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Fact Check: युवतियों के साथ छेड़खानी का यह वीडियो मई 2017 का है, भ्रामक दावा वायरल

युवतियों से छेड़छाड़ की यह घटना 28 मई 2017 की है। रामपुर पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों को पकड़ लिया था। उस समय प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। यह घटना सपा सरकार में नहीं हुई थी।

  • By Vishvas News
  • Updated: February 17, 2022
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। यूपी चुनाव 2022 को लेकर सोशल मीडिया पर 1 मिनट का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुछ युवक-युवतियों से छेड़खानी कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह घटना सपा सरकार के समय की है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो मई 2017 का है। उस समय उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर रासुका की धारा भी लगाई थी।

क्या है वायरल पोस्ट में

फेसबुक यूजर Sushma Mishra (आर्काइव) ने 15 फरवरी को यह वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा,
यह वीडियो पूर्ववर्ती सपा सरकार के समय का है..अगर आप इसे फिर से अपनाने को तैयार हैं तो ही विपक्ष को चुनें..
रोक सिर्फ योगी जी ही लगा सकते हैं

ट्विटर यूजर Ashish Tiwari (आर्काइव) ने भी इस वीडियो को पोस्ट करते हुए समान दावा किया।

पड़ताल

वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले InVID टूल की मदद से कुछ फ्रेम्स निकाले। इनको रिवर्स इमेज से सर्च करने पर हमें aajtak में 28 मई 2017 को पब्लिश वीडियो न्यूज मिली। इसमें वायरल वीडियो भी पब्लिश है। खबर के मुताबिक, घटना रामपुर की है। युवती अपने भाई व बहन के साथ घर जा रही थी। रास्ते में गाड़ी में पेट्रोल खत्म होने पर युवक अपनी बहनों को छोड़कर पेट्रोल लेने चला गया। इस बीच 10—12 लड़कों ने युवतियों पर हमला बोल दिया और उनसे छेड़खानी की। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 14 लड़कों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

वीडियो की और पड़ताल करने पर हमें 14 फरवरी को यूपी पुलिस के ट्विटर अकाउंट @UPPViralCheck से किया गया ट्वीट मिला। इसमें लिखा है कि वायरल वीडियो वर्ष 2017 का है। थाना टांडा में मामला दर्ज कर आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।

14 फरवरी को रामपुर पुलिस ने भी ट्वीट किया है कि इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था और उन पर रासुका के तहत कार्रवाई हुई थी।

इस बारे में रामपुर में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ मुसलीमीन का कहना है, वायरल वीडियो 28 मई 2017 का है। उस समय प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री थे। सपा सरकार से इसका कोई संबंध नहीं है।

वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Sushma Mishra की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। वह एक राजनीतिक विचारधारा से प्रेरित हैं।

निष्कर्ष: युवतियों से छेड़छाड़ की यह घटना 28 मई 2017 की है। रामपुर पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों को पकड़ लिया था। उस समय प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। यह घटना सपा सरकार में नहीं हुई थी।

  • Claim Review : युवतियों के साथ छेड़खानी का यह वीडियो सपा सरकार के समय का है
  • Claimed By : Fb User- Sushma Mishra
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