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Fact Check: प्रयागराज हिंसा के उपद्रवियों का नहीं है यह वीडियो, वायरल दावा गलत

प्रयागराज उपद्रवियों के नाम से वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि राजस्थान का है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सिर मुंडवाकर कान पकड़कर माफी मांगते हुए पुलिस के साथ चलते कुछ लोगों का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रयागराज में हुई हिंसा में शामिल उपद्रवियों का है, जिन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस ने सबक सिखाया है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि राजस्थान का है और करीब एक महीने पुराना है। दरअसल, राजस्थान पुलिस ने 12 लोग को पेट्रोल पंप की लूट की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘अजय सूर्यवंशी’ ने 3 जुलाई 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “प्रयागराज के हुड़दंगियो का बाबा की पुलिस ने क्या हाल कर दिया है, अब सबका इंजन सेट है।”

पोस्ट के आर्काइव का लिंक यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट एनडीटीवी राजस्थान की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 3 जून 2025 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “राजस्थान पुलिस ने 3 जून को बारां में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पेट्रोल पंप लूट की योजना बना रहे बदमाशों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों के सिर मुंडवाए और फिर पूरे शहर में पैदल परेड निकाली। इस दौरान सभी आरोपी हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए. इस कार्रवाई को लेकर एडिशनल एसपी राजेश चौधरी ने बताया कि चोरी, लूट और डकैती की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिले में सघन गश्त की जा रही है।”

अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पर देखा जा सकता है।

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी दो पोस्ट बारां पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मिली। पोस्ट को 1 जून 2025 को शेयर किया गया था। पहली पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया है, “उनके कब्जे से मिले 04 देसी कट्टे 02 कारतूस तथा 01 चाकू सहित लाल मिर्च पावडर, टैप व रस्सी को किया जब्त।”

दूसरी पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “पेट्रोल पंप लूट की योजना बनाते 07 गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से मिले 01 पिस्टल 01 तलवार 01 चाकू तथा लाल मिर्च पाउडर व 01 लोहे के पाइप को किया जब्त।”

पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज ने 4 जुलाई 2025 को एक पोस्ट को शेयर करते हुए वायरल दावे को गलत बताया है। पुलिस ने बताया है, “पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज के नाम पर वायरल यह प्रकरण राजस्थान के बारां में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पेट्रोल पंप लूट की योजना बना रहे बदमाशों को गिरफ्तार करने से सम्बन्धित है। सोशल मीडिया पर प्रसारित यह पोस्ट असत्य एवं भ्रामक है। यह वीडियो जनपद प्रयागराज से सम्बन्धित नही है। प्रयागराज पुलिस उक्त भ्रामक/असत्य पोस्ट का खण्डन करती है।”

अधिक जानकारी के लिए हमने राजस्थान के स्थानीय पत्रकार संतोष पांडेय से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो एक महीने पुराना है। पुलिस ने करीब 12 आरोपियों को पेट्रोल पंप की लूट की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 

आजतक की वेबसाइट पर एक जुलाई 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “13 अप्रैल को अनुसूचित जाति के देवीशंकर की हत्या के विरोध में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को मृतक के परिवार वालों से मिलने आना था। उसके बाद कौशांबी में पाल समाज की 8 साल की लड़की के साथ हुई घटना को लेकर वहां भी जाना था, लेकिन पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर उन्हें प्रयागराज सर्किट हाउस में नजरबंद कर लिया। इसी के विरोध में समर्थकों ने रविवार को हिंसक प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, पथराव हुआ, इसके अलावा कई बाइक में आग भी लगा दी गई।”

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से प्रेरित पोस्ट को शेयर करता है। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया है। यूजर को 25 हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि प्रयागराज उपद्रवियों के नाम से वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि राजस्थान का है। दरअसल, राजस्थान पुलिस ने 12 लोग को पेट्रोल पंप की लूट की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 

  • Claim Review : प्रयागराज हिंसा के उपद्रवियों को यूपी पुलिस ने सिखाया सबक।
  • Claimed By : FB User अजय सूर्यवंशी
  • Fact Check : झूठ

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