Fact Check: बंगाल में SIR के खिलाफ हुए प्रदर्शन का वीडियो UGC के निए नियमों के विरोध का बताकर वायरल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की पड़ताल की तो पता चला कि इसे गलत संदर्भ के साथ शेयर किया जा रहा है। जांच में सामने आया कि यह वीडियो यूजीसी के नए नियम से जुड़े किसी प्रदर्शन का नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के हरिहरपाड़ा में SIR के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।
- By: Umam Noor
- Published: Feb 5, 2026 at 04:00 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए समता विनियमन (इक्विटी रेगुलेशन) पर देश कु कुछ हिस्सों में हुए प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोगों को सड़क पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का वीडियो है।
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की पड़ताल की तो पता चला कि इसे गलत संदर्भ के साथ शेयर किया जा रहा है। जांच में सामने आया कि यह वीडियो यूजीसी से जुड़े किसी प्रदर्शन का नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के हरिहरपाड़ा में SIR के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ‘हरिंदर यादव’ ने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “मो शा के पोस्टर पर जूते.. UGC के नए कानून के विरोध में देश भर में सामान्य वर्ग (सवर्ण) सड़कों पर उतर आया है। विरोध प्रदर्शन में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पुतलों पर जूते बरसाये जा रहे हैं। ये ग़लत बात है। देश के नॉन बायोलॉजिकल मुखिया और आधुनिक चाणक्य की तस्वीरों के साथ इस तरह का सुलूक निंदनीय है। किसी भी बात का विरोध गांधीवादी तरीके से होना चाहिए।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वीडियो के की- फ्रेम्स को गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च में हमें यह वीडियो कई सोशल मीडिया हैंडल पर 21 जनवरी 2026 को अपलोड किया हुआ मिला। यहां दी गई जानकारी के अनुसार, यह पश्चिम बंगाल के हरिहरपाड़ा बाजार में हुए प्रदर्शन का वीडियो है।
इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें बंगाल के ‘डे न्यूज’ के फेसबुक पेज पर वायरल वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। 21 जनवरी 2026 को वीडियो को अपलोड करते हुए मुर्शिदाबाद के हरिहरपाड़ा का बताया गया है।
वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने ‘डे न्यूज’ को चलाने वाले देव कुमार दास से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल किया जा रहा वीडियो मुर्शिदाबाद का है और यह एसआईआर के खिलाफ हुए प्रदर्शन का है।
न्यूज सर्च किए जाने पर हमें 19 जनवरी 2026 की बंगाली इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट पर इस मामले से जुड़ी एक खबर मिली। खबर में बताया गया, पश्चिम बंगाल के हरिहरपाड़ा में SIR के नाम पर आम लोगों को परेशान करने के आरोप में विरोध प्रदर्शन हुआ। सोमवार शाम हरिहरपाड़ा किसान मंडी से विधायक नियामत शेख के नेतृत्व में सोमवार शाम को बड़ा विरोध मार्च निकाला गया। यह मार्च बस स्टैंड तक पहुंचकर सड़क जाम में बदल गया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयुक्त के पुतले जलाए गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि SIR के नाम पर आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
अब बारी थी फर्जी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर ‘हरिंदर यादव’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 58 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की पड़ताल की तो पता चला कि इसे गलत संदर्भ के साथ शेयर किया जा रहा है। जांच में सामने आया कि यह वीडियो यूजीसी के नए नियम से जुड़े किसी प्रदर्शन का नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के हरिहरपाड़ा में SIR के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।
- Claim Review : यह यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का वीडियो है।
- Claimed By : फेसबुक यूजर 'हरिंदर यादव'
- Fact Check : भ्रामक
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