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Fact Check: UGC के नए नियमों के विवाद के बीच मध्‍य प्रदेश के CM ने नहीं दिया वायरल बयान, फर्जी पोस्‍ट वायरल

पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। यूजीसी के नए नियमों के विवाद के बीच मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि वायरल पोस्‍ट में दावा किया गया है।

नई दिल्‍ली (विश्वास न्‍यूज)। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही यूजीसी के नए नियमों पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी हो, लेकिन उनसे जोड़कर सोशल मीडिया पर अभी भी कई फर्जी व भ्रामक पोस्‍ट वायरल हो रहे हैं। अब इसी क्रम में मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव का एक बयान वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि उन्‍होंने कहा है कि सवर्ण आंदोलन के पीछे विदेशी फंडिंग है।

इस पोस्‍ट में एक न्‍यूज चैनल के टेम्पलेट का इस्‍तेमाल किया गया है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इसे हालिया बयान समझकर वायरल कर रहे हैं। विश्वास न्‍यूज की पड़ताल में यह फर्जी साबित हुआ।

क्‍या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘सनातनी राजीव मानव्य’ ने 29 जनवरी 2026 को एक पोस्‍ट करते हुए लिखा, “सभासद बनने की औकात नहीं है! मोदी कृपा से मुख्यमंत्री बने हैं। पाकिस्तान से आ रही है फंडिंग। और कुछ भी??”

विश्वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने पड़ताल की शुरूआत करने से पहले वायरल ग्राफिक को ध्‍यान से देखा। इसमें हमें बंसल न्‍यूज का लोगो नजर आया। इसके अलावा 20 सितंबर की तारीख लिखी हुई नजर आई। मुख्‍यमंत्री मोहन यादव के नाम से पहले बीजेपी विधायक भी लिखा हुआ नजर आया।

विश्वास न्‍यूज ने सबसे पहले बंसल न्‍यूज के नाम पर वायरल ग्राफिक को गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। हमें बंसल न्‍यूज की वेबसाइट पर 31 जनवरी 2026 को पब्लिश एक खबर मिली। इसमें वायरल ग्राफिक को फर्जी बताते हुए लिखा गया, “यूजीसी के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट वायरल किया जा रहा है। इस स्क्रीनशॉट में फर्जी तरीके से बंसल न्यूज के लोगो का इस्तेमाल किया गया है। स्क्रीनशॉट में मुख्यमंत्री मोहन यादव की फोटो लगाकर भ्रामक खबर के तौर पेश किया जा रहा है। बंसल न्यूज इसकी कड़ी निंदा करता है। साथ ही बंसल न्यूज इस फर्जीवाड़े के खिलाफ साइबर क्राइम में शिकायत भी करने जा रहा है। बंसल न्यूज ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।” इससे जुड़ी खबर हमें बंसल न्‍यूज के यूट्यूब चैनल पर भी मिली। इसे नीचे देखा जा सकता है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल किया। कीवर्ड से सर्च करने पर हमें कई न्‍यूज वेबसाइट पर पुरानी खबरें मिलीं। पत्रिका डॉट कॉम पर 20 सितंबर 2018 को पब्लिश खबर में लिखा गया, “एससी-एसटी एक्ट संशोधन के विरोध में सवर्ण आंदोलन को लेकर बीजेपी विधायक मोहन यादव का एक बयान शाम तक चलता रहा। इसके बाद बीजेपी विधायक ने बयान को खारिज करते हुए कहा कि सवर्ण और करनी सेना को लेकर मेरे हवाले से झूठी जानकारी दी गई, जिसे मैं खारिज करता हूं। सुबह से ही सोशल मीड़िया पर बीजेपी विधायक मोहन यादव का विवादित बयान वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि सवर्ण आंदोलन के पीछे विदेशी फंडिंग की जा रही है। सिमी और इस्लामिक कट्टरपंथी हिन्दू समाज को खण्ड-खण्ड करने की साजिश रच रहे हैं। सिलिकॉन वैली से भी फंडिंग हो रही है। सवर्ण आंदोलन पर समूचे हिन्दू समाज को लेकर सोचना होगा।”

विश्वास न्‍यूज की पड़ताल में अब तक यह स्‍पष्‍ट हो गया कि 2018 में एससी/एसटी एक्ट विरोधी सवर्ण आंदोलन के वक्‍त उज्‍जैन के विधायक मोहन यादव के एक बयान के बाद विरोध हो गया था। जिसके बाद उन्‍होंने बयान को गलत बताते हुए उसका खंडन किया था।

बीबीसी हिंदी की वेबसाइट पर 29 जनवरी को छपी खबर के अनुसार, “सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थान में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026’ पर फिलहाल रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, ‘यूजीसी प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेग्युलेशंस 2026’ के प्रावधानों में प्रथम दृष्टया अस्पष्टता है और इनके दुरुपयोग की आशंका है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। बता दें कि यूजीसी ने 13 जनवरी को नए नियम जारी किए थे।”

विश्वास न्‍यूज ने अधिक जानकारी के लिए नईदुनिया, मध्‍य प्रदेश के ब्यूरो प्रमुख धनंजय प्रताप सिंह से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया, “यूजीसी के नए नियमों को लेकर हुए विवाद के बीच मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि वायरल पोस्‍ट में दिखाया गया है। यह पोस्‍ट फर्जी है।”

पड़ताल के अंत में फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर सनातनी राजीव मानव्‍य की सोशल स्‍कैनिंग की गई। यूजर यूपी के नगीना में रहता है। यूजर को करीब छह हजार लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट सितंबर 2018 को बनाया गया।

निष्‍कर्ष: विश्वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। यूजीसी के नए नियमों के विवाद के बीच मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि वायरल पोस्‍ट में दावा किया गया है।

  • Claim Review : मोहन यादव ने कहा कि सवर्ण आंदोलन को हो रही है विदेश से फंडिंग
  • Claimed By : FB User Sanatani Manav
  • Fact Check : झूठ

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