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Fact Check: पाकिस्तानी मौलाना के बयान को भारत का बता कर किया जा रहा है वायरल

  • By Vishvas News
  • Updated: April 16, 2020

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर आज कल एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक मौलाना को यह बोलते सुना जा सकता है कि अगर सरकार ने मस्जिद बंद करने की बात की तो लोगों को इसे बर्दाश्त नहीं करना चाहिए और इसका विरोध करना चाहिए। वीडियो को शेयर करते हुए कुछ भारतीय यूजर यह दावा करने की कोशिश कर रहे हैं कि यह घटना भारत की है। विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा भ्रामक है। असल में यह वीडियो पाकिस्तान का है।

क्या हो रहा है वायरल?

वायरल वीडियो में एक मौलाना को यह बोलते सुना जा सकता है कि अगर सरकार ने मस्जिद बंद करने की बात की तो लोगों को इसे बर्दाश्त नहीं करना चाहिए और इसका विरोध करना चाहिए। वीडियो के साथ डिस्क्रिप्शन में लिखा है, “मौलाना का ऐलान…मस्जिदों को खाली कराने का हुक्म हुआ तो हम मैदान में उतर जायेंगें।”

इस पोस्ट का फेसबुक लिंक यहां और आर्काइव लिंक यहां है।

पड़ताल

इस वीडियो की पड़ताल के लिए हमने इस वीडियो के की-फ्रेम्स निकाले और फिर उन्हें गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। हमें उस्मान अली नाम के एक यूजर का ट्वीट मिला, जिसमें इसी वीडियो को पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा था – “The video that led to the arrest of Muft Kifayatullah in District #Mansehra. Everytime I watch this clip, every time I pray that may Allah have mercy on us and may Allah saves us from idiots. #CoronavirusLockdown#WeStandWith_MuftiMuneeb#Lockdown2” जिसका हिंदी अनुवाद होता है “यही वो वीडियो है जिसके कारण जिला # मानसेहरा में मुफ़्ती किफ़ायतुल्लाह की गिरफ़्तारी हुई। जितनी बार मैं यह क्लिप देखता हूं, हर बार मैं प्रार्थना करता हूं कि अल्लाह हम पर दया करे और अल्लाह हमें बेवकूफों से बचाए। # ” इस ट्वीट के अनुसार, यह वीडियो पाकिस्तान का है और वीडियो में बोलने वाला व्यक्ति मुफ़्ती किफ़ायतुल्लाह है।

हमने इस ट्वीट में दी गयी जानकारी को जब इंटरनेट पर सर्च किया तो हमारे हाथ paktribune.com की 16 अप्रैल की एक खबर लगी। खबर के अनुसार, मुफ्ती किफ़ायतुल्लाह के एक भाषण, जिसमें वे कोरोना संकट के दौरान भी लोगों को मस्जिदों में नमाज़ अदा करने के लिए प्रेरित करते और मस्जिदों को बंद करने के सरकार के फैसले के खिलाफ बोलते दिखे, के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

हमें यह खबर पाकिस्तानी वेबसाइट samaa.tv पर भी मिली।

इस विषय में ज़्यादा पुष्टि के लिए हमने samaa.tv के कराची ब्यूरो के डिप्टी एडिटर इक़बाल शौकील से बात की। उन्होंने हमें बताया, “वीडियो में दिख रहे व्यक्ति मुफ़्ती किफ़ायतुल्लाह ही हैं, जिन्हें गिरफ्तार करके 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। यह वीडियो मानसेहरा का है जहां ये एक उलेमा के अंतिम संस्कार में भाग लेने पहुंचे थे।”

अंत में हमने फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की। हमें पता चला कि ‘एक स्वयंसेवक’ नाम के इस पेज को फेसबुक पर 44,081 लोग फॉलो करते हैं और इस पेज को दिल्ली से चलाया जाता है।

Disclaimer: विश्वास न्यूज की कोरोना वायरस (COVID-19) से जुड़ी फैक्ट चेक स्टोरी को पढ़ते या उसे शेयर करते वक्त आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि जिन आंकड़ों या रिसर्च संबंधी डेटा का इस्तेमाल किया गया है, वह परिवर्तनीय है। परिवर्तनीय इसलिए क्योंकि इस महामारी से जुड़े आंकड़ें (संक्रमित और ठीक होने वाले मरीजों की संख्या, इससे होने वाली मौतों की संख्या ) में लगातार बदलाव हो रहा है। इसके साथ ही इस बीमारी का वैक्सीन खोजे जाने की दिशा में चल रहे रिसर्च के ठोस परिणाम आने बाकी हैं, और इस वजह से इलाज और बचाव को लेकर उपलब्ध आंकड़ों में भी बदलाव हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि स्टोरी में इस्तेमाल किए गए डेटा को उसकी तारीख के संदर्भ में देखा जाए।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा भ्रामक है। असल में यह वीडियो पाकिस्तान का है।

  • Claim Review : मौलाना का ऐलान...मस्जिदों को खाली कराने का हुक्म हुआ तो हम मैदान में उतर जायेंगें
  • Claimed By : एक स्वयंसेवक
  • Fact Check : झूठ
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