Fact Check: बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर वकीलों के प्रदर्शन करने का नहीं है यह वीडियो
वकीलों के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वीडिया का बिहार चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Nov 24, 2025 at 05:59 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर वकीलों के एक वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को रद्द करवाने के लिए सामने आए हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि वकीलों ने ‘वोट चोरी’ के आरोप को लेकर सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शन किया है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वीडिया का बिहार चुनाव से कोई संबंध नहीं है। असल में यह वडियो इलाहाबाद हाई कोर्ट के बार काउंसिल चुनाव अभियान का है, जिसे अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। यह वीडियो इंटरनेट पर 19 अक्टूबर 2025 से मौजूद है, जबकि बिहार चुनाव के नतीजे 14 नवंबर 2025 को आये थे।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘rakeah__ydv’ ने 16 नवंबर 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, ‘चुनाव रद्द होना चाहिए।’
वीडियो पर लिखा हुआ है, ‘चुनाव रद होगा …सुप्रिम कोर्ट…भो## चो## के किलाफ’
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें इस दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम इनविड टूल की मदद से निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल हो रहा वीडियो ‘adityahunter1157’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। वीडियो को 19 अक्टूबर 2025 को शेयर किया गया था। वीडियो के कैप्शन में ‘वोट चोरी’ के आरोपों या प्रदर्शन से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी गई है। सिर्फ आदित्य सिंह हंटर का नंबर दिया गया है। हमने आदित्य सिंह हंटर के इंस्टाग्राम अकाउंट को खंगालना शुरू किया। हमने पाया कि आदित्य सिंह हंटर इलाहाबाद हाई कोर्ट में वकील हैं।

हमने आदित्य सिंह हंटर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो इलाहाबाद हाई कोर्ट के बार काउंसिल चुनाव अभियान का है, जिसे अब लोग गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह का कोई प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। यह वीडियो सुप्रीम कोर्ट का नहीं है, बल्कि इलाहाबाद हाई कोर्ट का है और करीब पांच महीने पुराना है।
दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 15 नवंबर 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए 243 में से 202 सीटें जीतीं। भाजपा ने 89 और जदयू ने 85 सीटें हासिल कीं।’
हमारी अब तक की पड़ताल से यह साफ होता है कि यह वीडियो इंटरनेट पर 19 अक्टूबर 2025 से मौजूद है, जबकि बिहार चुनाव के नतीजे 14 नवंबर 2025 को आये थे।
दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 29 जुलाई 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडेय ‘बबुआ’ हाई कोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद (HCBA) के तीसरी बार अध्यक्ष और अखिलेश कुमार शर्मा पहली बार महासचिव निर्वाचित हुए हैं। दोनों पदों के लिए मंगलवार दोपहर 83 राउंड में 8,332 मतों की गिनती पूरी हो गई।’
अंत में हमने वीडियो को फर्जी दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के इंस्टाग्राम अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 1,042 लोग फॉलो करते हैं। यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट्स को शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वकीलों के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वीडिया का बिहार चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
- Claim Review : 'वोट चोरी' का आरोप लगाकर वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में किया प्रदर्शन।
- Claimed By : Inst User rakeah__ydv_
- Fact Check : झूठ
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