Fact Check: SIR की वजह से बॉर्डर पार कर रहे बांग्लादेशियों के दावे से वायरल वीडियो बांग्लादेश का है
हमारी जांच में पता चला कि वायरल वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है। इसे एसआईआर से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
- By: Umam Noor
- Published: Nov 20, 2025 at 05:47 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। एसआईआर से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोगों को एक नदी पार करने के लिए लाइन में लगे हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए यूजर दावा कर रहे हैं कि एसआईआर की वजह से बांग्लादेशी बांग्लादेश लौटने लगे हैं और यह इसी मामले का वीडियो है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश का है। बांग्लादेश के वीडियो को एसआईआर से जोड़कर फैलाया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “SIR का आतंक बांग्लादेशी भागने लगे बांग्लादेश! #अंतर्राष्ट्रीय_हिंदू_सेना।’
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।
पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के एक की-फ्रेम निकाल कर सर्च किया। सर्च किए जाने पर हमें बांग्लादेश से चलाये जाने पर एक फेसबुक ग्रुप पर वायरल वीडियो के ही मंजर की एक तस्वीर अपलोड की हुई मिली। 31 दिसंबर 2024 की इस पोस्ट में तस्वीर को महेशखाली घाट का बताया गया है।
इसी बुनियाद पर की-वर्ड के साथ हमने न्यूज सर्च किया। सर्च में हमें itvbd डॉट कॉम 11 नवंबर 2025 की खबर के अनुसार, मोंगला नदी पार करने के लिए हर दिन करीब दो लाख लोग टूटे हुए पुराने घाट की जगह बने लकड़ी के अस्थायी घाट का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह घाट बहुत खतरनाक है। नाव पर चढ़ते समय लोग अक्सर फिसल जाते हैं और हादसे हो जाते हैं। ज्वार के समय यह घाट और भी ज्यादा जोखिम भरा हो जाता है। प्रशासन की सही निगरानी न होने से ट्रॉलर चालक जरूरत से ज्यादा यात्रियों को बैठाकर नदी पार कराते हैं। नगरपालिका प्रशासन ने कहा है कि नदी पर एक सस्पेंशन ब्रिज बनाया जाएगा।
सर्च किये जाने पर हमें इंडिपेंडेंट टीवी के यूट्यूब चैनल पर भी इसी जगह का वीडियो मिला। जानकारी के अनुसार, यह मंगोला घाट है, जहां खराब हालत के बावजूद लोग नदी पार कर रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की 20 नवंबर की की रिपोर्ट के अनुसार, “एसआईआर की घोषणा के बाद हाकिमपुर बॉर्डर पर ‘रिवर्स एक्सोडस’ जैसा हाल बन गया है। बीएसएफ अधिकारियों के मुताबिक, नवंबर के पहले हफ्ते से हर दिन करीब 150–200 अवैध बांग्लादेशी भारत छोड़कर लौटने की कोशिश कर रहे हैं। एसआईआर के तहत बूथ-लेवल अधिकारी घर-घर दस्तावेज जांच रहे हैं, जिससे जिनके पास भारतीय पहचानपत्र नहीं है या जिनके कागज संदिग्ध हैं, वे पकड़े जाने से डर रहे हैं। कई प्रवासी मानते हैं कि अगर वे बांग्लादेश लौट जाएं, तो उनके दस्तावेज दिखाकर ‘पुशबैक’ प्रक्रिया से आसानी से वापस भेज दिया जाएगा।” रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई महिलाएं, बुज़ुर्ग और बच्चे बॉर्डर पर अपने बैग के साथ बैठे मिले हैं।
चुनाव आयोग ने हाल ही में एसआईआर का दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस चरण में 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल होंगे। इनमें अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। आयोग के अनुसार, इस प्रक्रिया का मकसद मतदाता सूची से सही लोगों के नाम जोड़ना और गलत या दोहराए गए नाम हटाना है।
वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने बांग्लादेश के पत्रकार सज्जाद हुसैन चौधरी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया, यह बांग्लादेश का ही वीडियो है। यह बागेरहाट जिले का मोंगला पोर्ट है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 43 हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: हमारी जांच में पता चला कि वायरल वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है। इसे एसआईआर से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : एसएआर के डर की वजह से पश्चिम बंगाल में रह रहे बांग्लादेशी बांग्लादेश लौटने लगे हैं और यह इसी मामले का वीडियो है।
- Claimed By : FB User- Day Care Home -crech
- Fact Check : झूठ
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