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Fact Check: बच्चे को मास्क पहनाते अरविंद केजरीवाल की इस वायरल तस्वीर का कोविड—19 से नहीं है कोई संबंध

अरविंद केजरीवाल की बच्चे को मास्क पहनाने वाली वायरल तस्वीर कोरोना काल की नहीं, बल्कि उससे पहले की है, जब केजरीवाल व मनीष सिसोदिया स्कूली बच्चों को पॉल्यूशन मास्क बांटने गए थे।

  • By Vishvas News
  • Updated: April 7, 2021

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रहा है, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ एक बच्चे को मास्क पहनाते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने खुद मास्क नहीं पहना है, लेकिन बच्चे को पहना रहे हैं। नवंबर 2020 में केजरीवाल ने मास्क न पहनने पर जुर्माने की रकम को 500 रुपए से बढ़ाकर 2000 रुपए कर दिया था। उसके बाद से ही सोशल मीडिया में केजरीवाल पर तंज कसते हुए इस तरह के पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की पड़ताल की और इसके द्वारा किए गए दावे को गलत पाया। दरअसल वायरल तस्वीर नवंबर 2019 में खींची गई थी, जब राज्य सरकार की एक पहल के तहत केजरीवाल स्कूल में बच्चों को मुफ्त में पॉल्यूशन मास्क वितरित करने पहुंचे थे। बता दें कि भारत में कोरोना का पहला केस 27 जनवरी 2020 को सामने आया था। लिहाजा इस तस्वीर का कोरोना वायरस से कोई संबंध नहीं है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

ट्विटर यूजर राष्ट्रहित सर्वोपरि ने यह तस्वीर शेयर करते हुए लिखा: यह मास्क खुद नहीं पहनते सिर्फ जनता को पहनाते हैं… इनके पास तो कोरोना से बचने के लिए भी z plus सिक्योरिटी है #टोपी_बाज

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की पड़ताल शुरू करते हुए सबसे पहले वायरल तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज सर्च की मदद से ढूंढा। हमें कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में वायरल तस्वीर मिली। 1 नवंबर 2019 को प्रकाशित इन रिपोर्ट्स के अनुसार, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया राज्य सरकार के अभियान के तहत स्कूली बच्चों को मुफ्त में पॉल्यूशन मास्क बांटने पहुंचे थे।

हमें केजरीवाल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 1 नवंबर 2019 को किया गया एक ट्वीट भी मिला, जिसमें उन्होंने इस अभियान से जुड़ी अन्य तस्वीरें भी शेयर की थीं। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने के कारण दिल्ली गैस चैम्बर में तब्दील हो गई है। खुद को इस जहरीली हवा से बचाना बेहद जरूरी है। प्राइवेट व सरकारी स्कूलों में जाकर हमने आज से 50 लाख मास्क बांटना शुरू कर दिया है। मैं दिल्लीवासियों से गुजारिश करूंगा कि जब भी जरूरत हो मास्क का इस्तेमाल करें।

बता दें कि भारत में कोरोना का पहला कन्फर्म केस 27 जनवरी 2020 को केरल में मिला था, जबकि वायरल हो रही तस्वीर उससे दो महीना पहले नवंबर 2019 को खींची गई थी।

ज्यादा जानकारी के लिए हमने आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि की कि वायरल तस्वीर ताजा नहीं है और इसके साथ किया जा रहा दावा गलत है। इस तस्वीर का कोरोना से कोई लेना-देना नहीं है।

अब बारी थी ट्विटर पर इस पोस्ट को साझा करने वाले हैंडल राष्ट्रहित सर्वोपरि की प्रोफाइल को स्कैन करने का। प्रोफाइल को स्कैन करने पर हमने पाया कि खबर लिखे जाने तक इस हैंडल के एक लाख 18 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे।

निष्कर्ष: अरविंद केजरीवाल की बच्चे को मास्क पहनाने वाली वायरल तस्वीर कोरोना काल की नहीं, बल्कि उससे पहले की है, जब केजरीवाल व मनीष सिसोदिया स्कूली बच्चों को पॉल्यूशन मास्क बांटने गए थे।

  • Claim Review : अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने खुद मास्क नहीं पहना लेकिन बच्चे को पहना रहे हैं। कोरोना से इनकी सुरक्षा के लिए z plus सिक्योरिटी है
  • Claimed By : twitter User: राष्ट्रहित सर्वोपरि
  • Fact Check : झूठ
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