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Fact Check : लखनऊ में पुलिसिया कार्रवाई में नहीं हुई ई-रिक्‍शा चालक की मौत, झूठा सांप्रदायिक दावा वायरल

लखनऊ के निशातगंज में पुलिस की पिटाई से ई-रिक्शा ड्राइवर नूर मोहम्‍मद बेहोश हो गया था। जिसके बाद उसे अस्‍पताल ले जाया गया था। मौत की बात एकदम झूठ है।

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि लखनऊ में निशातगंज चौराहे के पास पुलिस की पिटाई से एक मुस्लिम ई रिक्‍शा चालक की मौत हो गई। इस दावे को सच समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स इसे वायरल कर रहे हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। पता चला कि लखनऊ के निशातगंज में पुलिस की पिटाई से ई-रिक्शा ड्राइवर नूर मोहम्‍मद बेहोश हो गया था। जिसके बाद उसे अस्‍पताल ले जाया गया था। मौत की बात एकदम झूठ है। हमारी जांच में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल कर रहे हैं। इसे लेकर लखनऊ पुलिस की ओर से केस भी दर्ज किया गया है।

क्‍या हो रहा है वायरल

मुह़म्मद दानिश अंसारी नाम के एक फेसबुक यूजर ने 14 मार्च को एक वीडियो अपलोड करते हुए दावा किया, “ये सौ प्रतिशत सच है कि अगर पुलिस प्रशासन को सत्ता का संरक्षण प्राप्त होता है तो वह निरंकुश हो जाता है। लखनऊ में निशातगंज चौराहे के पास रोजगार मुस्लिम ई रिक्शा चालक को पुलिस के द्वारा मारा गया है, जिसकी वजह से सड़क पर ही तुरंत उसकी मौत हो गई। तुम्हें पहचानते हैं हम कहीं भी चुप ना पाओगे।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आकाईव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट में किए गए दावे की सच्‍चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल किया। संबंधित दावे के आधार पर कीवर्ड बनाकर सर्च करने पर हमें कई खबरें मिलीं। इन खबरों में ई रिक्‍शा चालक के बेहोश होने की जानकारी मिली। किसी भी खबर में मौत की बात नहीं लिखी गई।

भास्‍कर डॉट कॉम पर पब्लिश खबर में बताया गया कि लखनऊ के निशातगंज में पुलिस की पिटाई से ई-रिक्शा ड्राइवर नूर मोहम्‍मद बेहोश हो गया। पुलिस चौकी के बाहर चालकों ने जमकर बवाल किया। पुलिस के अनुसार, ई रिक्‍शा के अतिक्रमण हटाने के लिए एक व्‍यक्ति को हल्‍की चोटें आईं थीं। उसे इलाज के लिए सिविल अस्‍पताल भेजा गया। पूरी खबर यहां पढ़ें।

इसी तरह फ्रीप्रेस जर्नल की वेबसाइट पर मौजूद एक खबर में वायरल वीडियो के ग्रैब का इस्‍तेमाल करते हुए लिखा गया कि लखनऊ के निशातगंज इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान नूर मोहम्‍मद नाम का एक ई रिक्‍शा चालक बेहोश हो गया था। उसे अस्‍पताल ले जाया गया। खबर में मौत का कहीं जिक्र नहीं था। 8 मार्च को पब्लिश इस खबर से यह स्‍पष्‍ट हो गया कि मौत की खबर मात्र अफवाह थी।

जांच के दौरान हमने लखनऊ पुलिस के एक्‍स हैंडल को स्‍कैन किया। हमें 9 मार्च का एक पोस्‍ट मिला। इसमें पुलिस की ओर से बताया गया, “थाना महानगर क्षेत्र में अतिक्रमण (ई-रिक्शा) हटाने की प्रक्रिया के दौरान एक व्यक्ति को मामूली चोटें आई थीं, जिनका प्राथमिक उपचार कर चिकित्सकों द्वारा तत्काल उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया था। उक्त व्यक्ति पूर्णतः सुरक्षित हैं और उनकी मृत्यु संबंधी सभी खबरें असत्य एवं निराधार हैं। सोशल मीडिया पर उक्त व्यक्ति की मृत्यु की अफवाह फैलाने वाले शरारती तत्वों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की गई है। अब तक 18 सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान कर उनके विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है। सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें फैलाने से बचें। ऐसा करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कृपया सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।”

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल के दौरान दैनिक जागरण, लखनऊ के इनपुट हेड अम्बिका वाजपेयी से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि वायरल वीडियो में किया गया दावा फेक है। कुछ दिन पहले अतिक्रमण हटाने के दौरान एक ई रिक्‍शा चालक को अस्‍पताल ले जाया गया था। मौत वाली बात एकदम झूठी है।

पड़ताल के अंत में फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की गई। मुह़म्मद दानिश अंसारी के फेसबुक पर 1.5 हजार फ्रेंड हैं। यूजर मेरठ में रहता है।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। लखनऊ में ई रिक्‍शा वालों का अतिक्रमण हटाने के दौरान एक ई रिक्‍शा चालक को अस्‍पताल भेजा गया था। उसी के वीडियो को कुछ लोगों ने झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल कर दिया।

  • Claim Review : लखनऊ में पुलिस पिटाई में ई रिक्‍शा चालक की पिटाई
  • Claimed By : FB User mohammad danish ansari
  • Fact Check : झूठ

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