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Fact Check : अखिलेश यादव की तस्‍वीर का इस्‍तेमाल करके बनाया गया फेक ट्वीट

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में अखिलेश यादव की तस्‍वीर का इस्‍तेमाल करके वायरल किया गया ट्वीट फेक निकला।

  • By Vishvas News
  • Updated: March 16, 2022

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। यूपी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की हार के बाद से एक फेक ट्वीट वायरल हो रहा है। अखिलेश यादव की तस्‍वीर का इस्‍तेमाल करते हुए इस ट्वीट को ऐसे वायरल किया जा रहा है कि यूजर्स इसे सपा प्रमुख का समझकर वायरल कर रहे हैं। ट्वीट में लिखा गया है कि रैलियों में इतना ज्‍यादा जनसैलाब देखकर मैं बहक गया था। ट्वीट को ऐसे बनाया गया है कि लग रहा है कि यह अखिलेश यादव का है। इसमें आगे कहा गया है कि सपा कार्यकर्ता फ्री का दारू मुर्गा खाने खाते थे। विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। यह ट्वीट फेक साबित हुआ। अखिलेश यादव की तस्‍वीर का इस्‍तेमाल करते हुए इसे बनाया गया।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर राजू दास अयोध्‍या ने 15 मार्च को एक ट्वीट का स्‍क्रीनशॉट पोस्‍ट करते हुए लिखा : ‘मुझे नहीं लगता पर ऐसा लिखा अखिलेश यादव जी ने तो गलत है चुनाव हारने के बाद पहले ओमप्रकाश राजभर ने OBC को अनपढ़,गंवार नासमझ कहा और अब अखिलेश यादव ने यादवों को मुर्गा दारू के भूखे कहा।’

ट्वीट में लिखा गया : ‘रैलियों में इतनी ज्‍यादा जनसैलाब देखकर मैं बहक गया था, मुझे लगा इस बार हम 400+ सीटे जीतेंगे परंतु मुझे नहीं मालूम था कि ये सपाई कार्यकर्ता सिर्फ फ्री का दारू मुर्गा खाने आते थे शर्मनाक।’

फेसबुक व ट्विटर के कंटेंट को यहां हूबहू लिखा गया है। इसके आर्काइव्ड वर्जन को यहां देखा जा सकता है। दूसरे सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर भी अन्य यूजर ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए कुछ इसी तरह का दावा किया।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल ट्वीट को ध्‍यान से देखा। इसमें ट्विटर हैंडल का नाम @yadavakalesh लिखा गया, जबकि अखिलेश यादव के वेरिफाइड ट्विटर हैंडल का आईडी @yadavakhilesh है। मतलब साफ था कि वायरल ट्वीट फेक है।

वायरल ट्वीट में 11 मार्च की डेट दी गई थी। इसलिए हमने अखिलेश यादव के ओरिजनल हैंडल पर 11 मार्च की तारीख को किए गए ट्वीट को स्‍कैन किया। पता चला कि उस दिन अखिलेश यादव ने दो ट्वीट किया था। वायरल ट्वीट जैसा कोई ट्वीट हमें यहां नहीं मिला।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए विश्‍वास न्‍यूज ने सपा के प्रवक्‍ता राजीव राय से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि यह फेक है।

विश्‍वास न्‍यूज ने फेक और असली ट्वीट का तुलनात्‍मक अध्‍ययन भी किया। इसे आप नीचे देख सकते हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल के अंत में फेसबुक यूजर राजू दास अयोध्‍या की सोशल स्‍कैनिंग की। पता चला कि यूजर एक विचारधारा से प्रभावित है। इसके चार हजार से ज्‍यादा फ्रेंड हैं। अयोध्‍या के रहने वाले इस यूजर को 63 हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में अखिलेश यादव की तस्‍वीर का इस्‍तेमाल करके वायरल किया गया ट्वीट फेक निकला।

  • Claim Review : अखिलेश यादव का ट्वीट
  • Claimed By : फेसबुक यूजर राजू दास अयोध्‍या
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