

इसके बावजूद पनोली को गिरफ्तार किए जाने को लेकर कोलकाता पुलिस को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के पुत्र और तमिलनाडु के शिवगंगा से सांसद कार्ति पी चिदंबरम ने इस  गिरफ्तारी  को पुलिस की ताकत का बेजा इस्तेमाल करार दिया था।

चिदंबरम के अलावा कई अन्य ने पनोली की गिरफ्तारी की आलोचना की थी। गौरतलब है कि सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले वजाहत खान को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, वजाहत पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और नफरत फैलाने के आरोप हैं और कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद वह पुलिस के समक्ष पेश नहीं हो रहा था।

वायरल वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब छह हजार लोग फॉलो करते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल अन्य दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को विश्वास न्यूज की वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: पटना हाई कोर्ट के जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की बेंच की पुरानी कार्यवाही के वीडियो को कलकत्ता हाई कोर्ट के उस बेंच का बताकर शेयर किया जा रहा है, जिसने हेट क्राइम की आरोपी शर्मिष्ठा पनोली को जमानत दी है। शर्मिष्ठा पनोली को 30 मई को गुरुग्राम से कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

  • Claim Review : कलकत्ता हाई कोर्ट के जज ने शर्मिष्ठा पनोली को गिरफ्तार किए जाने पर पुलिस को फटकार लगाई।
  • Claimed By : FB User-Vipin Kumar Tiwari
  • Fact Check : भ्रामक

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